RSS पर बनेगी फिल्म, 100 साल के ऐतिहासिक सफर को 'शतक' में दिखाएंगे मेकर्स
आशीष मल्ल के निर्देशन में बन रही फिल्म के प्रोड्यूसर वीर कपूर हैं और आशीष तिवारी को-प्रोड्यूस करने के लिए तैयार हैं. 'शतक' अदा 360 डिग्री एलएलपी की प्रस्तुति है. मेकर्स ने बताया कि 'शतक' इस साल सिनेमाघरों में रिलीज होगी. फिल्म आरएसएस की विचारधारा, उसके सामाजिक कार्यों और राष्ट्रीय योगदान को केंद्र में रखकर बनाई गई है.
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर लिए हैं. इस महत्वपूर्ण पड़ाव को सेलिब्रेट करने के लिए एक फीचर फिल्म 'शतक' की आधिकारिक घोषणा हो गई है. यह फिल्म आरएसएस के 100 वर्षों के सफर को बड़े पर्दे पर दिखाएगी, जिसमें संघ की स्थापना से लेकर उसके योगदान और विकास की कहानी को दिखाया जाएगा.
राष्ट्रीय योगदान को केंद्र में रखकर बनाई गई है फिल्म
आशीष मल्ल के निर्देशन में बन रही फिल्म के प्रोड्यूसर वीर कपूर हैं और आशीष तिवारी को-प्रोड्यूस करने के लिए तैयार हैं. 'शतक' अदा 360 डिग्री एलएलपी की प्रस्तुति है. मेकर्स ने बताया कि 'शतक' इस साल सिनेमाघरों में रिलीज होगी. फिल्म आरएसएस की विचारधारा, उसके सामाजिक कार्यों और राष्ट्रीय योगदान को केंद्र में रखकर बनाई गई है. 'शतक' आरएसएस के इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी.
‘आम दर्शकों के लिए भी प्रेरणादायक होगी फिल्म’
'शतक' फिल्म में इन 100 सालों की प्रमुख घटनाओं, संघर्षों और उपलब्धियों को दिखाया जाएगा. मेकर्स का कहना है कि यह फिल्म न सिर्फ आरएसएस के सदस्यों बल्कि आम दर्शकों के लिए भी प्रेरणादायक होगी.
तरण आदर्श ने मोशन पोस्टर शेयर कर दी जानकारी
फिल्म समीक्षक और विश्लेषक तरण आदर्श ने अपने इंस्टाग्राम पर मोशन पोस्टर के साथ दर्शकों को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया, " ‘शतक’ की घोषणा हो गई है. यह फिल्म राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 साल के सफर को पर्दे पर दिखाएगी. आरएसएस ने 100 साल पूरे कर लिए हैं. यह उनके इतिहास का एक बहुत महत्वपूर्ण पड़ाव है. शतक नाम की यह फीचर फिल्म अब आधिकारिक रूप से घोषित हो चुकी है. वीर कपूर इस फिल्म को प्रोड्यूस कर रहे हैं और आशीष तिवारी को-प्रोड्यूसर हैं. आशीष मल्ल इस फिल्म को डायरेक्ट कर रहे हैं. यह फिल्म इसी साल रिलीज होगी.
कब हुई थी आरएसएस की स्थापना?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) एक हिंदू राष्ट्रवादी संगठन है, जिसकी स्थापना 1925 में डॉ. केशवराव बलराम हेडगेवार ने नागपुर में की थी. इसका मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, राष्ट्रवाद को बढ़ावा देना और सेवा कार्यों के माध्यम से समाज का उत्थान करना है.
आरएसएस की शाखाएं पूरे भारत में चलती हैं, जहां शारीरिक व्यायाम, अनुशासन और सांस्कृतिक शिक्षा दी जाती है. संगठन ने आपदा राहत, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.
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