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दिल्ली डिजिटल अरेस्ट मामले में बड़ी सफलता, NRI बुजुर्ग दंपति के साथ ₹15 करोड़ की ठगी मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में बीते दिनों एक बुजुर्ग NRI दंपति के साथ हुई साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता मिली है. दिल्ली पुलिस ने डॉक्टर दंपति को डिजिटल अरेस्ट करके 15 करोड़ रुपए की ठगी करने के मामले में दो आरोपियों को गुजरात से गिरफ्तार किया है.

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18 Jan 2026
( Updated: 18 Jan 2026
10:20 AM )
दिल्ली डिजिटल अरेस्ट मामले में बड़ी सफलता, NRI बुजुर्ग दंपति के साथ ₹15 करोड़ की ठगी मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के हाई प्रोफाइल डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने ना सिर्फ पैसे के लेन-देन वाले बैंक अकाउंट का पता लगा लिया है बल्कि दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है. दोनों को गुजरात से दिल्ली लाकर पूछताछ की जा रही है. आरोपियों के नाम दिव्यांक पटेल और शितौली हैं.

कहां गया था ठगी का पैसा?

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, डिजिटल अरेस्ट के दौरान जो पैसा ठगा गया, उसमें से चार करोड़ रुपए दिव्यांक पटेल के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे. दिल्ली पुलिस ने दोनों आरोपियों को वडोदरा से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार करने के बाद दोनों आरोपियों को दिल्ली पुलिस राजधानी लाई और उनसे पूछताछ की जा रही है. डिजिटल अरेस्ट की इस घटना से हड़कंप मच गया था.

बुजुर्ग कपल के साथ हुई थी 14 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी

बता दें कि ग्रेटर कैलाश इलाके के एक बुजुर्ग दंपति से साइबर अपराधियों ने ठगी की. डॉक्टर कपल अमेरिका से लौटे थे और 2016 से ग्रेटर कैलाश में रह रहे थे. पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग डॉक्टर कपल के साथ कथित तौर पर करीब 14 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई. साइबर अपराधियों ने उन्हें दो हफ्ते से अधिक समय तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा था.

कैसे किया गया था डिजिटल अरेस्ट?

इस दौरान आरोपी कपल से हमेशा वीडियो कॉल के जरिए जुड़े रहते थे और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखते थे. बुजुर्ग दंपत्ति को घर से बाहर निकलने, किसी से मिलने आदि पर रोक लगाई गई थी. उनके साथ यह सब एजेंसी की जांच के नाम पर किया गया.

जांच का दिया गया था NRI कपल को झांसा

संपत्ति की जांच के नाम पर उनसे सारे पैसे यह कहकर ट्रांसफर करवाए गए कि जांच के बाद उन्हें सब लौटाया जाएगा, लेकिन जब बुजुर्ग दंपत्ति को कुछ भी वापस नहीं मिला तो उन्हें ठगी का आभास हुआ. इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और मामला प्रकाश में आया.

यह धोखाधड़ी कथित तौर पर 24 दिसंबर से 9 जनवरी के बीच हुई, जिसमें आरोपियों ने खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर बुजुर्ग कपल को कई बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया. शनिवार को एक ई-एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने जांच शुरू की.

एक और बुजुर्ग महिला से 7 करोड़ की ठगी

दो दिन पहले 15 जनवरी को भी दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में रहने वाले एक और परिवार को साइबर अपराधियों ने ठगी का शिकार बनाया गया. कथित तौर पर 'डिजिटल अरेस्ट' के जरिए एक बुजुर्ग महिला से लगभग सात करोड़ रुपए की ठगी हुई. फिलहाल, इस ठगी को लेकर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है और पुलिस की जांच जारी है.

जानकारी के अनुसार, ग्रेटर कैलाश इलाके की रहने वाली 70 वर्षीय महिला कारोबारी को साइबर अपराधियों ने करीब तीन दिन 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा. इस दौरान अलग-अलग बैंक खातों में करीब सात करोड़ रुपए जमा कराए गए. सामने आया है कि मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाकर महिला कारोबारी को 'डिजिटल अरेस्ट' किया गया था. फिलहाल, इस मामले में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की साइबर यूनिट ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

दिल्ली में साइबर फ्रॉड का आतंक

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आपको बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली में साइबर अपराधियों का आतंक तेजी से फैलता जा रहा है. बीते एक हफ्ते के भीतर साउथ दिल्ली से ऐसे दो बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें बुजुर्गों को डराकर, मानसिक दबाव में रखकर उनके साथ करोड़ों रुपए की ठगी की गई. साइबर फ्रॉड की ऐसी घटनाओं को 'डिजिटल अरेस्ट' कहा जाता है.

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