‘ये हिंदुओं की जीत’, BCCI ने मुस्तफिजुर रहमान को IPL से किया बाहर… तो संगीत सोम ने दिया बयान
मुस्तफिजुर रहमान पर BCCI के फैसले के बाद बीजेपी नेता संगीत सोम ने इसका स्वागत करते हुए कहा है कि, ‘ये हिंदुओं जीत है.’
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बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को BCCI ने कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम से बाहर निकालने का निर्देश दिया है. बोर्ड के इस फैसले का लोगों ने स्वागत किया है. बीजेपी नेता संगीत सोम ने इस फैसले को भारत के हिंदुओं की जीत तक बता दिया है. लेकिन सवाल ये है कि क्या यह बीजेपी के दोहरे चरित्र को नहीं दर्शाता है? एक कहावत है, ‘मीठा-मीठा गप-गप, कड़वा-कड़वा थू-थू’, ये कहावत फ़िलहाल बीजेपी के कुछ नेताओं पर फिट बैठती है.
BCCI का निर्णय हिंदुओं की जीत- संगीत सोम
संगीत सोम ने बीसीसीआई के निर्णय को हिंदुओं की जीत बताया है. उन्होंने ANI के साथ बातचीत में कहा, “भारत देश के 100 करोड़ सनातनियों की भावनाओं को समझते हुए जो बीसीसीआई ने जो निर्णय लिया है, उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद और हमने कल ही आप लोगों से कहा था कि आप लोग निश्चिंत रहिए कि भारत सरकार और बीसीसीआई इस पर कोई संज्ञान लेगी. 100 करोड़ हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है.”
एक तरफ़ मुस्तफिजुर का विरोध, दूसरी तरफ़ शेख हसीना की मेहमानवाजी?
अब सवाल ये है कि क्या ये राजनीति के दोहरे चरित्र को नहीं दर्शाता है? आपको याद होगा एशिया कप, जब पहलगाम अटैक के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच हो रहे मैच पर विवाद हुआ था, और लोग पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच को बॉयकॉट करने की माँग कर रहे थे. संसद के अंदर ओवैसी ने इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन उस वक्त बीजेपी के किसी भी नेता के मुँह से एक शब्द भी नहीं निकला था. अब पाकिस्तान को छोड़ दीजिए. आपको ये भी पता है कि इस वक्त बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में किसने शरण दिया है? ज़ाहिर सी बात है केंद्र सरकार ने. सवाल यही है कि जब बांग्लादेश में हिंदुओं का कत्लेआम हो रहा है, वहां हिंदू अल्पसंख्यकों के नाम पूछकर उनको जिंदा जलाया जा रहा है, एक तरफ़ बीजेपी नेता इसके विरोध में क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान के आईपीएल में खेले जाने पर विरोध कर रहे हैं, वहीं, दूसरी तरफ़ शेख हसीना की मेहमानवाजी पर ये चुप्पी साधे हुए हैं. ऐसा क्यों? क्या आप इसे दोहरा मापदंड नहीं कहेंगे?
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार
बांग्लादेश में इस वक्त कट्टरपंथी पनप रहे हैं, वहां के अल्पसंख्यक ख़ुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. उनके ऊपर अत्याचार हो रहा है, जिसका विरोध सभी ने किया. बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए वहां की सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है. बीजेपी के कई नेताओं ने IPL के ऑक्शन में खरीदे गए बांग्लादेशी खिलाड़ी का विरोध किया, जो होना भी चाहिए. लेकिन सवाल यही है कि आख़िर ये शेख हसीना पर चुप क्यों हैं? आख़िर उनकी मेहमानवाजी पर केंद्र सरकार करोड़ों क्यों खर्च कर रही है? बीजेपी नेताओं को इस मुद्दे पर भी कुछ बोलना चाहिए.
KKR ने रहमान को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था
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आपको बता दें कि कोलकाता नाइट राइडर्स ने मिनी ऑक्शन में 9.20 करोड़ रुपये में मुस्तफिजुर रहमान को खरीदा था. वहीं, बांग्लादेशी खिलाड़ी के खरीदे जाने के बाद केकेआर और शाहरुख खान दोनों को ही ट्रोल किया जा रहा था. बीजेपी नेता संगीत सोम से लेकर कथावाचक देवकीनंदन तक ने इसका विरोध किया था और आख़िरकार अब बीसीसीआई ने मुस्तफिजुर रहमान को टीस से बाहर निकालने का निर्देश दे दिया है.
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