हरियाणा सरकार का बड़ा तोहफा, बेसहारा बच्चों को हर महीने मिलेगी आर्थिक सहायता
Haryana: यह योजना हरियाणा सरकार की एक सराहनीय पहल है, जो बेसहारा बच्चों को सम्मान के साथ जीने और आगे बढ़ने का मौका देती है. समय पर मिलने वाली आर्थिक मदद से ये बच्चे अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं.
Follow Us:
Haryana Child Welfare Scheme: हरियाणा सरकार ने बेसहारा और अनाथ बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ‘फाइनेंशियल असिस्टेंस टू डेस्टिट्यूट चिल्ड्रन स्कीम’ को और मजबूत किया है. इस योजना के तहत ऐसे बच्चों को हर महीने 1850 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिनके पास माता-पिता का सहारा नहीं है. सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा केवल आर्थिक तंगी की वजह से पढ़ाई, इलाज या रोजमर्रा की जरूरतों से वंचित न रहे और आगे चलकर आत्मनिर्भर बन सके.
क्या है योजना का मकसद
इस योजना का मुख्य लक्ष्य उन बच्चों की मदद करना है, जो किसी कारणवश माता-पिता के संरक्षण से दूर हो गए हैं. सरकार चाहती है कि इन बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन की बुनियादी सुविधाएं मिलती रहेंहर महीने मिलने वाली सहायता राशि बच्चों की स्कूल फीस, किताबें, इलाज और दैनिक खर्चों में सहायक साबित होती है. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मुताबिक, प्रदेश में हजारों बच्चे इस योजना से लाभ उठा रहे हैं.
कौन-कौन बच्चे ले सकते हैं योजना का लाभ
इस योजना का लाभ वही बच्चे ले सकते हैं जो कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करते हों. बच्चे की उम्र 21 साल से कम होनी चाहिए. वह माता-पिता के समर्थन से वंचित हो, जैसे माता-पिता की मृत्यु हो चुकी हो, पिता दो साल से घर से अनुपस्थित हों या माता या पिता को कम से कम एक साल की जेल की सजा हुई हो. इसके अलावा परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम होनी चाहिए. एक परिवार के अधिकतम दो बच्चों को ही इस योजना का लाभ मिल सकता है. बच्चा हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए और कम से कम 5 साल का निवास प्रमाण होना जरूरी है.
आवेदन करने की प्रक्रिया बेहद आसान
इस योजना के लिए आवेदन जिला स्तर पर किया जाता है. इच्छुक व्यक्ति अपने जिले के सामाजिक कल्याण अधिकारी या डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में जाकर आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं. इसके अलावा सरकार ने ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी है, जहां socialjusticehry.gov.in या haryana.gov.in पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है.
जरूरी दस्तावेज और भुगतान की प्रक्रिया
आवेदन करते समय जरूरी दस्तावेज जैसे उम्र प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और माता-पिता से संबंधित दस्तावेज संलग्न करना होते हैं. आवेदन स्वीकृत होने के बाद सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि सीधे बच्चे या अभिभावक के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है.
बेसहारा बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव
यह भी पढ़ें
यह योजना हरियाणा सरकार की एक सराहनीय पहल है, जो बेसहारा बच्चों को सम्मान के साथ जीने और आगे बढ़ने का मौका देती है. समय पर मिलने वाली आर्थिक मदद से ये बच्चे अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं.
टिप्पणियाँ 0
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें