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NEET पेपर लीक को केजरीवाल ने बताया युवाओं के साथ सबसे बड़ा धोखा, कहा- अब सड़कों पर उतरना पड़ेगा

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राजनीतिक मिलीभगत और संरक्षण के चलते नीट के पेपर लीक हो रहे हैं.

Image Credit: x/@AamAadmiParty
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आम आदमी पार्टी ने पेपर लीक होने के बाद नीट की परीक्षा रद्द करने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है. ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राजनीतिक मिलीभगत और संरक्षण के चलते नीट के पेपर लीक हो रहे हैं. इससे पहले 2017, 2021 और फिर 2024 में भी नीट का पेपर लीक हुआ था और अब फिर लीक हो गया. चार बार नीट का पेपर लीक हो चुका है, लेकिन अभी तक पेपर लीक कराने वाले किसी आरोपी को सजा नहीं मिली है. पिछली बार जिन्होंने पेपर लीक किया, वो भी जमानत पर बाहर हैं. उन्हांेने कहा कि सालों तक तैयारी करने वाले करोड़ों युवाओं के साथ ये बहुत बड़ा धोखा है. अब युवाओं को सड़कों पर उतरना पड़ेगा. आम आदमी पार्टी उनके साथ खड़ी है.

अरविंद केजरीवाल ने नीट परीक्षा रद्द होने से प्रभावित लाखों बच्चों और उनके पेरेंट्स के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि मैंने भी अपनी जिंदगी में पहले आईआईटी का पेपर दिया था और फिर सिविल सर्विस का पेपर दिया था. मैं जानता हूं कि इसके लिए किस तरह से कठोर तपस्या करनी पड़ती है. हिसार में हमारा एक छोटा सा घर होता था, वहां ऊपर हमने एक छोटा सा कमरा बनवा लिया था. 24 घंटे उस कमरे में बैठकर मैं तैयारी करता रहता था. सौभाग्य से उन दिनों में पेपर लीक नहीं हुआ करते थे. 

युवाओं के साथ पेपर लीक से बड़ा धोखा कुछ और नहीं हो सकता

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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कई परिवार बहुत गरीब होते हैं और कोचिंग बहुत महंगी है. कोचिंग करने के लिए कई लोग दिल्ली आकर रुकते हैं और बच्चे किराए पर जगह लेते हैं. कई बच्चों के मां-बाप उन्हें कोचिंग कराने के लिए अपना सोना गिरवी रख देते हैं या जमीन बेच देते हैं. उसके बाद अगर पेपर लीक हो जाए, तो इससे बड़ा धोखा कुछ और नहीं हो सकता. यह नीट का पेपर पहली बार लीक नहीं हुआ है. इससे पहले 2017, 2021 और फिर 2024 में भी नीट का पेपर लीक हुआ था और अब लीक हुआ है. चार बार नीट का पेपर लीक हो चुका है.

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मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण के चलते लीक हो रहे पेपर

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पेपर ऐसे लीक नहीं होते हैं. इसका मतलब है कि बहुत बड़े स्तर पर कुछ ना कुछ मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण है. मैं यह जानना चाहता हूं कि जिन्होंने 2017 का पेपर लीक किया था, वे आज कहां हैं? क्या उनको सजा मिली? जिन्होंने 2021 का पेपर लीक किया था, क्या उनको सजा मिली? जिन्होंने 2024 का पेपर लीक किया, उन सबकी बेल हो गई और वे सारे बाहर हैं. सबको कह दिया गया है कि अब अगले पेपर को लीक करने की तैयारी करो और वे कर रहे हैं. पेपर लीक पर लीक हो रहे हैं, आखिर इस देश के अंदर यह चल क्या रहा है?

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'जो पेपर ठीक से नहीं करा सकते, वो सरकार क्या चलाएंगे?'

