Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

कॉकरोच जनता पार्टी के बाद अब 'दिमागी नक्सल पार्टी' की एंट्री, 2.21 लाख पार पहुंचे फॉलोअर्स

पीएम मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. इसी बीच Instagram पर ‘Dimagi Naxal Party’ नाम का पेज सामने आया, जिसके 1.85 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं.

Image Source: Screengrab
Loading Ad...

स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाल किले की प्राचीर से दिया गया भाषण कई वजहों से चर्चा में रहा. लेकिन इस भाषण में इस्तेमाल हुआ एक खास शब्द अब सोशल मीडिया पर अपनी अलग कहानी लिख रहा है. दरअसल, पीएम मोदी ने जंगलों में हथियार उठाने वाले नक्सलवाद के खिलाफ देश की कार्रवाई का जिक्र करते हुए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया. इसके बाद सोशल मीडिया पर इस शब्द को लेकर बहस, मीम और व्यंग्य का दौर शुरू हो गया.

‘दिमागी नक्सल’ पर क्यों मचा बवाल?

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हथियार उठाने वाले नक्सलियों के खिलाफ देश ने बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन कुछ लोग अब भी विचारधारा के जरिए अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने ऐसे लोगों को पहचानने और उन्हें अलग-थलग करने की जरूरत बताई. पीएम के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की होने लगी कि ‘दिमागी नक्सल’ से आखिर किन लोगों की ओर इशारा किया गया है. इसी बहस के बीच Instagram पर ‘Dimagi Naxal Party’ नाम से एक नया पेज सामने आ गया. देखते ही देखते इस नाम ने यूजर्स का ध्यान खींचना शुरू कर दिया. खबर लिखे जाने तक दिए गए आंकड़ों के मुताबिक इस हैंडल पर करीब 2.21 लाख फॉलोअर्स जुड़ चुके थे. हालांकि, यह साफ करना जरूरी है कि यह कोई मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर बनाया गया एक पेज है.

Loading Ad...

एक बयान से पहले भी बन चुका है ऐसा डिजिटल ट्रेंड

Loading Ad...

‘Dimagi Naxal Party’ की कहानी को समझने के लिए कुछ महीने पीछे जाना होगा. इससे पहले ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ भी सोशल मीडिया पर इसी तरह चर्चा में आई थी. सुप्रीम कोर्ट में एक टिप्पणी के बाद ‘Cockroach Janta Party’ नाम का डिजिटल कैंपेन सामने आया और बेहद कम समय में इसके फॉलोअर्स तेजी से बढ़े. मई 2026 में कई रिपोर्टों ने इसके Instagram फॉलोअर्स के दो करोड़ से ज्यादा पहुंचने की जानकारी दी थी. यह अभियान कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं था, बल्कि सोशल मीडिया पर व्यंग्य और राजनीतिक टिप्पणी का एक नया तरीका बन गया. अब ‘दिमागी नक्सल’ नाम की चर्चा ने भी कुछ वैसा ही रास्ता पकड़ लिया है. Instagram के अलावा X और Facebook पर भी मिलते-जुलते नामों से पेज दिखाई देने लगे हैं. दिलचस्प बात यह है कि एक ही नाम से कई अकाउंट सामने आने के कारण यह तय करना आसान नहीं है कि मूल पेज किसने बनाया और इसके पीछे कौन लोग हैं.

किसने बनाया पेज?

Loading Ad...

कॉकरोच जनता पार्टी के मामले में उसके संस्थापक अभिजीत दीपके सामने आए थे और उन्होंने खुद इस डिजिटल अभियान की शुरुआत के बारे में बताया था. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कुछ ही दिनों में यह कैंपेन बड़े ऑनलाइन आंदोलन में बदल गया. लेकिन ‘Dimagi Naxal Party’ के मामले में फिलहाल तस्वीर उतनी साफ नहीं है. पेज तेजी से फॉलोअर्स जुटा रहा है, मगर इसे बनाने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आई है. इसलिए इस अकाउंट को किसी राजनीतिक संगठन या आधिकारिक अभियान से जोड़ना जल्दबाजी होगी.

सोशल मीडिया की बदलती राजनीति

यह भी पढ़ें

बहरहाल, इस पूरे मामले की सबसे दिलचस्प बात यही है कि अब किसी बयान का असर केवल संसद, टीवी डिबेट या राजनीतिक मंच तक सीमित नहीं रहता. एक शब्द सोशल मीडिया पर पहुंचते ही मीम, पेज और डिजिटल कैंपेन का रूप ले सकता है. ‘दिमागी नक्सल’ से बने इस नए पेज की कहानी भी फिलहाल इसी बदलती डिजिटल राजनीति की एक मिसाल नजर आ रही है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...