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CM नीतीश के करीबी और दिग्गज नेता केसी त्यागी की JDU से हुई छुट्टी, जानें किस बात से नाराज हो गई पार्टी

CM नीतीश के करीबी माने जाने वाले दिग्गज समाजवादी नेता केसी त्यागी की जेडीयू से छुट्टी हो गई है. बीते दिनों ही उन्होंने नीतीश को 'भारत रत्न' देने की मांग की थी. हालांकि पार्टी उन पर अन्य कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करेगी.

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10 Jan 2026
( Updated: 10 Jan 2026
12:32 PM )
CM नीतीश के करीबी और दिग्गज नेता केसी त्यागी की JDU से हुई छुट्टी, जानें किस बात से नाराज हो गई पार्टी
KC Tyagi (File Photo)

बिहार जेडीयू से बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल जेडीयू के दिग्गज नेता और सीएम नीतीश के करीबी माने जाने वाले केसी त्यागी को पार्टी से बाहर निकाल दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक उनका अब जेडीयू से कोई रिश्ता नहीं रहा है. आपको बताएं कि ये कार्रवाई ऐसे वक्त में हुई है जब केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रवार को पत्र लिखकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देश का सर्वोच्च सम्मान देने की मांग की थी और बांग्लादेशी क्रिकेटर्स को लेकर बयान दिया था.

जेडीयू ने क्यों बनाई केसी त्यागी से दूरी?

हालांकि इस पूरे मामले पर उन्हें उस वक्त मायूसी हाथ लगी जब उन्हीं की पार्टी ने इस मांग से दूरी बना ली. पार्टी के प्रवक्ता राजीव रंजन ने इसे त्यागी की निजी राय बताते हुए कहा कि उनका पार्टी से ज्यादा संबंध नहीं है. त्यागी ने भारत रत्न के पीछे नीतीश की लंबी राजनीतिक सेवाओं का हवाला दिया, लेकिन पार्टी उनकी इस मांग और स्टैंड से नाराज हो गई. इतना ही नहीं उनके क्रिकेट को लेकर दिए बयान से भी पार्टी बैकफुट पर नजर आई.

जेडीयू के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक त्यागी का पार्टी में उनके राजनीतिक अध्याय का अब अंत हो चुका है. कहा जा रहा है कि हाल के दिनों में त्यागी के कुछ बयानों और गतिविधियों से पार्टी असहज नजर आ रही थी.

सूत्र बतातें हैं कि त्यागी ने पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाया था, जिसके बाद जेडीयू नेतृत्व ने उन्हें दूरी बनाने का फैसला किया. पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन के हालिया बयान से यह साफ हो गया है कि जेडीयू का अब उनसे कोई औपचारिक संबंध नहीं रह गया है. हालांकि पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल के.सी. त्यागी के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया है. इसकी वजह पार्टी से उनके लंबे और पुराने संबंध बताए जा रहे हैं.

केसी त्यागी ने नीतीश को भारत रत्न देने की मांग की थी

बता दें कि केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि समाजवादी आंदोलन के बचे अनमोल रत्न नीतीश कुमार 'भारत रत्न' के योग्य हैं. उन्हें इस सम्मान से नवाजा जाए. केसी त्यागी ने पत्र में लिखा, ''30 मार्च 2024 हमारे पुरखों के सम्मान का दिन है. आपके प्रयासों से उन्हें 'भारत रत्न' के सर्वोच्च सम्मान से अलंकृत किया गया था. स्व. चौधरी चरण सिंह एवं स्व. कर्पूरी ठाकुर द्वारा किए गए जनहित एवं कृषक, हाशिए पर गए लोगों को संगठित कर उन्हें सम्मान दिलाने का सार्थक प्रयास किया गया था.''

त्यागी ने पीएम मोदी को लिखी थी चिट्ठी

पत्र में आगे लिखा है, ''आपके इन्हीं प्रयासों से अभिभूत होकर निवेदन है कि समाजवादी आंदोलन के बचे अनमोल रत्न नीतीश कुमार भी इस सम्मान के योग्य हैं. पहले भी जीवित रहते हुए कई नायकों को यह सम्मान मिल चुका है. करोड़ों जनमानस की ओर से आपसे आशा एवं निवेदन है कि प्रिय नेता नीतीश कुमार को इस सम्मान से नवाजा जाए ताकि इतिहास आपके प्रयासों को देर तक सराहे.''

हालांकि, यह कोई पहला मौका नहीं है, जब नीतीश कुमार के लिए 'भारत रत्न' की मांग उठी हो. इससे पहले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी नीतीश कुमार के साथ-साथ ओडिशा के पूर्व सीएम नवीन पटनायक के लिए 'भारत रत्न' की मांग कर चुके हैं. दिसंबर 2024 में गिरिराज सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि नीतीश कुमार ने राज्य के विकास के लिए काम किया है. नवीन पटनायक ने भी वर्षों तक ओडिशा की सेवा की है. ऐसे लोगों को भारत रत्न जैसे पुरस्कारों से सम्मानित किया जाना चाहिए. मौजूदा समय में नीतीश कुमार दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यभार संभाल रहे हैं. हालांकि, ऐसे बहुत कम लोग ही हैं, जिन्हें जीवित रहते देश के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया हो.

क्या बांग्लादेशी क्रिकेटर पर दिए बयान की वजह से हुई त्यागी की छुट्टी?

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में केसी त्यागी ने मुस्तफिजुर रहमान के समर्थन में बयान दिया था. उनका ये स्टैंड जेडीयू को नागवार गुजरा. त्यागी ने BCCI द्वारा बांग्लादेशी क्रिकेटर्स को लेकर लिए गए फैसले पर कहा था कि खेल में राजनीति नहीं लाना चाहिए. उन्होंने आगे कहा था कि जब बांग्लादेश ने हिंदू क्रिकेटर लिट्टन दास को अपनी टीम का कप्तान नियुक्त किया है, तो भारत को भी मुस्तफिजुर पर पुनर्विचार करना चाहिए और उन्हें आईपीएम में खेलने की अनुमति दी जानी चाहिए.

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