जमीन रजिस्ट्रेशन, स्टांप शुल्क, हेल्थ, उद्योग, परिवहन...योगी कैबिनेट ने लिए बड़े फैसले, 13 प्रस्तावों को मिली मंजूरी
CM योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, उद्योग, परिवहन सहित कई विभागों के 13 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इसमें सेमीकंडक्टर, GCC नीति-2024 के क्रियान्वयन, JS, IIMT विश्वविद्यालय को लेकर फैसले सहित कई अहम निर्णय लिए गए.
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यूपी लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई. इसमें कई अहम फैसले लिए गए और कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इस मीटिंग में जमीन रजिस्ट्री, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, उद्योग, परिवहन सहित अन्य विभागों के करीब 13 अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली.
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश राज्य में परिवार के सदस्यों के मध्य निष्पादित अचल संपत्ति के दान विलेख पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क में दी जा रही छूट के दायरे को और व्यापक करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. इसके अलावा आवासीय और कृषि भूमि के बाद अब सरकार औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों की भी गिफ्ट डीड का तोहफा मिल गया है.
प्रदेश के स्टांप तथा पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि 2022 से पहले तक परिवार के रिश्ते में यदि कोई प्रॉपर्टी देता था तो पूरे सर्किल रेट के बराबर स्टाम्प शुल्क देना पड़ता था. 2022 में मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में तय हुआ कि पारिवारिक रिश्तों में यदि कोई प्रॉपर्टी दान की जाती है तो उस पर फिक्स्ड 5 हजार रुपये स्टांप लगेगा. लेकिन यह दान केवल आवासीय और कृषि पर लागू था, लेकिन अब यह नियम कॉमर्शियल प्रॉपर्टी पर भी लागू कर दिया गया है. शहर के अंदर अब तक यह 7 प्रतिशत और गांवों में 5 प्रतिशत था, लेकिन अब गांव या शहर कहीं भी आपको केवल 5 हजार रुपये ही भुगतान करना है.
जीसीसी नीति-2024 के क्रियान्वयन हेतु नियमावली-2025 को मंजूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) नीति-2024 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु नियमावली-2025 को मंजूरी प्रदान की गई. इस नियमावली के लागू होने से प्रदेश को वैश्विक निवेश, उच्च स्तरीय सेवाओं और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में नई गति मिलेगी. कैबिनेट से अनुमोदित नियमावली के अंतर्गत इन्वेस्ट यूपी को नोडल एजेंसी नामित किया गया है. यह नियमावली जीसीसी नीति-2024 के प्रख्यापन की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी तथा राज्य सरकार द्वारा संशोधन अथवा समाप्त किए जाने तक लागू रहेगी.
जीसीसी में अब तक 21 कंपनियों ने किया निवेश
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कैबिनेट के निर्णय के विषय में बताया कि प्रदेश में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है, जिसके चलते निवेश करने के लिए उद्योग घराने और मल्टीनेशनल कंपनियां हमारे संपर्क में हैं. जीसीसी नीति हमारे लिए बहुत लाभप्रद है और आज हम इसकी एसओपी लेकर आए हैं.
यूपी में जीसीसी के निवेश में लगातार वृद्धि हो रही है. चालू वित्तीय वर्ष में 21 कंपनियों ने इसमें निवेश प्रारंभ कर दिया है. इसके माध्यम से प्रदेश में व्यापक रोजगार के अवसर सृजित होंगे. नियमावली के अनुसार, जीसीसी किसी भारतीय अथवा विदेशी कंपनी द्वारा स्थापित एक कैप्टिव इकाई होगी, जो सूचना प्रौद्योगिकी, अनुसंधान एवं विकास (R&D), वित्त, मानव संसाधन, डिजाइन, इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स और नॉलेज सर्विसेज जैसे रणनीतिक कार्यों का निष्पादन करेगी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े दो महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाले प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई. एक तरफ योगी कैबिनेट ने जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद (जनपद फिरोजाबाद) के परिसमापन को मंजूरी दी है, तो वहीं आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ के ग्रेटर नोएडा में ऑफ-कैंपस को संचालन प्राधिकार पत्र (एलओपी) जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है.
