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‘अब ज्यादा काम नहीं कर सकता…’, नागपुर में नितिन गडकरी ने ऐसा क्यों कहा?
सोशल मीडिया पर भी नितिन गडकरी के बयान की चर्चा तेज हो गई है. लोग उनके बयान को उनके भविष्य की राजनीति से जोड़कर भी देख रहे हैं.
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केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी अक्सर चर्चा में रहते हैं. अब उन्होंने अपने एक बयान से राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी. नागपुर में एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘अब वह ज्यादा काम नहीं कर सकते और नई पीढ़ी को काम करने का मौका देना चाहिए.’
नितिन गडकरी के इस बयान के बाद उनके संन्यास अटकलें लगने लगीं हैं. दरअसल, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी नागपुर के कटोल में ‘एकलव्य एकल विद्यालय शिक्षक-पर्यवेक्षक प्रशिक्षण कक्षा’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा, मैंने 30 साल के सार्वजनिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे, कई उपलब्धियां और पुरस्कार भी हासिल किए. उन्होंने कहा, अब उन्हें ज्यादा काम नहीं करना चाहिए और नई पीढ़ी को आगे आने का मौका देना चाहिए.
राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चा
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हालांकि इस दौरान उन्होंने राजनीति से संन्यास और मंत्री पद छोड़ने से जुड़ी कोई बात नहीं की, लेकिन बात सीधे तौर पर हो या इशारों-इशारों में, जब कोई जनप्रतिनिधि काम या रिटायरमेंट की बात करता है तो कयास लगना तय है.
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सोशल मीडिया पर भी नितिन गडकरी के बयान की चर्चा तेज हो गई है. लोग उनके बयान को उनके भविष्य की राजनीति से जोड़कर भी देख रहे हैं. माना जा रहा है नितिन गडकरी सक्रिय राजनीति से दूरी बना लेंगे. उन्होंने अपनी बात में नई पीढ़ी को मौका देने पर जोर दिया.
केंद्रीय मंत्री ने दिए बदलाव के संकेत
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वहीं, अपने संबोंधन में नितिन गडकरी ने स्वास्थ्य में हुए बदलाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, कोरोना महामारी के बाद उन्होंने अपनी जीवनशैली में बदलाव किया और अब नियमित रूप से योग करते हैं. उन्होंने कहा कि अगर व्यक्ति स्वस्थ नहीं है तो सत्ता और पद का कोई फायदा नहीं है.
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उन्होंने पहले और अब में हुए बदलावों का जिक्र किया. नितिन गडकरी ने अपने पुरानों दिनों को याद करते हुए कहा, पहले पार्टी के लिए काम करते समय उनकी जीवनशैली काफी अलग थी. वह कभी भी समोसा खा लेते थे और कहीं भी सो जाते थे लेकिन अब उन्होंने अपनी दिनचर्या को बदल दिया है. अब वे स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हैं. हर दिन योग करते हैं, उन्होंने दोहराया ‘सार्वजनिक जीवन में लंबे समय तक काम करने के बाद अब नई पीढ़ी को भी जिम्मेदारी संभालने का अवसर मिलना चाहिए.’
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किसानों को लेकर क्या चिंता जताई?
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‘एकलव्य एकल विद्यालय शिक्षक-पर्यवेक्षक प्रशिक्षण कक्षा’ में केंद्रीय मंत्री ने किसानों की स्थिति और बढ़ते आत्महत्याओं के केस को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा, वह अपने बचे हुए समय में किसानों के कल्याण के लिए ज्यादा काम करना चाहते हैं. भले ही नितिन गडकरी ने आगे काम से ब्रेक लेने की ओर इशारा किया हो लेकिन मौजूदा जिम्मेदारी संभालते हुए वह किसानों और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करना चाह रहे हैं.