Nitish Kumar अचानक पहुंचे दिल्ली, बीजेपी आलाकमान से क्या होगी चर्चा ?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी प्रगति यात्रा को बीच में ही छोड़कर दिल्ली पहुंच गए हैं वैसे तो मुख्यमंत्री एक शादी समारोह में शामिल होने के दिल्ली गए हैं, लेकिन यहां वह आज पीएम मोदी सहित बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं से मिल सकते हैं. बीजेपी नेताओं से सीएम की संभावित मुलाकात को लेकर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा हुआ है
मुख्यमंत्री ने भगवान महावीर मार्ग और केएल बग्गा मार्ग पर मौजूदा स्टॉर्म वाटर ड्रेन के रीमॉडलिंग कार्य का भी उद्घाटन किया. इस परियोजना के तहत प्रीकास्ट फैक्ट्री निर्मित आरसीसी ड्रेन का निर्माण किया जाएगा, जो न्यू मास्टर ड्रेन प्लान 2025 के अनुरूप होगा.
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समाज के हर वर्ग के बच्चों तक पहुंचनी चाहिए. इसी उद्देश्य के साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी निजी विद्यालयों में पढ़कर अपने भविष्य को बेहतर बना सकें.
बजट में इस परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है. सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊर्जा मिलेगी और तकनीक आधारित उद्योगों के विस्तार को गति मिलेगी.
असम के बाद PM मोदी ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता में रैली की. इस दौरान उन्होंने 18,680 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया और TMC सरकार पर तीखा वार किया.
सिलेंडर को लेकर विपक्षी दलों की तरफ़ से जो NARRATIVE सेट किया जा रहा है उसकी चपेट में आम जनता आई तो PANIC Situation बनी, वक़्त रहते सरकार ने इसे कंट्रोल कर लिया। कुछ यही हाल देवभूमि उत्तराखंड का भी रहा लेकिन Situation को CM पुष्कर सिंह धामी ने बहुत अच्छे तरीक़े से और कम वक़्त में हैंडल कर लिया। साथ ही ये निर्देश भी दे दिये की कालाबाज़ारी रोकने के लिए भी छापेमारी की जाए और आरोपियों को किसी भी क़ीमत पर बख्शा ना जाए।
महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार ने धर्मांतरण कराने वालों पर नकेल कस दी है सरकार ने जबरदस्ती. धोखाधड़ी, प्रलोभन और विवाह के ज़रिए मतांतरण पर रोक लगाने वाले महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026 को विधानसभा में पेश किया है.
हाई कोर्ट ने क्लियर किया कि कितने लोग नमाज पढ़ेंगे ये प्रशासन तय नहीं कर सकता है. जस्टिस जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की बेंच ने इस मामले में सुनवाई की.
विपक्षी दलों को आड़े हाथ लेते हुए सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों ने विश्वास खो दिया है, वे भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जता रहे हैं. कभी लोकसभा स्पीकर तो कभी न्यायपालिका या भारत निर्वाचन आयोग पर अविश्वास जताते हैं
उत्तराखंड विधानसभा का इस बार का बजट सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आयोजित यह सत्र राज्य सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और विकास के एजेंडे का स्पष्ट प्रतिबिंब बनकर सामने आया.
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