JS यूनिवर्सिटी का परिसमापन, IIMT विश्वविद्यालय के ग्रेटर नोएडा ऑफ-कैंपस को मंजूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े दो महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाले प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई. एक तरफ योगी कैबिनेट ने जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद (जनपद फिरोजाबाद) के परिसमापन को मंजूरी दी है, तो वहीं आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ के ग्रेटर नोएडा में ऑफ-कैंपस को संचालन प्राधिकार पत्र (एलओपी) जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है.
सेमीकंडक्टर की पॉलिसी पर मुहर, आएगा बड़ा निवेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के औद्योगिक विकास को लेकर एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. राज्य सरकार द्वारा जनवरी 2024 में लाई गई सेमीकंडक्टर नीति के तहत बड़े निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से 3,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक के निवेश पर विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया है. प्रदेश सरकार में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कैबिनेट में कुल 14 प्रस्ताव रखे गए, जिसमें 13 को स्वीकृति प्रदान की गई.
केस-टू-केस आधार पर मिलेगा प्रोत्साहन
सुरेश खन्ना ने बैठक के बाद बताया कि अमेरिका, यूरोप, जापान और ताइवान जैसे देशों में सेमीकंडक्टर का निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहा है. इसी क्रम में भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश को इस उभरते उद्योग का बड़ा केंद्र बनाने के लिए योगी सरकार ने केस-टू-केस आधार पर प्रोत्साहन देने की स्वीकृति दी है. इसके तहत सेमीकंडक्टर इकाइयों को ब्याज सब्सिडी, कर्मचारी लागत प्रतिपूर्ति, 10 वर्षों तक नेट एसजीएसटी में छूट, यूपी के मूल निवासियों के लिए 100 प्रतिशत ईपीएफ प्रतिपूर्ति (अधिकतम 2,000 रुपये प्रतिमाह), जल मूल्य में छूट और 10 वर्षों तक प्रति यूनिट 2 रुपये बिजली बिल में छूट दी जाएगी. उन्होंने कहा कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर सृजित करना है.
पीलीभीत में बनेगा नया बस स्टेशन
कैबिनेट बैठक में टनकपुर रोड पर मुख्यालय के पास एक नवीनतम बस स्टेशन की स्थापना को मंजूरी दी गई है. यह बस स्टेशन राजस्व विभाग की 1.317 हेक्टेयर (लगभग 7,000 वर्गमीटर) भूमि पर बनाया जाएगा, जिसे राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को 30 वर्षों की लीज पर देने का निर्णय लिया है, जिसे 90 वर्षों तक के लिए बढ़ाया जा सकेगा. नए बस स्टेशन के निर्माण से उत्तराखंड और नेपाल जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी. कैबिनेट मंत्री ने बताया कि बस स्टेशन का निर्माण कार्य दो वर्षों के भीतर पूर्ण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है.
वाराणसी में बनेगा 500 बेड का मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल
कैबिनेट ने शिव प्रसाद गुप्ता एसएसपीजी मंडलीय जिला चिकित्सालय, वाराणसी परिसर में पहले से मौजूद 11 जर्जर और निष्प्रयोज्य भवनों को ध्वस्त कर 500 शैय्या वाला मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाए जाने को मंजूरी दे दी है. यह अस्पताल 315 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से बनाया जाएगा और इसका निर्माण कार्य चार वर्षों में पूरा किया जाएगा. इस परियोजना में 60 प्रतिशत धनराशि केंद्र सरकार (लगभग 189 करोड़ रुपये) और 40 प्रतिशत राज्य सरकार (लगभग 126 करोड़ रुपये) द्वारा वहन की जाएगी. इस निर्णय से पूर्वांचल के मरीजों को अत्याधुनिक और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
वाराणसी में खुलेगा नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का ऑफ-कैंपस
वहीं नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, गांधीनगर, गुजरात के वाराणसी में ऑफ-कैंपस की स्थापना के लिए 50 एकड़ भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है. यह भूमि तहसील राजा तालाब, जनपद वाराणसी क्षेत्र में स्थित है, जिसे पशुधन विभाग से 99 वर्षों की लीज पर विश्वविद्यालय को दी जाएगी. इस कैंपस के खुलने से फॉरेंसिक साइंस, साइबर क्राइम और आपराधिक जांच के क्षेत्र में प्रदेश को बड़ी शैक्षणिक और तकनीकी मजबूती मिलेगी.