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि सरकार चलाना कोई आसान काम नहीं है, सरकार चलाना बहुत मुश्किल काम है. जिन लोगों से बिना लीक करवाए एक पेपर ठीक से नहीं होता, वे सरकार क्या चलाएंगे? ये लोग मिले हुए हैं. यह पूरी तरह से मिलीभगत का मामला है. लाखों-करोड़ों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. उन सब बच्चों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं और मैं उन सब बच्चों को बोलना चाहता हूं कि सड़कों पर उतरना पड़ेगा. यह सरकार केवल और केवल जन आंदोलन की भाषा समझती है और केजरीवाल बच्चों के साथ है.

संजय सिंह ने भी बीजेपी पर साधा निशाना

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उधर, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने कहा कि भाजपा के लिए सब कुछ देशभक्ति है. नीट की परीक्षा रद्द होना भी देशभक्ति है. मोदी जी और उनकी पार्टी जिन शिक्षा माफियाओं को संरक्षण देती है और उन्हें बचाती है, जो ये पेपर लीक करते हैं, भाजपा के लिए वह भी देशभक्ति का काम है. जैसे डीजल, पेट्रोल और गैस का इस्तेमाल न करना देशभक्ति है और सोना न खरीदना देशभक्ति है. वैसे ही पेपर लीक कराना और नौजवानों का भविष्य बर्बाद करना भी इनके लिए देशभक्ति है. नौजवान बर्बाद होकर जब सड़क पर घूमेगा, तभी तो मोदी जी उससे दंगे-फसाद और लड़ाई-झगड़े कराएंगे और तभी उन्हें नफरत की आग में झोंका जा सकेगा.

संजय सिंह ने कहा कि देशभर में जो ये शिक्षा माफिया पेपर लीक कराते हैं, ये भाजपा से जुड़े हुए लोग हैं और इन्हें भाजपा का संरक्षण प्राप्त है. मैंने संसद के अंदर भी इसका खुलासा किया था कि जो पेपर लीक करने वाली कंपनियां हैं, जिनसे ये परीक्षाएं कराई जाती हैं, वे सब के सब भाजपा से जुड़े हुए हैं. नीट की परीक्षा रद्द होने से 22 लाख बच्चों का भविष्य बर्बाद हो गया है, इसके लिए आखिर कौन जिम्मेदार है? उनके माता-पिता ने अपने बच्चों पर लाखों रुपए खर्च किए और उन बच्चों ने साल भर दिन-रात जागकर पढ़ाई की थी. यह कोई पहली घटना नहीं है. पिछले 10-12 सालों में पूरे हिंदुस्तान में 90 बार पेपर लीक हो चुका है और ज्यादातर उन राज्यों में हुआ है जहां भाजपा का शासन है या वे परीक्षाएं हैं जिन्हें केंद्र सरकार कराती है. क्या भाजपा के पास इसका कोई जवाब है?

संजय सिंह ने कहा कि युवाओं को यह समझना होगा कि भाजपा उनकी बर्बादी की गारंटी है. अगर नौजवान इस बात को नहीं समझ पा रहे हैं और इनके हिंदू-मुसलमान के खेल में उलझे रहेंगे, तो भाजपा राज करती रहेगी और इसी तरह पेपर लीक होते रहेंगे. पूरे देश में जिन 22 लाख बच्चों का भविष्य बर्बाद हुआ है, उनकी सूची निकाल कर देख लीजिए कि उनमें कितने सिख, ईसाई या मुसलमान हैं. भाजपा हिंदू-हिंदू का शोर मचाकर असल में हिंदू नौजवानों और छात्र-छात्राओं की पीठ में छुरा घोंप रही है और उनके भविष्य को बर्बाद कर रही है. 2024 में भी नीट की परीक्षा का पेपर लीक हुआ था और अब परीक्षा रद्द होना देश के नौजवानों के साथ भाजपा द्वारा किया गया एक बड़ा विश्वासघात है. इसका जवाब नौजवानों को सरकार से मांगना चाहिए.

