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‘आतंकवाद पाकिस्तान की सरकारी नीति का हिस्सा’, कराची ब्लास्ट पर पाक ने भारत पर लगाए आरोप तो मिला करारा जवाब
कराची में पाकिस्तानी रेंजर्स कैंप पर आतंकी हमला हुआ तो भारत ने इसका आरोप भारत पर मढ़ दिया. जिसका उसे मुंहतोड़ जवाब भी मिल गया है.
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India's Response to Pakistan's Allegations: पाकिस्तान के पाले हुए आतंकी दुनियाभर में दहशतगर्दी का चेहरा बने हुए हैं. हाल ही में अमेरिका ने भी पाकिस्तानी का आतंकी चेहरा ट्रंप सरकार के सामने रखा था. अब जब अपने ही पाले हुए आतंकी पाकिस्तान में दहशत फैला रहे हैं तो पाकिस्तान इसका ठीकरा दूसरों पर फोड़ रहा है. कराची में पाकिस्तानी रेंजर्स कैंप पर आतंकी हमला हुआ तो भारत ने इसका आरोप भारत पर मढ़ दिया. जिसका उसे मुंहतोड़ जवाब भी मिल गया है.
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा,
‘दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय पाकिस्तान को अपने देश में मौजूद आतंकवादी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.’
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MEA Spokesperson Randhir Jaiswal refutes allegations made by Pakistan against India regarding the recent incident in Karachi, calling them "baseless."
He says, "Instead of pointing fingers at others, Pakistan would do better to look inwards, take credible action against the… pic.twitter.com/93fjykdtqj— ANI (@ANI) ?ref_src=twsrc%5Etfw">June 28, 2026Advertisement
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रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति का हिस्सा बनाने की आदत भी छोड़नी चाहिए. उन्होंने कहा, पाक को अपनी ज़मीन पर मौजूद आतंकी ढांचे के ख़िलाफ़ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.
कराची के पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर आतंकी हमला
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पाकिस्तान का कराची शहर शनिवार देर रात धमाकों से दहल गया. यहां पाकिस्तान रेंजर्स (सिंध) के गुलिस्तान-ए-जौहर कैंप पर आतंकी हमला हो गया. जिसमें तीन सुरक्षाकर्मी और तीन हथियारबंद हमलावर मारे गए और एक घायल हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया. कराची में हुए इस ब्लास्ट की जिम्मेदारी तालिबान से जुड़े संगठन जमात उल अहरार ने ली है.
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पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने बयान में दावा किया कि हमला जमात-उल-अहरार से जुड़े आतंकियों ने किया था. जमात-उल-अहरार, प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से अलग हुआ गुट है. पाकिस्तान ने इस हमले का लिंक भारत के साथ जोड़ा. जिस पर विदेश मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जताई और करारा जवाब दिया.