×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

बूंद-बूंद को तरसेगा पाकिस्तान... सिंधु नदी का पानी इन 3 राज्यों की तरफ भेजेगा भारत, जानिए पूरा प्लान

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बिगड़े रिश्तों के दौरान 'सिंधु जल संधि' समझौते के रद्द होने पर केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि 'पाकिस्तान को दिए जाने वाले 'सिंधु जल संधि' के तहत पानी को अब दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान जैसे अन्य राज्यों की ओर मोड़ा जाएगा.'

बूंद-बूंद को तरसेगा पाकिस्तान... सिंधु नदी का पानी इन 3 राज्यों की तरफ भेजेगा भारत, जानिए पूरा प्लान
Advertisement

देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के राज्यों में बढ़ते जल संकट को लेकर केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि पाकिस्तान को सिंधु जल संधि समझौते के तहत दिए जाने वाले पानी को अब दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान जैसे अन्य राज्यों की ओर मोड़ा जाएगा. इस फैसले पर खट्टर ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला आपदा में अवसर जैसा है. 

बूंद-बूंद को तरसेगा पाकिस्तान 

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बिगड़े रिश्तों के दौरान 'सिंधु जल संधि' समझौते पर केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि 'पाकिस्तान को दिए जाने वाले 'सिंधु जल संधि' के तहत पानी को अब दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान जैसे अन्य राज्यों की ओर मोड़ा जाएगा. सरकार द्वारा यह कदम 'सिंधु जल संधि' को निलंबित करने के बाद उठाया जा रहा है, यह "आपदा में अवसर" जैसा है, जिसका पानी अगले एक से डेढ़ वर्षों में उपलब्ध हो सकेगा.'

Advertisement

'जल निकासी मास्टर प्लान' कार्यक्रम में सरकार का बड़ा ऐलान

शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जल निकासी मास्टर प्लान की शुरुआत पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खट्टर ने कहा कि 'पाकिस्तान की ओर बड़ी मात्रा में छोड़ा जाने वाला पानी अब आने वाले एक से डेढ़ साल में दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान को उपलब्ध कराया जाएगा.'

जल संकट से गुजर रहे दिल्ली और आसपास के राज्य 

वर्तमान में राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई अन्य राज्य गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं, लेकिन गर्मियों में यमुना नदी का जलस्तर न्यूनतम होने से पेयजल की कमी हो जाती है. इसके अलावा हरियाणा और राजस्थान में भी सिंचाई के लिए पानी की किल्लत देखने को मिलती है. इसको लेकर खट्टर ने कहा कि 'सिंधु की पश्चिमी नदियों से बचने वाला पानी इन राज्यों को राहत देगा. इसके अलावा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत को अतिरिक्त 30-40 अरब घन मीटर पानी उपलब्ध करा सकता है, हालांकि, इसे स्टोर करने और वितरित करने के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे की जरूरत होगी.' 

Advertisement

पहलगाम आतंकी हमले में 26 की मौत

यह भी पढ़ें

आपको बता दें कि साल 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच 'सिंधु जल संधि' सिंधु नदी तथा उसकी सहायक नदियों के जल वितरण और उपयोग को नियंत्रित करती है. 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने 26 लोगों को मौत के घाट उतारा था, जिसके बाद सरकार ने आतंकवादी हमले के जवाब में दशकों पुरानी 'सिंधु जल संधि' को निलंबित करने का फैसला किया था. इस हमले में ज्यादातर पर्यटक थे.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें