अब UP में चलते‑फिरते अस्पताल से महिलाओं का होगा Free इलाज, जानें क्या है 'नमो शक्ति रथ’
UP: अधिकारियों ने बताया कि नमो शक्ति रथ के लिए वैन की समय-सारिणी, मार्ग और जमीनी स्तर पर कामकाज की पूरी योजना पहले ही तैयार कर ली गई है. इस पहल से महिलाओं में कैंसर की समय पर पहचान, बेहतर इलाज, सही फॉलोअप और स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा बढ़ने की उम्मीद है.
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Namo Shakti Rath: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के तहत महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक अहम और सराहनीय कदम उठाया गया है. इस पहल के अंतर्गत अब महिलाओं में स्तन कैंसर की समय रहते पहचान के लिए ‘नमो शक्ति रथ’ चलाया जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि महिलाओं को घर के पास ही मुफ्त जांच की सुविधा मिले, ताकि बीमारी की पहचान शुरुआती दौर में हो सके और इलाज में देर न हो. यह पहल खास तौर पर उन महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी, जो जानकारी या संसाधनों की कमी के कारण समय पर जांच नहीं करा पाती हैं.
290 ग्राम पंचायतों से होगी शुरुआत
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना की शुरुआत वाराणसी जिले से की जा रही है. पहले चरण में जिले की 290 ग्राम पंचायतों, नगर निगम के 92 वार्डों और गंगापुर क्षेत्र के 12 वार्डों को इस योजना में शामिल किया गया है. इन सभी क्षेत्रों में 18 वर्ष से अधिक उम्र की करीब 7.50 लाख महिलाओं तक पहुंच बनाकर स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग की जाएगी. इसके लिए कुल 20 नमो शक्ति रथ चलाए जाएंगे, जो अलग-अलग इलाकों में जाकर महिलाओं की जांच करेंगे. यह पूरा कार्यक्रम मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के मार्गदर्शन में संचालित किया जाएगा.
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आधुनिक तकनीक से होगी जांच
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि इसमें एआई आधारित थर्मल इमेजिंग तकनीक (थर्मलाइटिक्स) का इस्तेमाल किया जाएगा. यह जांच पूरी तरह सुरक्षित है क्योंकि इसमें न तो रेडिएशन होता है और न ही शरीर को छूने की जरूरत पड़ती है. यह एक सरल, तेज और दर्द रहित प्रक्रिया है, जिससे स्तन कैंसर के शुरुआती संकेतों की पहचान की जा सकती है. इस तकनीक की मदद से महिलाओं को बिना किसी डर और झिझक के जांच कराने का अवसर मिलेगा.
जागरूकता फैलाने में होगी सामूहिक भागीदारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद ने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और पंचायत कर्मियों की अहम भूमिका होगी. ये सभी लोग मिलकर गांव-गांव और मोहल्लों में महिलाओं को जागरूक करेंगे और उन्हें तय स्थानों पर जांच के लिए प्रेरित करेंगे. इसके साथ ही महिलाओं को यह भी समझाया जाएगा कि समय पर जांच क्यों जरूरी है और शुरुआती पहचान से इलाज कितना आसान हो सकता है.
बेहतर इलाज और भरोसे की उम्मीद
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अधिकारियों ने बताया कि नमो शक्ति रथ के लिए वैन की समय-सारिणी, मार्ग और जमीनी स्तर पर कामकाज की पूरी योजना पहले ही तैयार कर ली गई है. इस पहल से महिलाओं में कैंसर की समय पर पहचान, बेहतर इलाज, सही फॉलोअप और स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा बढ़ने की उम्मीद है. प्रशासन का मानना है कि यह कार्यक्रम न केवल वाराणसी बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए महिला-केंद्रित और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं का एक बेहतरीन उदाहरण बन सकता है.
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