Advertisement
'सोच लो! भारी पड़ेगा', मीडिया पर भड़के अमिताभ बच्चन, बात 5 करोड़ फॉलोअर्स, ठोकने और देख लेने तक पहुंची
बिग बी ने मीडिया को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है. उन्होंने “हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की” वाले ट्वीट को 'तोड़-मरोड़' कर पेश करने पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने अपने 50 मिलियन फॉलोअर्स को एक्टिवेट करने की भी कथित तौर पर इशारों ही इशारों में धमकी दी है.
Advertisement
सदी के महानायक और मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने अपने ताजा एक्स पोस्ट में मीडिया में छपी खबर को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है. अमिताभ ने आरोप लगाया है कि उनके शब्दों को मीडिया प्रचार के लिए दूसरे संदर्भ में पेश कर रहा है. इतना ही नहीं, 'सदी के महानायक' ने इसके लिए मीडिया को चेतावनी भी दी है.
दरअसल, मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने हाल ही में एक पोस्ट शेयर किया था. उन्होंने भगवान कृष्ण के लिए अक्सर इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक पंक्ति, "हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" से जुड़ा एक पोस्ट और ब्लॉग लिखा था. अमिताभ का कहना है कि मीडिया ने इन शब्दों को तोड़मरोड़कर पेश किया है.
'सोच लो! भारी पड़ेगा'
Advertisement
अमिताभ ने अपने पोस्ट में मीडिया में संबंधित खबर की हैडिंग का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वह कृष्ण कन्हैया के लिए, प्रार्थना स्वरूप, अक्सर "हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" का उच्चारण करते हैं और मीडिया ने इसे ही गलत तरीके से पेश किया है.
Advertisement
अमिताभ ने स्पष्ट किया कि उनका पोस्ट वास्तव में भगवान कृष्ण के लिए एक प्रार्थना थी और उनके शब्द न किसी राजनीतिक बयान का हिस्सा था, न ही किसी विरोधी पर उन्होंने कोई तंज कसा था. उन्होंने कहा कि मीडिया ने ऐसी खबर छापकर धार्मिक नजरिए से भी गलत किया है. उन्होंने इसे धर्म का निरादर भी बताया.
मीडिया पर फूटा अमिताभ बच्चन का गुस्सा!
Advertisement
अमिताभ ने कहा, "और मीडिया उसका निरादर करके, अपना प्रचार करने के लिए, छापता है, 'देखिए ये अमिताभ अपने विरोधियों को चुनौती दे रहा है, की, 'ले आओ हाथी घोड़ा ' हम अपने हथियारों से लड़ेंगे, डरेंगे नहीं !' एक तो घोर निंदा एक 'जय श्री कृष्ण ' के उपलक्ष्य में, और दूसरा , शब्दों को पलट कर विरोधियों को चुनौती देने की बात कर रहे है."
अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए, दिग्गज अभिनेता ने मीडिया को एक कड़ा संदेश भी दिया, जिसमें कहा गया कि उनके 5 करोड़ फॉलोअर्स हैं और अगर इशारा मिल जाए तो उनमें से 10 प्रतिशत भी उनके समर्थन में आ जाएंगे.
मेगास्टार ने अपने पोस्ट के जरिए यह भी कहा कि जब किसी पब्लिक फिगर से गलती होती है, तो वे माफी मांग लेते हैं, लेकिन जब किसी भी मीडिया की तरफ से गलती होती है, तो उनकी तरफ से कोई माफी नहीं आती है.
Advertisement
उन्होंने तीखी आलोचना करते हुए लिखा, "हमसे कोई गलती हो जाए - गलतियां हो जाती हैं, तो हम तुरंत क्षमा मांगते हैं, और सुधार करने का प्रयत्न करते हैं, पर यहां लगता है उनका (मीडिया) ये जन्म साइ धिकार (जन्मसिद्ध अधिकार) है.
इस पोस्ट से पहले अमिताभ ने इसी संदर्भ में एक और पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, "(हम) लिखते हैं प्रार्थना और मीडिया उसके शब्दों का दुरुपयोग करके निरादर करता है ! इतनी लाचारी ??? अब मीडिया हमारे हाथ में भी है. सोच लो! भारी पड़ेगा."
Advertisement
क्या है पूरा मामला?
29-30 अक्टूबर 2026 के आसपास अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग पर एक क्रिप्टिक पोस्ट लिखा था. उसमें कुछ लोगों/मीडिया द्वारा उन्हें लिखने से रोकने वाली बातों का जिक्र था, और अंत में उन्होंने लिखा था: “जाओ! ले आओ अपने हाथी घोड़े. हम भी ले आएंगे! हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की! झूमते रहना!”
Advertisement
उन्होंने News18 Hindi पर आरोप लगाया कि उसने गलत हेडलाइन लगाई और लिखा कि,
“अमिताभ बच्चन ने विरोधियों की धमकी पर कसा तंज...‘जाओ, ले आओ अपने हाथी घोड़े’” यानी मीडिया ने इसे विरोधियों को चुनौती देने वाला बयान बता दिया.
Advertisement
1 नवंबर की पोस्ट में वे क्या कह रहे हैं:
वे साफ कर रहे हैं कि “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” भगवान कृष्ण (कन्हैया लाल) की प्रार्थना/जयकारा है, जो भक्ति में बोला जाता है. मीडिया ने इसे तोड़-मरोड़कर दिखाया और धार्मिक भावना का निरादर किया.
ये भी पढ़ें: कॉन्सर्ट के बीच चिल्लाईं सुनंदा शर्मा, स्टेज पर अचानक चढ़ा शख्स, घबराकर बीच में रोकी परफॉर्मेंस, Video हुआ Viral
Advertisement
अमिताभ बच्चन किसे “ठोकने” की बात कर रहे हैं?
वे मीडिया को चेतावनी दे रहे हैं. उन्होंने लिखा है कि उनके 50 मिलियन फॉलोअर्स हैं, और अगर उन्होंने इशारा किया तो उनमें से सिर्फ 10% भी “ठोकने” के लिए तैयार बैठे हैं. मतलब मीडिया जितना उनके शब्दों की उलट-पलट करेगा, उनके फैंस (जिन्हें वे “Ef” कहते हैं) उससे कई गुना ज्यादा प्रतिक्रिया दे सकते हैं.
यह भी पढ़ें
यह किसी खास व्यक्ति या राजनीतिक विरोधी को सीधी शारीरिक धमकी नहीं है. ये मीडिया की गलत रिपोर्टिंग और धार्मिक जयकारे के निरादर पर उनके विशाल फैनबेस की ताकत का जिक्र है.