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PM मोदी की ‘काशी’ के मुस्लिम बहुल इलाके में गरजा बुलडोज़र, दालमंडी में सबसे बड़ा एक्शन, अवैध मकान-दुकानें जमींदोज़!

भगवान शिव की नगरी काशी में बुलडोज़र गरजा. एक के बाद एक अवैध मकान और दुकानें जमींदोज़ हो गईं. दालमंडी में बाबा के बुलडोज़र एक्शन ने दूसरी जगहों पर कब्ज़ा जमाए बैठे लोगों की नींद उड़ा दी है.

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12 Jan 2026
( Updated: 12 Jan 2026
04:16 PM )
PM मोदी की ‘काशी’ के मुस्लिम बहुल इलाके में गरजा बुलडोज़र, दालमंडी में सबसे बड़ा एक्शन, अवैध मकान-दुकानें जमींदोज़!
Buldozer Action in Varanasi's Dalmandi

बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी के मुस्लिम बहुल दालमंडी में बुलडोज़र एक्शन से हड़कंप मच गया है. इस कार्रवाई में एक-एक करके कई अवैध इमारतें जमींदोज़ कर दी गईं. इस अभियान के तहत करीब 186 चिन्हित मकानों को गिराया जाना है. कहा जा रहा है कि इसके बाद सड़क चौड़ीकरण का काम तेज़ी से किया जाएगा.

आपको बता दें कि दालमंडी में कुल 186 मकान गिराए जाने हैं. इनमें से 9 मकानों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया दीपावली के बाद ही शुरू हो गई थी, लेकिन SIR के चलते काम रुक गया था. नवंबर से ध्वस्तीकरण का कार्य रुका हुआ था और अब मकानों के बचे हुए हिस्सों को तोड़ने तथा बाकी निर्माण पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. फिलहाल, 45 मकानों पर सबसे पहले कार्रवाई होनी है.

सीएम योगी ने दालमंडी में कार्य में तेजी लाने के दिए थे निर्देश!

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में वाराणसी दौरे के दौरान दालमंडी में काम को तेज़ करने के निर्देश दिए थे. उन्होंने स्पष्ट कहा था कि दालमंडी में मकानों की रजिस्ट्री, मलबा हटाने और गिराए जाने वाले मकानों को तेज़ी से ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की जाए. उसी आदेश के क्रम में दालमंडी में बुलडोज़र पहुँचाया गया है.

सड़क चौड़ीकरण परियोजना में रुकावट बन रहे थे अवैध मकान!

वैसे तो इस इलाके में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए पहले से ही अतिक्रमण हटाने का काम किया जा रहा था, लेकिन जब बारी अवैध मकान और दुकानों को तोड़ने की आई, तो काम धीमा पड़ गया. काम धीमा हुआ तो अवैध मकान-दुकानों में रह रहे लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन यह राहत कुछ ही पलों की थी. आफ़त तब आई, जब बुलडोज़र एक्शन का ऐलान कर दिया गया.

 जब हथौड़े से नहीं बनी बात तो चल गया बुलडोजर

जो काम अब तक हथौड़ों की मदद से किया जा रहा था, उस पर अब पीला पंजा चला. दालमंडी परियोजना को हर हाल में पूरा किया जाना है और इसलिए जितना भी अतिक्रमण किया गया है, उसे हटाया जाएगा. इसकी चपेट में 186 मकान आएंगे, जिन्हें तोड़ने का काम शुरू हो चुका है. दालमंडी परियोजना पूरी होने के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुँचना और भी आसान हो जाएगा. अभी संकरी गलियों की वजह से श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी काफ़ी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ता है.

पांच-पांच मंज़िला मकानों पर भी बुलडोज़र एक्शन

दालमंडी में पांच-पांच मंज़िला मकानों पर भी बुलडोज़र की कार्रवाई की गई. इसे लेकर पहले से ही प्रशासन की ओर से मुनादी कर दी गई थी, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अधिकारियों ने सोमवार को बुलडोज़र चलवाया. जिस वक़्त यह कार्रवाई हुई, उस समय पूरे इलाके में भारी फोर्स तैनात थी.

क्या है दालमंडी अभियान?

आपको बता दें कि वाराणसी के दालमंडी इलाके में प्रशासन का बड़ा अभियान चल रहा है. दालमंडी में ध्वस्तीकरण का काम पिछले कुछ दिनों से जारी था, लेकिन पहले यह काम सिर्फ़ मज़दूरों और हथौड़ों की मदद से किया जा रहा था. सोमवार सुबह से प्रशासन ने वहाँ बुलडोज़र उतार दिया. आधी रात को ही बुलडोज़र चौक थाने और मस्जिद के पास पहुँच गए थे और सुबह से कार्रवाई तेज़ कर दी गई.

दालमंडी परियोजना से क्या होगा फायदा?

इस कार्रवाई के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं. पहला, सड़क चौड़ीकरण परियोजना-दालमंडी की सड़क को ‘मॉडल रोड’ के रूप में विकसित किया जा रहा है. अभी यह सड़क बेहद संकरी है, जिसे लगभग 60 फ़ीट चौड़ा किया जाना है. दूसरा कारण यह है कि यह मार्ग लहुराबीर-गोदौलिया रोड से होकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 तक पहुँचने का प्रमुख रास्ता बनेगा. इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवाजाही आसान हो जाएगी.

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आपको जानकारी दे दें कि प्रशासन ने कुल 186 भवनों को चिह्नित किया है, जो सड़क की जद में आ रहे हैं. इनमें से कई भवनों की रजिस्ट्री हो चुकी है और उनके मालिकों को मुआवज़ा भी दिया जा चुका है. फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात है. चौक की तरफ़ से बैरिकेडिंग कर दी गई है, ताकि कोई अनावश्यक भीड़ न जुट सके. चूँकि यह कार्रवाई वाराणसी के दालमंडी इलाके में हो रही है, जो पूर्वांचल की सबसे बड़ी मंडियों में से एक है, इसलिए प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ अभियान चला रहा है.

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