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जादवपुर में देश विरोधी नारों-पोस्टर्स पर CM सुवेंदु सख्त, जांच के आदेश दिए, टुकड़े-टुकड़े गैंग के होंठ सिलने का लिया संकल्प

जादवपुर यूनिवर्सिटी में देश विरोधी नारे और पोस्टर के वीडियो सामने आने और हालिया झड़पों के मामले में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सख्त एक्शन लिया है. उन्होंने जांच के निर्देश दिए हैं. इससे पहले उन्होंने टुकड़े-टुकड़े गैंग के होठ सिलने के आदेश दिए थे.

Suvendu Adhikari/ Image Source: IANS
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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जादवपुर विश्वविद्यालय के आर्ट्स डिवीजन बॉयज हॉस्टल परिसर में कथित आपत्तिजनक और राष्ट्रविरोधी दीवार लेखन (ग्राफिटी) एवं चित्रों को लेकर सख्त एक्शन लिया है. उन्होंने इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि ऐसी देश विरोधी हरकत और गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

जादवपुर यूनिवर्सिटी मामले पर सीएम सुवेंदु सख्त!

बंगाल सीएम ने पुलिस, अधिकारियों और यूनिवर्सिटी प्रशासन  को इस मामले में जांच के आदेश दिया है, इससे दो दिन पहले उन्होंने जादवपुर में ‘राष्ट्र-विरोधी’ गतिविधियों को समाप्त करने का संकल्प लिया था और कहा था कि टुकड़े-टुकड़े गैंग और जिहादियों के होंठ हमेशा के लिए बंद कर देंगे.

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जादवपुर की घटना पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिकायत प्रकोष्ठ को विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों की ओर से वीडियो और तस्वीरें प्राप्त हुई हैं, जिनमें हॉस्टल परिसर में आपत्तिजनक, हिंसक और कथित तौर पर भारत विरोधी संदेशों वाले चित्र और ग्राफिटी दिखाई दे रहे हैं.

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मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने संदेश में कहा कि शैक्षणिक संस्थान शिक्षा, अकादमिक उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण के पवित्र केंद्र होते हैं. ऐसे में किसी भी स्थिति में विश्वविद्यालय परिसर को विकृत प्रचार या भारत विरोधी विचारों के प्रसार का मंच नहीं बनने दिया जाएगा.

जादवपुर विश्वविद्यालय में देश विरोधी नारों पर सीएम सुवेंदु ने दिए जांच के आदेश

उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय के कुलपति, उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों से मामले की तत्काल जांच कराने का आग्रह किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे पहले आर्ट्स डिवीजन बॉयज हॉस्टल क्षेत्र का भौतिक सत्यापन किया जाए और यदि ऐसे ग्राफिटी एवं चित्र मौजूद पाए जाते हैं तो इनके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाती है, विशेषकर शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों में. उन्होंने संबंधित विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि अकादमिक वातावरण की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं. यदि जांच में राष्ट्रविरोधी संदेशों और आपत्तिजनक चित्रों की पुष्टि होती है, तो उन्हें तत्काल हटाया जाए, जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए और उनके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाए.

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मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि पश्चिम बंगाल के शैक्षणिक संस्थान प्रतिभा, अनुशासन और शिक्षा के केंद्र बने रहने चाहिए, न कि विभाजनकारी विचारों और असामाजिक गतिविधियों के मंच. उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगा और परिसर में स्वस्थ शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करेगा.

सुवेंदु ने जादवपुर विश्वविद्यालय में ‘राष्ट्र-विरोधी’ गतिविधियों को समाप्त करने का लिया है संकल्प 

इससे पहले सीएम सुवेंदु ने शनिवार शाम को कहा था कि राज्य के प्रशासनिक प्रमुख के रूप में वे दक्षिण कोलकाता स्थित जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) में राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को समाप्त करने और वहां राष्ट्रवाद की भावना को 'हर कीमत पर' स्थापित करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि जेयू में वंदे मातरम नहीं गाने दिया जाता. वहां राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया जाता. शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाता. वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए जाने दिए जाते, लेकिन हम जादवपुर के अंदर और बाहर राष्ट्रवाद स्थापित करेंगे. उन्होंने सीपीआई (एम) के छात्र संगठन एसएफआई और एबीवीपी के बीच हुई दो झड़पों का जिक्र किया.

वे दक्षिण कोलकाता के अपने निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में अन्नपूर्णा योजना पर एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर, अधिकारी ने झड़पों को लेकर राज्य सरकार और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ट्रोल करने वालों पर तीखा हमला बोला.

'टुकड़े-टुकेड़े गैंग के होठ सिलने होंगे'

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अधिकारी ने कहा कि मैंने सोशल मीडिया पर जुर्माने के साथ हुई झड़पों को लेकर कई लोगों को रोते हुए देखा है. उन्हें सुनना चाहिए: अगर वे इस राज्य में रहना चाहते हैं, तो उन्हें वंदे मातरम गाना होगा. देशभक्ति, राष्ट्रवाद और राज्य के साथ कोई समझौता नहीं हो सकता. ‘कश्मीर मांगे आजादी’ का नारा लगाने वालों के होंठ सिलना हमारा कर्तव्य है. अगर आप इस राज्य में रहना चाहते हैं, तो आपको वंदे मातरम गाना होगा. यही अंतिम निर्णय है.

उनके अनुसार, मीडिया का एक वर्ग चाहे 26 जनवरी या 15 अगस्त न मनाने वालों के प्रति कितनी भी सहानुभूति दिखाए, राज्य सरकार अपने रुख से पीछे नहीं हटेगी. उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार करने के लिए बनी है. राष्ट्रवाद और पारंपरिक संस्कृति से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

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