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मोदी सरकार के 12 साल: पीएम कुसुम योजना से बदली किसान की किस्मत, अब साल में उगा रहे 3 फसलें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लिए 12 साल पूरे हो चुके हैं. इन 12 वर्षों में केंद्र सरकार की कई योजनाओं ने देश के लाखों किसानों की जिंदगी बदलने का काम किया है.

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26 May 2026
( Updated: 26 May 2026
06:57 PM )
मोदी सरकार के 12 साल: पीएम कुसुम योजना से बदली किसान की किस्मत, अब साल में उगा रहे 3 फसलें
Image Credits: IANS video grab
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पीएम पद की शपथ लिए हुए 12 साल पूरे हो गए हैं. इन 12 सालों में पीएम मोदी की कई योजनाओं से लाखों किसानों की जिंदगी बदली है.

जामताड़ा के किसान पीएम कुसुम योजना से खुश

इन योजनाओं का लाभ देश के लाखों किसानों तक पहुंचा है और कई किसानों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है. झारखंड के जामताड़ा जिले के दामोदर सिंह भी ऐसे ही किसानों में शामिल हैं, जिनकी जिंदगी प्रधानमंत्री कुसुम योजना से पूरी तरह बदल गई है. सोलर पंप मिलने के बाद अब वह डीजल की बढ़ती कीमतों और बिजली कटौती की समस्या से मुक्त होकर खेती कर रहे हैं.

दामोदर सिंह आईएएनएस से बताते हैं कि पहले खेतों की सिंचाई के लिए उन्हें डीजल पंप पर निर्भर रहना पड़ता था. हर महीने 8 से 10 हजार रुपए तक डीजल पर खर्च हो जाता था. कई बार बिजली की समस्या के कारण भी खेती प्रभावित होती थी. लेकिन पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप मिलने के बाद उनकी खेती की तस्वीर बदल गई. अब उन्हें न डीजल खरीदने की जरूरत पड़ती है और न ही बिजली बिल की चिंता रहती है. सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप के जरिए वह अपने खेतों की सिंचाई पूरी तरह मुफ्त में कर रहे हैं.

लाभार्थियों ने गिनाए योजना के फायदे 

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उन्होंने बताया कि योजना के तहत सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में पहुंची. इसके लिए उन्हें किसी दलाल या सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़े. दामोदर सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहते हैं कि सरकार की इस योजना ने किसानों को बड़ी राहत दी है और खेती को आसान बना दिया है.

दामोदर सिंह ने बताया, "सोलर पंप लगने के बाद अब उनकी खेती सिर्फ बारिश पर निर्भर नहीं रही. पहले वह साल में केवल एक फसल पैदा कर पाते थे, लेकिन अब साल में तीन फसलें उगा रहे हैं. धान की खेती के साथ-साथ उन्होंने सब्जियों की खेती भी शुरू कर दी है. खेतों में जरूरत के अनुसार कभी भी सिंचाई हो जाती है, जिससे उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है."

"हर साल करीब डेढ़ लाख रुपए तक की शुद्ध आय"

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उन्होंने बताया कि अपने खेतों के अलावा वह आसपास के किसानों के खेतों में भी सिंचाई का काम कर रहे हैं, जिससे उनकी अतिरिक्त आमदनी हो रही है. दामोदर सिंह का कहना है कि अब उन्हें हर साल करीब डेढ़ लाख रुपए तक की शुद्ध आय हो रही है. बढ़ी हुई आमदनी से उन्होंने अपना नया घर बनवाया है और बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ा रहे हैं.

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