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असम के नागरिक को अगवा कर बांग्लादेशियों ने कर दी गलती…जब भारत ने लिया सख़्त स्टैंड, देर रात लौटाया वापस

बांग्लादेशियों के एक गुट ने एक असमिया नागरिक को दिन के उजाले में अगवा कर लिया. फिर भारत ने तगड़ी चेतावनी दी. इसके बाद बांग्लादेश ने मुंह छिपाते हुए रात को उसे भारत को सौंप दिया है.

Image Source: @dccachar/ X
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भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा और अवैध घुसपैठ को लेकर मामला बढ़ता जा रहा है. इसी बीच असम के कछार जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे एक गांव से बड़ी ख़बर सामने आ रही है. यहां बीते मंगलवार को कुछ बांग्लादेशियों के एक गुट ने एक भारतीय नागरिक को अगवा कर लिया. इसके बाद इलाके में भारी तनाव पैदा हो गया. इसके बाद सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं. BSF की ओर से पहल और गंभीर परिणाम भुगतने की दी गई कथित चेतावनी के बाद उस व्यक्ति को देर रात बांग्लादेश के अधिकारियों ने भारत को सौंप दिया. आरोप है कि उसे दिन में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से अगवा कर लिया था.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, भारत-बांग्लादेश बॉर्डर से सटे असम के कछार जिले में मंगलवार को बांग्लादेशी नागरिकों का गुट एक भारतीय व्यक्ति को अगवा करके ले गया, इसके बाद इलाके में तनाव पैदा हो गया, कछार के कटीगोराह गांव के रहने वाले रंजीत दास को अगवा किया गया, उन्हें तब अगवा किया गया जब सुबह बॉर्डर इलाके में वो अपनी जमीन से घास लेने गया था, भारतीय शख़्स को अगवा किए जाने पर इलाके में तनाव पैदा हुआ और खोजबीन शुरू हुई.

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बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड ने शख़्स को वापस सौंपा

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कछार के SSP संजीव कुमार सैकिया ने जानकारी देते हुए बताया कि, रंजीत दास को बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड ने भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया है, रंजीत जिस इलाके में गया था, वह बॉर्डर फेंसिंग के पार भारतीय इलाका था, जिसे जीरो पॉइंट के नाम से जाना जाता है, यहां स्थानीय लोग आते-जाते हैं.

कछार पुलिस का सामने आया बयान

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इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर कछार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा कि 'कटिगोराह निर्वाचन क्षेत्र के किन्नरखाल के रहने वाले रंजीत दास नाम के एक व्यक्ति भारत-बांग्लादेश सीमा के पास एक गाँव से लापता हो गए. खबर है कि संदिग्ध बदमाशों ने उनका अपहरण कर उन्हें बांग्लादेश पहुंचा दिया था.'

जब सीमा पर फंस गए बांग्लादेशी घुसपैठिए!

कछार ज़िला प्रशासन, पुलिस, बॉर्डर पुलिस और BSF अधिकारियों ने बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ मिलकर बातचीत और समन्वित प्रयास किए, जिसके बाद उस व्यक्ति को सुरक्षित बचा लिया गया. इसके बाद BGB ने उन्हें भंगा आउटपोस्ट के पास BSF को सौंप दिया. सभी से अनुरोध है कि वे शांत रहें, कोई अफ़वाह न फैलाएँ और इस मामले में किसी भी तरह की गड़बड़ी या उपद्रव न करें.

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इस बीच, भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक दूसरी घटना में असम के दक्षिण सालमारा-मानकाचर ज़िले के पास 'नो-मैन्स लैंड' पर 9 संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी फंस गए. इस संबंध में अधिकारियों ने बताया कि इस मामले को सुलझाने के लिए दोनों देशों की सीमा सुरक्षा बलों के बीच एक 'फ्लैग मीटिंग' हुई. इन दो घटनाओं से एक बार फिर असम में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा और घुसपैठ को लेकर की जा रही कार्रवाई सुर्खियों में है.

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