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जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची को PM मोदी ने बताया अपनी ‘छोटी बहन’, न्यूक्लियर एनर्जी से लेकर AI तक, ये हैं बड़ी डील
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत पहुंची. उन्होंने PM मोदी के साथ साझा कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान प्रधानमंत्री ने उन्हें अपनी छोटी बहन कहकर संबोधित किया.
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जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची का भारत में जोरदार स्वागत हुआ. जापान के साथ भारत का रिश्ता भरोसे, सम्मान और रणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ सांस्कृतिक रूप से भी जुड़ा हुआ है, क्योंकि जापान बौद्ध विरासत का केंद्र रहा है. यह रिश्ता उस वक्त और खास बन गया जब जापानी PM तकाइची को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी छोटी बहन बताया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी PM ताकाइची ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान PM मोदी ने दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प लिया. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने जापानी PM ताकाइची को अपनी छोटी बहन कहकर संबोधित किया.
ताकाइची को बताया दूरदर्शी नेता
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PM मोदी ने सनाए ताकाइची को ‘जापान फर्स्ट प्रधानमंत्री’ और दूरदर्शी नेता बताया. उन्होंने कहा, भारत और जापान मुक्त, खुला और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के साझा विजन पर काम कर रहे हैं. इस दौरान रक्षा, निवेश, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, सप्लाई चेन और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में कई अहम समझौतों पर सहमति बनी.
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#WATCH | Delhi: During press statement with Prime Minister Narendra Modi, Japanese PM Sanae Takaichi says, "You called me a beautiful younger sister, Prime Minister Modi but at, the small meeting before the big meeting, we we confirmed that we are on the same page and develop… pic.twitter.com/VsIG9QeGil
— ANI (@ANI) ?ref_src=twsrc%5Etfw">July 2, 2026
PM मोदी ने कहा, ताकाइची और मेरा विश्वास है कि टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप हमारे सहयोग का सबसे मजबूत स्तंभ बनेगी.
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दोनों के बीच क्या बड़े फैसले हुए?
दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई है. PM मोदी ने कहा कि बीते एक साल में भारत और जापान के बीच 120 नए कारोबारी समझौते हुए हैं. अब दोनों देशों का लक्ष्य अगले 10 सालों में भारत में 10 ट्रिलियन येन के जापानी निवेश को आकर्षित करना है. यह निवेश विनिर्माण, बुनियादी ढांचे, आधुनिक तकनीक और औद्योगिक विकास को नई गति देगा. इनमें
- बैटरी
- ग्रीन हाइड्रोजन
- न्यूक्लियर एनर्जी
- निवेश
- रक्षा
- स्टार्टअप
- रिसर्च
इसके साथ-साथ PM मोदी ने इंडो-पैसिफिक सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई. मोदी ने कहा कि अगले साल भारत और जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होंगे, जिसे दोनों देश विशेष रूप से मनाएंगे.
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ताकाइची ने PM मोदी को बताया ‘बड़ा भाई’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां ताकाइची को छोटी बहन बताया तो जापानी PM ने उन्हें बड़ा भाई बताया. सनाए ताकाइची ने कहा, नरेंद्र मोदी उनके बड़े भाई जैसे हैं.
दोनों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने को प्राथमिकता देने का भी फैसला किया है. इसी ओर भारत और जापान ने अपने पहले रक्षा सह-विकास (Defence Co-development) प्रोजेक्ट पर साइन किए. इसके तहत दोनों देश संयुक्त रूप से रक्षा तकनीकों का विकास करेंगे. भारत-जापान साझेदारी को नई ऊंचाई, PM मोदी ने कहा- 'विश्वास हमारी सबसे बड़ी रणनीतिक पूंजी'
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PM मोदी ने फिर AI इकोसिस्टम और विजन को साकार करने की बात कही. उन्होंने आगे कहा, ‘प्रधानमंत्री तकाइची और मेरा विश्वास है कि, टेक्नोलॉजी पाटर्नरशिप हमारे सहयोग का सबसे मजबूत स्तंभ बनेगी.
दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों को लेकर PM मोदी ने कहा, ‘भारत-जापान इंवेस्टमेंट पाटर्नरशिप निरंतर सुदृढ़ हो रही है. पिछले एक वर्ष में 100 से अधिक नए बिजनेस एग्रीमेंट हुए हैं, जिनसे भारत में 10 बिलियन डॉलर से अधिक जापानी निवेश आएगा. आज वित्तीय सेवा एजेंसियों के बीच समझौते से पूंजी और निवेश की गति और सुगम होगी.’
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संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्होंने आगे कहा, ‘हमारा लक्ष्य स्पष्ट है अगले 10 वर्षों में जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन निवेश और भारत में जापानी कंपनियों की संख्या दोगुनी करना. भारत में लगातार हो रहे रिफॉर्म्स से इज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ा है; जापान की कंपनियां भी इसका लाभ उठा सकती हैं. आज के अनिश्चितता भरे युग में, भारत और जापान दोनों आर्थिक सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा का महत्व अच्छी तरह समझते हैं. इसी दिशा में आज हमने आर्थिक सुरक्षा का संयुक्त रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मैटेरियल्स और सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा.