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ECMS योजना: उत्तर प्रदेश को मिली बड़ी औद्योगिक उपलब्धि, 4 परियोजनाओं को मिली मंजूरी

ईसीएमएस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में 04 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं. प्रदेश उन 11 राज्यों में शामिल है जहां इस योजना के अंतर्गत परियोजनाओं को मंजूरी मिली है.

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07 Jan 2026
( Updated: 07 Jan 2026
07:30 PM )
ECMS योजना: उत्तर प्रदेश को मिली बड़ी औद्योगिक उपलब्धि, 4 परियोजनाओं को मिली मंजूरी

केंद्र सरकार की “इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस)” के तीसरे चरण के अंतर्गत हाल ही में 22 प्रस्तावों की स्वीकृति में उत्तर प्रदेश का नाम सम्मिलित होना इसी बदले हुए औद्योगिक परिदृश्य की तस्वीर है.

₹41,863 करोड़ का निवेश, 33,791 प्रत्यक्ष रोजगार की संभावना

ईसीएमएस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में 04 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं. प्रदेश उन 11 राज्यों में शामिल है जहां इस योजना के अंतर्गत परियोजनाओं को मंजूरी मिली है. इस योजना के अंतर्गत केंद्र की ओर से 41,863 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश और 33,791 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है.

निवेश अनुकूल नीतियों से बढ़ा निवेशकों का भरोसा

इसका प्रत्यक्ष लाभ प्रदेश की अर्थव्यवस्था और युवाओं को भी मिलेगा. योगी सरकार ने पिछले वर्षों में निवेश अनुकूल वातावरण को मजबूती देने का काम किया है. वर्ष 2017 में अधिसूचित “उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति” और “इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी 2025” के माध्यम से उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों का भरोसा जीतने में सफल रहा है. सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, पारदर्शी नीतियां और बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण उत्तर प्रदेश आज इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई टेक मैन्युफैक्चरिंग के मामले में पसंदीदा गंतव्य बन रहा है.

उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी मोबाइल विनिर्माण केंद्र बन गया है, जो देश के 55% से अधिक स्मार्टफोन और 50-60% मोबाइल कंपोनेंट्स का उत्पादन करता है. ईसीएमएस के अंतर्गत प्रदेश में स्थापित होने वाली इकाइयां इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन को मजबूत करने के साथ-साथ आयात पर निर्भरता कम करने में भी विशेष भूमिका निभाएंगी.

हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा

इन परियोजनाओं के जरिये पीसीबी, डिस्प्ले मॉड्यूल, लीथियम आयन सेल और अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्माण किया जाएगा. इससे न केवल मोबाइल और आईटी हार्डवेयर इंडस्ट्री को दृढ़ता मिलेगी, बल्कि प्रदेश में हाई वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार भी होगा. सरकार की मंशा है कि उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर भारत में योगदान देने वाला अग्रणी प्रदेश बनाया जाए. इसी सोच को लेकर प्रदेश सरकार ने निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग देने का एक इकोसिस्टम बनाया है.

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इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश में बड़े राष्ट्रीय और वैश्विक ब्रांड निवेश के लिए आगे आ रहे हैं. ईसीएमएस के तहत जो स्वीकृति मिली है वह इस भरोसे को और मजबूती प्रदान करती है. विभाग के मुताबिक प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) क्षेत्र से जुड़ी 200 से अधिक कंपनियां कार्यरत हैं. इनमें वीवो, ओप्पो, सैमसंग, लावा, हायर और एलजी जैसी अग्रणी कंपनियों के साथ-साथ होलिटेक, ट्रांसशन, जाह्वा, सनवोडा और सैमक्वांग जैसे कंपोनेंट आपूर्तिकर्ताओं ने भी उत्तर प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित की हैं.

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