कांग्रेस ने कभी राम को बोला था काल्पनिक, प्राण प्रतिष्ठा को बताया सियासी स्टंट...अब राहुल गांधी जा रहे अयोध्या, करेंगे रामलला के दर्शन!
जिस कांग्रेस ने कभी राम मंदिर का विरोध किया था, जिसने कभी राम को काल्पनिक तक बता दिया था. इतना ही नहीं प्राण प्रतिष्ठा के न्यौते को भी सियासी स्टंट करार दे दिया था. अब वही कांग्रेसी श्रीराम के दरबार में नतमस्तक होगी. खुद राहुल गांधी अयोध्या जाएंगे और रामलला के दर्शन करेंगे.
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राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को एक साल से ज्यादा का समय बीत चुका है. इतना ही नहीं, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज की स्थापना के बाद राम मंदिर की पूर्णाहुति भी हो चुकी है. इसके बावजूद कांग्रेस आलाकमान और गांधी परिवार से अब तक किसी ने राम मंदिर का दौरा नहीं किया है. हालांकि यूपी में आने वाले विधानसभा चुनाव और बदले राजनीतिक माहौल के बीच खबर सामने आ रही है कि LOP राहुल गांधी भी राम मंदिर में मत्था टेकेंगे और प्रभु श्रीराम के दर्शन करेंगे.
कांग्रेस सांसद ने दी राहुल गांधी के अयोध्या दौरे की जानकारी
इस संबंध में जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जल्द ही अयोध्या के राम मंदिर जाएंगे और रामलला के दर्शन करेंगे. तनुज पुनिया ने कहा कि जब राम मंदिर का उद्घाटन हुआ था, उस समय राहुल गांधी ने खुद कहा था कि मंदिर का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए वे अधूरे मंदिर में पूजा के लिए नहीं जाएंगे.
पुनिया ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने कहा था कि जब मंदिर पूरी तरह तैयार हो जाएगा, ध्वज और शिखर स्थापित हो जाएंगे और नियमित पूजा शुरू हो जाएगी, तब वे दर्शन करेंगे. चूंकि अब मंदिर का ध्वज लग चुका है, शिखर स्थापित हो गया है और पूजा-अर्चना भी शुरू हो चुकी है, ऐसे में राम मंदिर को पूर्ण माना जा सकता है. इसी कारण राहुल गांधी अब अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करेंगे.
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी अपने समय और सुविधा के अनुसार ही मंदिर जाएंगे. कांग्रेस सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि राहुल गांधी भगवान श्रीराम में आस्था रखते हैं और सभी देवी-देवताओं का सम्मान करते हैं.
आपको बता दें कि राहुल गांधी के राम मंदिर जाकर रामलला के दर्शन को लेकर आई खबरों के पीछे की वजह कुछ और भी है. सूत्रों के मुताबिक अयोध्या में रक्षा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक होने वाली है. राहुल गांधी भी इस समिति के सदस्य हैं. ऐसे में उनके भी समिति की बैठक में शामिल होने की संभावना है. मामले के जानकार बताते हैं कि बैठक में शामिल होना एक संवैधानिक दायित्व भी होता है.
मालूम हो कि संसदीय समिति समय-समय पर विभिन्न जगहों का दौरा करती है. इसी क्रम में रक्षा मंत्रालय से जुड़ी स्थायी समिति वाराणसी कैंट–अयोध्या का दौरा करने वाली है. सूत्रों के मुताबिक समिति अगर अयोध्या जाती है तो उसका राम मंदिर जाने का भी प्लान बन सकता है.
कब अयोध्या जाएगी संसदीय समिति?
सूत्रों के मुताबिक संभावना है कि 22 जनवरी या 23 जनवरी को समिति अयोध्या जा सकती है, जहां उसके सदस्य राम मंदिर में रामलला के दर्शन करेंगे. वर्ष 2024 में 22 जनवरी को ही अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी और भगवान राम के बालस्वरूप की मूर्ति की स्थापना की गई थी. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा देश के जाने-माने गणमान्य लोगों ने शिरकत की थी.
कांग्रेस ने कभी राम को बताया था काल्पनिक!
राहुल गांधी का अयोध्या दौरा अपने आप में अहम है. कांग्रेस की राम मंदिर को लेकर राय थोड़ी अलग रही है. कभी कांग्रेसी सरकार ने राम के अस्तित्व को ही नकार दिया था, राम की अवधारणा को काल्पनिक बता दिया था. उसी कांग्रेस के चश्मो चिराग राहुल गांधी अगर राम मंदिर का दौरा करते हैं तो ये बड़ी बात होगी. इतना ही नहीं कांग्रेस ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के न्यौते को सियासी स्टंट बता दिया था. इसके अलावा राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के खिलाफ राहुल गांधी ने मोर्चा खोल दिया और इसे जातिगत रंग देने की कोशिश की थी.पहले से ही अल्पसंख्यक तुष्टिकरण का आरोप झेल रही कांग्रेस के लिए ये सॉफ्ट हिंदुत्व की ओर लौटने के समान होगा.
पहली और आखिरी बार 2016 में अयोध्या गए थे राहुल गांधी
गौरतलब है कि अगर राहुल गांधी अयोध्या जाते हैं तो यह उनके पूरे जीवन का रामनगरी का दूसरा दौरा होगा. इससे पहले वे 9 सितंबर 2016 को अयोध्या गए थे. अपनी किसान यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने अयोध्या में हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद अयोध्या जाने वाले गांधी परिवार के पहले सदस्य थे. हालांकि उस समय उन्होंने राम जन्मभूमि स्थल जाने से परहेज किया था.
तनुज पुनिया के बयान और संसदीय समिति के यूपी दौरे को लेकर आई खबरों के बाद राहुल गांधी के अयोध्या दौरे और उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
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