'ED की रेड प्राइवेट फर्म पर और डर गईं CM ममता...', पश्चिम बंगाल की CM पर बरसी BJP, पूछा- इतनी घबराहट क्यों है?
कोलकाता में ED की कार्रवाई को लेकर बीजेपी ने सीएम ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने और अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाया है. बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बंगाल में जांच नहीं होने दी जा रही और इस पूरे मामले ने राष्ट्रीय राजनीति को गरमा दिया है.
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कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. ED की जांच में कथित तौर पर बाधा डालने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है. बीजेपी का आरोप है कि ममता बनर्जी न सिर्फ जांच एजेंसियों के काम में दखल दे रही हैं, बल्कि ED अधिकारियों को खुलेआम धमकाने का भी काम कर रही हैं. इस मुद्दे ने अब राष्ट्रीय राजनीति का रूप ले लिया है.
दिल्ली स्थित बीजेपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सांसद रविशंकर प्रसाद ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि बंगाल में ममता बनर्जी किसी भी तरह की जांच नहीं होने देती हैं. सवाल यह है कि आखिर बंगाल में ऐसा क्या है, जिसे मुख्यमंत्री छिपाने की कोशिश कर रही हैं. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कोलकाता में जो कुछ हुआ, वह आजाद भारत के इतिहास में पहले कभी देखने को नहीं मिला.
लोकतंत्र को शर्मसार करने का आरोप
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का रवैया न सिर्फ अनैतिक और गैर-जिम्मेदार है, बल्कि पूरी तरह असंवैधानिक भी है. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शर्मसार किया है. बीजेपी नेता ने यह भी कहा कि ED की रेड एक निजी कंपनी के दफ्तर पर थी, फिर मुख्यमंत्री को इससे इतनी घबराहट क्यों हुई. उनका कहना था कि ममता बनर्जी को डर है कि उनके कथित घोटालों के राज सामने आ जाएंगे. बीजेपी ने साफ तौर पर कहा कि किसी भी जांच को रोकना कानून का उल्लंघन है. रविशंकर प्रसाद ने दो टूक कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और ममता बनर्जी के कामकाज का हिसाब जनता समय आने पर जरूर करेगी.
ये रेड न तो ममता बनर्जी के घर पर थी, न उनके दफ्तर में, न ही टीएमसी के दफ्तर में और न ही टीएमसी के किसी नेता या मंत्री के घर पर थी। ये रेड एक प्राइवेट कंसल्टेंसी फर्म पर थी, जिसके यहां करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत आई थी।
— BJP (@BJP4India) January 9, 2026
ऐसे में ममता बनर्जी जाती हैं, उनके पुलिस… pic.twitter.com/1DkTaDEE9F
दिल्ली में TMC सांसदों का जोरदार प्रदर्शन
इस बीच 9 जनवरी 2026 को तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में डेरेक ओ'ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद जैसे प्रमुख नेता शामिल रहे. TMC सांसद ED की ओर से कोलकाता में I-PAC के कार्यालयों और इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर हुई छापेमारी का विरोध कर रहे थे. प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की. पुलिस ने महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ'ब्रायन को हिरासत में भी लिया. TMC का आरोप है कि केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रही है.
क्या है I-PAC और क्यों चर्चा में
इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी यानी I-PAC एक पॉलिटिकल कंसलटेंट फर्म है, जो राजनीतिक दलों को चुनावी रणनीति और कैंपेन मैनेजमेंट में मदद करती है. इसके डायरेक्टर प्रतीक जैन हैं. I-PAC राजनीतिक दलों को डेटा आधारित रणनीति, मीडिया प्लानिंग और वोटर आउटरीच जैसे कामों में सहयोग देती है. इसकी शुरुआत 2013 में प्रशांत किशोर और प्रतीक जैन ने मिलकर की थी. बाद में प्रशांत किशोर के अलग होने के बाद इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रतीक जैन के हाथों में आ गई.
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बताते चलें कि ED की कार्रवाई और उस पर सियासी प्रतिक्रिया ने एक बार फिर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच टकराव को उजागर कर दिया है. आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है.
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