लखनऊ में अशोक लीलैंड प्लांट से UP में रोजगार क्रांति, हजारों युवाओं को मिलेगी नौकरी और स्किल ट्रेनिंग, 60 लाख से अधिक जॉब की मजबूत गारंटी
UP: अशोक लीलैंड का यह मैन्युफैक्चरिंग प्लांट उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और युवाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है. यह परियोजना न केवल आज के लिए रोजगार पैदा कर रही है, बल्कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने का रास्ता भी तैयार कर रही है.
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CM Yogi: उत्तर प्रदेश में उद्योग और निवेश का माहौल लगातार मजबूत हो रहा है. इसी कड़ी में अशोक लीलैंड के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की शुरुआत राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. यह प्लांट केवल एक फैक्ट्री नहीं है, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए रोजगार और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद लेकर आया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का उद्देश्य है कि निवेश को जमीन पर उतारकर युवाओं को सीधे काम से जोड़ा जाए, और अशोक लीलैंड का यह प्लांट उसी सोच का परिणाम है.
हजारों युवाओं को मिलेगा सीधा और परोक्ष रोजगार
अशोक लीलैंड के इस नए प्लांट से सीधे तौर पर लगभग 1000 लोगों को रोजगार मिलेगा. इसके अलावा इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों जैसे ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, सर्विस सेक्टर, पार्ट्स सप्लाई और एमएसएमई इकाइयों में 2000 से ज्यादा नए रोजगार बनने की संभावना है. यानी यह एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जो केवल फैक्ट्री के भीतर ही नहीं बल्कि उसके आसपास भी हजारों परिवारों की आजीविका का साधन बनेगा. इस तरह यह प्लांट पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को तेज करेगा.
रोजगार के साथ मिलेगा स्किल डेवलपमेंट का अवसर
इस प्लांट की एक खास बात यह है कि अशोक लीलैंड और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) होने जा रहा है. इसके तहत हर साल प्रदेश के करीब 10 हजार युवाओं को स्किल डेवलपमेंट से जोड़ा जाएगा. इसका मतलब यह है कि युवाओं को सिर्फ नौकरी ही नहीं मिलेगी, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीक, मशीनों के संचालन और उद्योग से जुड़े जरूरी प्रशिक्षण भी दिए जाएंगे. इससे युवा भविष्य में और बेहतर, स्थायी और उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार पाने के लिए तैयार हो सकेंगे.
बीते वर्षों में निवेश से बदली उत्तर प्रदेश की तस्वीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले लगभग नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने निवेश और उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है. सरकार की नीतियों और प्रयासों के कारण प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आया है, जिससे 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार की गारंटी मिली है. यह साफ दिखाता है कि अब निवेश केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि फैक्ट्रियों, प्लांट्स और परियोजनाओं के रूप में जमीन पर उतर रहा है.
फैक्ट्रियों और एमओयू से बढ़ा रोजगार का दायरा
श्रम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि मार्च 2016 से दिसंबर 2025 तक प्रदेश में 30 हजार से अधिक फैक्ट्रियां पंजीकृत हुई हैं, जिनसे करोड़ों लोगों को रोजगार मिला है. इसके साथ ही विशेष आर्थिक क्षेत्रों और इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से हजारों एमओयू साइन हुए हैं, जिनसे आने वाले समय में लाखों नए रोजगार बनने की उम्मीद है। अशोक लीलैंड का यह प्लांट ऐसे ही एमओयू और ग्राउंडब्रेकिंग परियोजनाओं का एक मजबूत उदाहरण है.
ऑटोमोबाइल हब बनने की ओर उत्तर प्रदेश
अशोक लीलैंड का यह प्लांट उत्तर प्रदेश को ऑटोमोबाइल और कमर्शियल वाहन निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा. यहां काम करने वाले युवाओं को ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, मशीनरी संचालन, सप्लाई चेन मैनेजमेंट और तकनीकी क्षेत्रों में अनुभव मिलेगा .इससे आसपास के छोटे उद्योगों, ट्रांसपोर्ट सेवाओं, स्पेयर पार्ट्स निर्माण और रिपेयरिंग सेक्टर को भी बड़ा फायदा होगा.
विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
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कुल मिलाकर अशोक लीलैंड का यह मैन्युफैक्चरिंग प्लांट उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और युवाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है. यह परियोजना न केवल आज के लिए रोजगार पैदा कर रही है, बल्कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने का रास्ता भी तैयार कर रही है.
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