महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, 2 लाख तक कर्ज के दस्तावेजों पर स्टांप ड्यूटी पूरी तरह माफ
Maharashtra: नए साल की शुरुआत किसानों के लिए सच में एक तोहफा साबित हो रही है. अब वे बिना अतिरिक्त खर्च के कर्ज लेकर खेती और फसल के कामों में निवेश कर सकेंगे. यह फैसला राज्य में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
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Kisan Yojana: नए साल की शुरुआत महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के लिए खुशखबरी के साथ की है. राज्य सरकार ने फैसला किया है कि अब फसल और कृषि के लिए लिए जाने वाले 2 लाख रुपये तक के कर्ज से जुड़े सभी दस्तावेजों पर स्टांप ड्यूटी पूरी तरह से माफ होगी. इसका मकसद किसानों पर पड़ने वाले अतिरिक्त खर्च को कम करना और कृषि ऋण लेने की प्रक्रिया को आसान बनाना है. यह नई व्यवस्था 1 जनवरी 2026 से पूरे राज्य में लागू हो चुकी है.
राजस्व मंत्री ने दी जानकारी
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि सरकार लगातार किसानों की जरूरतों और चुनौतियों को समझकर सुधारात्मक कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि स्टांप ड्यूटी माफी से किसानों को सीधे राहत मिलेगी. अब उन्हें कर्ज लेने के दौरान अतिरिक्त खर्च नहीं उठाना पड़ेगा, जिससे वे आसानी से कृषि कार्यों और फसल के लिए धन का इस्तेमाल कर पाएंगे.
खेती की लागत घटाने की दिशा में बड़ा कदम
मंत्री ने बताया कि यह निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की किसान-हितैषी सोच का परिणाम है. स्टांप ड्यूटी की छूट से किसानों की लागत कम होगी और इससे होने वाली बचत का इस्तेमाल वे बीज, खाद, आधुनिक कृषि उपकरण और नई तकनीकों पर कर सकेंगे. इससे खेती की गुणवत्ता बढ़ेगी और उत्पादन में सुधार आने की संभावना भी मजबूत होगी.
अब कर्ज लेना होगा और आसान
पहले तक फसल ऋण पर प्रति 1 लाख रुपये पर लगभग 0.3 प्रतिशत की दर से स्टांप शुल्क देना पड़ता था. इसका मतलब था कि 2 लाख रुपये के कर्ज पर करीब 600 रुपये स्टांप ड्यूटी के रूप में देने पड़ते थे. अब यह पूरी राशि बच जाएगी. इससे किसानों के लिए कर्ज लेना आसान और सस्ता हो जाएगा.
किन दस्तावेजों पर मिलेगी छूट
राजस्व और वन विभाग की अधिसूचना के अनुसार, 2 लाख रुपये तक के कृषि ऋण से जुड़े सभी दस्तावेजों पर स्टांप ड्यूटी नहीं लगेगी. इनमें स्वामित्व से जुड़े कागजात, जमा पत्र, बंधक और गिरवी से संबंधित दस्तावेज, गारंटी पत्र, बंधक विलेख और लोन एग्रीमेंट जैसे दस्तावेज शामिल हैं. यह छूट राज्य के सभी बैंकों, सहकारी संस्थाओं और अन्य ऋण एजेंसियों पर समान रूप से लागू होगी.
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा
सरकार का मानना है कि यह निर्णय सिर्फ कर्ज लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने तक सीमित नहीं रहेगा. इससे कृषि क्षेत्र मजबूत होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी. किसानों की आय बढ़ेगी और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा. इस कदम को ग्रामीण विकास और कृषि सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है.
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नए साल की शुरुआत किसानों के लिए सच में एक तोहफा साबित हो रही है. अब वे बिना अतिरिक्त खर्च के कर्ज लेकर खेती और फसल के कामों में निवेश कर सकेंगे. यह फैसला राज्य में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
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