भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर हाई वोल्टेज ड्रामा! BGB ने अपने ही लोगों से झाड़ा पल्ला, BSF ने घुसपैठ का खेल किया खत्म
India-Bangladesh border: बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा बल (BGB) ने आरोप लगाया है कि पिछले 24 घंटे में भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने कई लोगों को बांग्लादेश की तरफ धकेलने की कोशिश की. दूसरी ओर, BSF ने उल्टा आरोप लगाया कि BGB कुछ लोगों को अवैध तरीके से भारत में घुसाने में लगी थी, जिसे रोका गया..
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India-Bangladesh border: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से बॉर्डर पर स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण हो गई है. खबर है कि अवैध तरीके से भारत आए बांग्लादेशी लोग अब भागने की कोशिश कर रहे हैं. इस कारण दोनों देशों की सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है और तनाव दिखाई दे रहा है. बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा बल (BGB) ने आरोप लगाया है कि पिछले 24 घंटे में भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने कई लोगों को बांग्लादेश की तरफ धकेलने की कोशिश की. दूसरी ओर, BSF ने उल्टा आरोप लगाया कि BGB कुछ लोगों को अवैध तरीके से भारत में घुसाने में लगी थी, जिसे रोका गया..
यह देखना दिलचस्प है कि BGB के आरोपों के मुताबिक भारतीय सीमा से बांग्लादेश में लोगों को भेजने का सवाल उठता है. असल में ऐसा होना नामुमकिन है क्योंकि भारत की तरफ से कोई भी नागरिक बांग्लादेश भेजा नहीं जाता. समस्या हमेशा उन लोगों की है जो अवैध तरीके से भारत में प्रवेश करते हैं..
BGB ने क्या कहा?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक BGB ने लालमोनिरहाट, पंचगढ़, नाओगांव और चपाईनवाबगंज सेक्टरों में 70 से ज्यादा लोगों को जीरो लाइन (सीमा रेखा) पर रोका. BGB का कहना है कि ये लोग भारतीय सीमा से बांग्लादेश में जाने की कोशिश कर रहे थे. इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. अधिकारी बताते हैं कि इन्हें सीमा पर ही रोक दिया गया और फिलहाल ये लोग नो-मैन्स-लैंड (दोनों देशों की सीमा के बीच फंसी जगह) में फंसे हुए हैं..
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BSF ने घुसपैठ को रोका
दूसरी ओर BSF का कहना है कि कूचबिहार जिले के मेखलीगंज इलाके में BGB की मदद से 10 बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में घुसाने की कोशिश की गई थी. इसमें भी महिलाएं और बच्चे शामिल थे. BSF ने अतिरिक्त जवान तैनात कर घुसपैठ को नाकाम कर दिया. सीमा पर निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अवैध घुसपैठ रोकी जा सके.
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है मामला?
यह मुद्दा इसलिए भी अहम है क्योंकि पश्चिम बंगाल की सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पर जोर दे रही हैं. भारत के सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि खुली सीमा का फायदा उठाकर अवैध घुसपैठ, मानव तस्करी और अन्य गलत गतिविधियां होती रही हैं. इसलिए BSF सीमा पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है.
फ्लैग मीटिंग में BGB ने किया इनकार
सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है जिसमें BSF और BGB के जवान कुछ फंसे हुए लोगों के साथ बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं. बताया गया है कि दोनों देशों के जवान इन लोगों को अपना नागरिक मानने से इनकार कर रहे हैं, जिसकी वजह से लोग सीमा क्षेत्र में ही फंसे हुए हैं.
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रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले पर फ्लैग मीटिंग आयोजित करने की कोशिश हुई, लेकिन BGB ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया. यह घटना ऐसे समय हुई है जब 8 से 11 जून के बीच नई दिल्ली में भारत-बांग्लादेश सीमा समन्वय बैठक होने वाली है. इस बैठक में BSF और BGB के वरिष्ठ अधिकारी सीमा सुरक्षा, घुसपैठ, तस्करी और अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे.