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'सबसे मुश्किल दशक', हनी सिंह के भतीजे की कार एक्सीडेंट में मौत, सदमे में रैपर, बोले- भोलेनाथ मेहर करें
हनी सिंह ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने लिखा कि यह मेरे लिए एक 'डार्क डिकेड' है. अपने भतीजे को खोना बहुत ही दुखद है. भोलेनाथ मेहर करें.
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बॉलीवुड के जाने माने रैपर और सिंगर हनी सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. सिंगर एक बार फिर से जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं. हनी सिंह के भतीजे विदित ओलक की रविवार, 1 नवंबर को पंजाब के जालंधर में एक सड़क हादसे में मौत हो गई.
हनी सिंह के भतीजे की कार एक्सिटेंड में मौत
बताया जा रहा है कि वो दोनों दोस्त एक बर्थडे पार्टी से घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ. विदित, दिनेश के बेटे थे, जो पंजाबी म्यूजिक लेबल स्पीड रिकॉर्ड्स' के मालिक हैं. हादसे में जान गंवाने वाले दूसरे व्यक्ति की पहचान 'पैपी स्वीट्स' के मालिक के बेटे आरव तलवार के रूप में हुई है.
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यो यो हनी सिंह ने जताया दुख
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हनी सिंह ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने लिखा, "यह मेरे लिए एक 'डार्क डिकेड' है. अपने भतीजे को खोना बहुत ही दुखद है. भोलेनाथ मेहर करें…”
जालंधर में विदित ओलक की कार कैसे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई
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'इंडिया टुडे' के अनुसार, यह हादसा पुलिस लाइंस इलाके के पास एक फ्लाईओवर पर हुआ. विदित और आरव जिस वोक्सवैगन कार में सवार थे, वह सड़क पर खड़ी नगर निगम की एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई. बारादरी पुलिस स्टेशन के एसएचओ साहिल चौधरी ने बताया कि पुलिस को सुबह करीब 3 बजे हादसे की सूचना मिली. उन्होंने बताया कि उस समय नगर निगम के सफाई कर्मचारी फ्लाईओवर की सफाई कर रहे थे और कचरा इकट्ठा करने के लिए उन्होंने वहां ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर रखी थी.
विदित ओलक की कार बीएसएफ चौक की ओर जा रही थी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार बीएमसी चौक से बीएसएफ चौक की ओर जा रही थी, तभी वह सड़क पर खड़ी गाड़ी से टकरा गई. इस हादसे में कार में सवार दोनों लोगों की मौत हो गई.
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पुलिस ने शव उनके परिवारों को सौंपे
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रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि हादसे के वक्त वोक्सवैगन कार में पांच लोग सवार थे. इस दुर्घटना में विदित और आरव की जान चली गई, जबकि बाकी तीन लोग पहले ही अपने घर जा चुके थे. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को अपने कब्जे में ले लिया. चूंकि परिवारों ने कोई कानूनी कार्रवाई न करने का फैसला किया, इसलिए बाद में पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिए.