CM योगी का बड़ा रोजगार प्लान, जनवरी में 5 शहरों में वृहद जॉब मेला; 100 कंपनियां, हजारों युवाओं को मिलेगी सीधे नौकरी
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार लखनऊ, मुजफ्फरनगर, झांसी, गोरखपुर और वाराणसी में वृहद रोजगार मेले आयोजित करेगी. इनमें आसपास के मंडलों के युवा भी शामिल होंगे. हर मेले में करीब 100 कंपनियां भाग लेंगी और लगभग 20 हजार युवाओं को सीधे रोजगार मिलने की संभावना है.
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उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की योजना के तहत लखनऊ, मुजफ्फरनगर, झांसी, गोरखपुर और वाराणसी में वृहद रोजगार मेले लगाए जाएंगे. इन मेलों की खास बात यह होगी कि इनमें सिर्फ मेजबान शहर के ही नहीं, बल्कि आसपास के मंडलों के युवा भी हिस्सा ले सकेंगे. सरकार का मानना है कि मंडल स्तर पर आयोजन से ज्यादा से ज्यादा युवाओं तक अवसर पहुंचाया जा सकेगा.
दरअसल, लखनऊ में होने वाले रोजगार मेले में लखनऊ के साथ कानपुर, अयोध्या और बरेली मंडल के जिलों से युवा शामिल होंगे. मुजफ्फरनगर में मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़ और मुरादाबाद मंडल के युवाओं को आमंत्रित किया जाएगा. झांसी में झांसी, चित्रकूट और आगरा मंडल के जिलों से प्रतिभागी पहुंचेंगे. गोरखपुर मेले में गोरखपुर, बस्ती, देवीपाटन और आजमगढ़ मंडल के युवाओं को अवसर मिलेगा. वहीं वाराणसी में होने वाले मेले में वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडल के जिलों के युवा शामिल होंगे.
एक मेले में 100 कंपनियां
उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक, हर रोजगार मेले में औसतन 100 कंपनियां हिस्सा लेंगी. इन कंपनियों के माध्यम से करीब 20 हजार युवाओं को सीधे रोजगार मिलने की संभावना है. निजी क्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न सेक्टर की कंपनियों को आमंत्रित किया जा रहा है, ताकि युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुसार विकल्प मिल सकें. राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिलदेव अग्रवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रोजगार मेलों की जानकारी प्रदेश के हर जिले तक समय पर पहुंचाई जाए. उन्होंने कहा कि सूचना की कमी के कारण कोई भी युवा इस अवसर से वंचित न रहे. सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा युवा इन मेलों में पहुंचकर अपने करियर की मजबूत शुरुआत कर सकें.
स्थानीय रोजगार से पलायन पर रोक की कोशिश
कपिलदेव अग्रवाल के अनुसार, यूपी सरकार की रणनीति साफ है. स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाकर पलायन पर रोक लगाना और प्रदेश को 1,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाना. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार किया जा रहा है. इसका मकसद यह है कि प्रशिक्षण पूरा होते ही युवा सीधे नौकरी से जुड़ सकें और उन्हें दूसरे राज्यों में रोजगार के लिए भटकना न पड़े.
ग्रामीण युवाओं के लिए भी खुलेंगे नए रास्ते
उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत अब तक आयोजित 1,624 रोजगार मेलों से 2.26 लाख से अधिक ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिल चुका है. अब इसी अनुभव के आधार पर जनवरी में होने वाले वृहद रोजगार मेले और भी बड़े स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं. इन मेलों में युवाओं को एक ही परिसर में अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों तक सीधी पहुंच मिलेगी. इंटरव्यू, चयन और जॉब ऑफर की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा, ताकि युवाओं का समय और मेहनत दोनों बच सकें. सरकार का जोर इस बात पर है कि गांव और कस्बों के युवा भी अपने हुनर के दम पर उत्तर प्रदेश में ही बेहतर भविष्य बना सकें.
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बताते चलें कि जनवरी में होने वाले ये रोजगार मेले उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए करियर का बड़ा अवसर बनकर सामने आ रहे हैं, जहां मेहनत और योग्यता को सीधे नौकरी से जोड़ने की कोशिश की जा रही है.
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