3 बड़े नेताओं की लड़ाई से हरियाणा में कांग्रेस को बड़ा नुक़सान, BJP ने मार ली बाज़ी
हरियाणा के चुनावी नतीजे आ रहे हैं.. और रुझानों में बीजेपी बहुमत के पार होती दिखाई दे रही है वहीं कांग्रेस हारती दिखाई दे रही है. कांग्रेस के हारने का कारण तीन बड़े नेता बताए जा रहे हैं.
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत में कच्चे तेल और ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है. सरकार हालात पर नजर रखे हुए है और देश में पेट्रोल, डीजल व अन्य ईंधन की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नया आदेश जारी किया है कि जिन उपभोक्ताओं के घर में पाइप से आने वाली पीएनजी गैस का कनेक्शन है, वे अब एलपीजी गैस सिलेंडर नहीं रख सकेंगे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद घटना में प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.
आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी और किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को तैनात किया गया है. होम कंट्रोल रूम में भी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में फूट डालने वाली राजनीति कभी भी सफल नहीं होगी. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब की मिट्टी उपजाऊ है, लेकिन भाजपा के धर्म और नफरत की राजनीति के बीज यहां कभी नहीं उगेंगे."
डोडा जिले के भद्रवाह क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 75 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया.
मुख्यमंत्री ने भगवान महावीर मार्ग और केएल बग्गा मार्ग पर मौजूदा स्टॉर्म वाटर ड्रेन के रीमॉडलिंग कार्य का भी उद्घाटन किया. इस परियोजना के तहत प्रीकास्ट फैक्ट्री निर्मित आरसीसी ड्रेन का निर्माण किया जाएगा, जो न्यू मास्टर ड्रेन प्लान 2025 के अनुरूप होगा.
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समाज के हर वर्ग के बच्चों तक पहुंचनी चाहिए. इसी उद्देश्य के साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी निजी विद्यालयों में पढ़कर अपने भविष्य को बेहतर बना सकें.
बजट में इस परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है. सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊर्जा मिलेगी और तकनीक आधारित उद्योगों के विस्तार को गति मिलेगी.
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