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इन्फ्लूएंजा A से पीड़ित हैं तो घबराएं नहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताए रिकवरी के आसान टिप्स
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है की स्वस्थ वयस्कों में इन्फ्लूएंजा आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है। बेहतर रिकवरी के लिए लक्षणों का सही प्रबंधन, भरपूर तरल पदार्थ और पर्याप्त आराम की ज़रुरत होती है। हालांकि, अगर 5-6 दिनों में लक्षणों में सुधार न हो या अगर आप ज्यादा जोखिम वाले आयु वर्ग में आते हैं या आपको पहले से कोई बीमारी है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें या नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं।
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दिल्ली में मौसम के बदलते ही मौसमी बीमारियों और वायरल इंफेक्शन के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। यहाँ इन्फ्लूएंजा-ए के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। इन्फ्लूएंजा-ए (H1N1), जो स्वाइन फ्लू वायरस का ही एक प्रकार है, उसके मामलों में काफी तेजी आई है।
क्या हैं लक्षण?
इसी को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट शेयर किया और इन्फ्लूएंजा-ए के लक्षणों के बारे में जानकारी देते हुए लिखा, "इन्फ्लूएंजा ए (एच1एन1) के कारण बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान, जी मिचलाना, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण हो सकते हैं।"
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स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है की स्वस्थ वयस्कों में इन्फ्लूएंजा आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है। बेहतर रिकवरी के लिए लक्षणों का सही प्रबंधन, भरपूर तरल पदार्थ और पर्याप्त आराम की ज़रुरत होती है। हालांकि, अगर 5-6 दिनों में लक्षणों में सुधार न हो या अगर आप ज्यादा जोखिम वाले आयु वर्ग में आते हैं या आपको पहले से कोई बीमारी है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें या नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं।
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को इस वायरल की शुरुआती पहचान करने के साथ स्वस्थ रहने की सलाह दी है।
इन्फ्लूएंजा ए से संक्रमित होने पर क्या करें?
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अगर आप किसी कारणवश इन्फ्लूएंजा ए (एच1एन1) से संक्रमित हो जाते हैं, तो आपको बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसी स्थिति में आपको सही सावधानी बरतने की जरूरत होगी। इससे पूरी तरह रिकवर होने के लिए आपको डॉक्टरों की देखरेख में रहने के साथ बताए गए पौष्टिक व्यंजनों का सेवन समय से करना होगा।
अगर आप इन्फ्लूएंजा ए (एच1एन1) से संक्रमित हो जाते हैं, तो आपको दूसरों के संपर्क में आने से बचने की कोशिश करनी होगी। मास्क पहनें, खासकर जब घर से बाहर निकलना पड़े या दूसरे लोगों के आसपास रहना हो। घर में बुजुर्ग, छोटे बच्चे या पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों के करीब जाने में विशेष सावधानी बरतें। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कम रहता है।
खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक को टिश्यू पेपर या रुमाल से ढकें और समय-समय पर उसे बदलते रहें। हाथों को बार-बार साबुन और पानी से अच्छी तरह धोते रहें। इसी के साथ हैंड सैनिटाइजर का भी इस्तेमाल करते रहें। दवा और खाना समय से खाएं। वहीं, शरीर को पूरा आराम दें और अच्छी नींद भी लें।
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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता के उद्देश्य से है. प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.