कानपुर में 37वीं वाहिनी पीएसी के पुराने भवन ध्वस्त होंगे
इसके अलावा 37वीं वाहिनी पीएसी, कानपुर के पुराने और जर्जर आवासीय भवनों को ध्वस्त करने की अनुमति भी प्रदान की है. ध्वस्तीकरण के बाद वहां टाइप-वन स्पेशल के 108 नए आवास बनाए जाएंगे, जिससे पीएसी जवानों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी.
खेल विभाग में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारियों की भर्ती
खेल विभाग में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया में संशोधन को भी मंजूरी दी. विभाग में कुल 18 पद स्वीकृत हैं. पहले व्यवस्था थी कि 50 प्रतिशत पद पदोन्नति से और 50 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों से भरे जाएंगे. अब मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार दो-तिहाई (12 पद) पदोन्नति से और एक-तिहाई (6 पद) अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों (ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स) से भरे जाएंगे. इससे अनुभवी अधिकारियों और उत्कृष्ट खिलाड़ियों दोनों को अवसर मिलेगा.
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संक्षेप और प्वाइंट्स में समझिए योगी कैबिनेट ने किन प्रस्तावों को दी मंजूरी
- कैबिनेट में रखे गए कुल 14 प्रस्ताव, 13 को मिली स्वीकृति.
- परिवार के बीच दान विलेख पर स्टांप शुल्क में राहत, अब व्यावसायिक व औद्योगिक संपत्तियां भी शामिल.
- अब राज्य में पारिवारिक संपत्ति हस्तांतरण होगा आसान.
- पारिवारिक सदस्यों को दान दी गई संपत्ति पर देय होगा अधिकतम 5,000 रुपये स्टांप शुल्क.
- व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान पर मिली राहत, शहरी और गांव सभी जगह होगा लागू.
- सेमीकंडक्टर निवेश को मेगा प्रोत्साहन, 3,000 करोड़ रुपये निवेश पर केस-टू-केस इंसेंटिव को मंजूरी.
- योगी सरकार ने सेमीकंडक्टर नीति-2024 के तहत बड़े निवेश को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन देने का किया निर्णय.
- सेमीकंडक्टर इकाइयों को ब्याज सब्सिडी, कर्मचारी लागत प्रतिपूर्ति, 10 वर्षों तक नेट एसजीएसटी में मिलेगी छूट.
- यूपी के मूल निवासियों के लिए 100 प्रतिशत ईपीएफ प्रतिपूर्ति और 10 वर्षों तक प्रति यूनिट 2 रुपये बिजली बिल में मिलेगी राहत.
- जीसीसी नीति-2024 की एसओपी-2025 को योगी कैबिनेट की हरी झंडी.
- इन्वेस्ट यूपी बनी नोडल एजेंसी, आईटी से लेकर आरएंडडी तक निवेश और रोजगार को मिलेगा प्रोत्साहन.
- प्रदेश को ग्लोबल सर्विस हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में योगी सरकार का बड़ा कदम.
- जीसीसी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से उत्तर प्रदेश में उच्च कौशल आधारित निवेश बढ़ेंगे और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे.
- जेएस विश्वविद्यालय का परिसमापन, आईआईएमटी विश्वविद्यालय के ग्रेटर नोएडा ऑफ-कैंपस को मंजूरी.
- योगी कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव स्वीकृत.
- जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद में अनियमितताओं पर योगी सरकार की कठोर कार्रवाई.
- फर्जी डिग्रियों के चलते जेएस विश्वविद्यालय पर गिरी गाज, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय संभालेगा अभिलेख.
- आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ का ग्रेटर नोएडा में ऑफ-कैंपस, उच्च शिक्षा के विस्तार को मिली मंजूरी.
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