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संजय सिंह ने कहा कि जैसे हिटलर देश की हर बर्बादी को देशभक्ति से जोड़ देता था, वही काम इस समय हिंदुस्तान में हो रहा है. जनता से कहा जा रहा है कि पेट्रोल, डीजल, गैस, सोना, खाद और खाने के तेल का इस्तेमाल न करें. ये इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोग हिंदू ही हैं. जो सर्राफा व्यापारी लाइन में लगकर भाजपा को वोट देते हैं, आज वे ही भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और वे ज्यादातर हिंदू हैं. चुनाव खत्म होते ही मोदी जी कह रहे हैं कि एक साल तक सोना, पेट्रोल, डीजल और गैस न खरीदें या कम से कम इस्तेमाल करें. जनता तेल बचाकर रखे और मोदी जी उसे रैलियों, रोड शो और विदेशी यात्राओं में उड़ाएंगे. देश के लोगों को यह समझना होगा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री कितने पाखंडी व्यक्ति हैं. नरेंद्र मोदी जी इस देश के करोड़ों हिंदुओं को बर्बाद करने का ही काम कर रहे हैं, बस वे नशा हिंदू-मुसलमान का चलाते हैं. यही बात लोगों को समझनी पड़ेगी.

संजय सिंह ने एक्स पर कहा कि नीट परीक्षा 2026 का रद्द होना युवाओं के साथ विश्वासघात है. 180 में 135 सवाल लीक हुए, यह परीक्षा है या तमाशा है. भाजपा से जुड़े शिक्षा माफिया ही पेपर लीक कराते हैं. भाजपा युवाओं के बर्बादी की गारंटी है. मोदी चाहते हैं कि युवा चुनाव में भाजपा को वोट दें, चुनाव के बाद बेरोजगार होकर भटकता रहे, दंगे, फ़साद और नफरत में डूबा रहे.

'हर साल पेपर लीक की खबरें सुनने को मिलती हैं'

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सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हर दूसरे वर्ष यह सुनने में आता है कि नीट का एग्जाम, जो एमबीबीएस के लिए एंट्रेंस एग्जाम होता है, उसमें बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं. इस परीक्षा के जरिए देश की पूरी की पूरी क्रीम का एडमिशन होता है. यह पेपर लीक होना कोई आसान काम नहीं है. इसका अंदेशा है कि राजनीतिक तौर पर कुछ गिरोहों को संरक्षण मिला हुआ है जो इस पेपर को लीक करते हैं.

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आज पूरी दुनिया में हिंदुस्तान की साख इसलिए है क्योंकि यहां के डॉक्टर यूरोप, अमेरिका में बड़े-बड़े अस्पतालों को लीड करते हैं. हिंदुस्तान के इंजीनियर बड़ी-बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी के अंदर सीईओ और सीटीओ के पदों पर हैं. अगर भारत की शिक्षा व्यवस्था के ऊपर प्रश्न चिन्ह लग जाएगा, तो हमारे डॉक्टरों और इंजीनियरों की जो कदर है, वह पूरी दुनिया में खत्म हो जाएगी. इससे पूरी दुनिया में यह संदेश चला जाएगा कि भारत के अंदर किसी भी तरीके के लोग डॉक्टर और इंजीनियर बन रहे हैं.

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सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार बार-बार आश्वासन देती है, मगर इसके बावजूद पेपर लीक हो रहे हैं. मां-बाप अपना पेट काटकर और लाखों रुपए खर्च करके बच्चों को कोचिंग कराते हैं. आज देश के हर राज्य के अंदर अलग-अलग कोचिंग सेंटर और शहर बने हुए हैं जहां लाखों बच्चे तैयारी कर रहे हैं. पेपर लीक होने से उन परिवारों के लाखों रुपए डूब गए और वे बच्चे बर्बाद हो गए. इसके कारण कितने ही बच्चे डिप्रेशन में चले जाएंगे, लेकिन सरकार इस विषय पर गंभीर नहीं दिखती है.

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