9 साल के तैमूर ने धर्म पर कही ऐसी बात, सुनकर सैफ अली खान भी रह गए हैरान
Saif Ali Khan: एक कार्यक्रम के दौरान सैफ ने बताया कि वे अपने बच्चों को धर्म और इंसानियत के बारे में किस तरह समझाते हैं, उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे जरुरी बात यह हैं कि बच्चे हर धर्म का सम्मान करना सीखें और लोगों के बीच प्यार और अपनापन बनाए रखें.
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बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान और करीना कपूर अक्सर अपने दोनों बेटों तैमूर और जेह की परवरिश को लेकर चर्चा में रहते हैं. दोनों हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि बच्चों को सिर्फ अच्छी शिक्षा ही नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार और सही सोच भी मिलनी चाहिए...हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान सैफ ने बताया कि वे अपने बच्चों को धर्म और इंसानियत के बारे में किस तरह समझाते हैं.., उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे जरुरी बात यह हैं कि बच्चे हर धर्म का सम्मान करना सीखें और लोगों के बीच प्यार और अपनापन बनाए रखें....
'भगवान एक हैं, बस लोग अलग-अलग नामों से पुकारते हैं'
लंदन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सैफ अली खान ने धर्म और अध्यात्म पर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि वह खुद बहुत ज्यादा धार्मिक नहीं हैं, लेकिन आध्यात्मिक सोच में विश्वास रखते हैं. सैफ ने बताया कि उनकी मां शर्मिला टैगोर ने बचपन से उन्हें एक बहुत सरल और खूबसूरत बात सिखाई थी कि भगवान एक ही हैं, बस अलग-अलग धर्मों में उन्हें अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है. अब वही सीख वे अपने दोनों बेटों तैमूर और जेह को भी दे रहे हैं. उनके मुताबिक, धर्म का असली मतलब लोगों से प्यार करना, एक-दूसरे का सम्मान करना और माफ करना है. अगर कोई धर्म इंसान को यही सिखाता है, तो वही उसकी सबसे बड़ी खूबी है..
बचपन से मिला सभी धर्मों का सम्मान करना
सैफ ने अपने बचपन की यादें भी साझा कीं.. उन्होंने बताया कि उन्होंने एक क्रिश्चियन स्कूल में पढ़ाई की, जहां रोजाना प्रार्थना होती थी और चर्च जाना भी स्कूल की दिनचर्या का हिस्सा था. यही वजह है कि बचपन से ही उन्हें अलग-अलग धर्मों और उनकी परंपराओं को करीब से समझने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि आज भी उनके घर में सिर्फ एक धर्म की बात नहीं होती, बल्कि सभी धर्मों का बराबर सम्मान किया जाता है. उनके परिवार में दिवाली भी पूरे उत्साह से मनाई जाती है और क्रिसमस भी उसी खुशी के साथ सेलिब्रेट किया जाता है. उनका मानना है कि बच्चों को बचपन से ही ऐसा माहौल मिलना चाहिए, जहां वे हर धर्म का आदर करना सीखें.
तैमूर के जवाब ने कर दिया हैरान
बातचीत के दौरान सैफ ने अपने बड़े बेटे तैमूर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी सुनाया. उन्होंने बताया कि एक दिन उन्होंने तैमूर से पूछा कि धर्म और कार्यप्रणाली में क्या फर्क होता है. इस सवाल पर 9 साल के तैमूर ने जो जवाब दिया, उसने सैफ को हैरान कर दिया. तैमूर ने कहा, "धर्म में हम प्रार्थना करते हैं, लेकिन कार्यप्रणाली में हम प्रार्थना नहीं करते." सैफ ने मुस्कुराते हुए कहा कि इतनी छोटी उम्र में इतना समझदारी भरा जवाब सुनकर उन्हें बेहद खुशी हुई. उन्होंने बताया कि उनके घर में ऐसे विषयों पर अक्सर बातचीत होती रहती है ताकि बच्चे हर बात को समझकर अपनी सोच विकसित कर सकें.
करीना और शर्मिला टैगोर की सोच से मिली प्रेरणा
सैफ का कहना है कि उन्हें खुली सोच वाला माहौल अपनी मां शर्मिला टैगोर से मिला और आज उनकी पत्नी करीना कपूर भी बच्चों की परवरिश में उसी सोच को आगे बढ़ा रही हैं. उनका मानना है कि बच्चों पर किसी एक विचारधारा को थोपने के बजाय उन्हें हर चीज समझने और अपने अनुभव से सीखने का मौका देना चाहिए. इसी वजह से उनके घर में धर्म से ज्यादा इंसानियत, सम्मान और आध्यात्मिक सोच को महत्व दिया जाता है.
फिल्मों में भी जल्द नजर आएंगे सैफ
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अगर काम की बात करें तो सैफ अली खान के पास इस समय कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं. वह जल्द ही राहुल ढोलकिया के निर्देशन में बनी फिल्म 'हम हिंदुस्तानी' में नजर आएंगे, जो इसी साल नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी. इसके अलावा वह प्रियदर्शन की फिल्म 'हैवान' में अक्षय कुमार और सैयामी खेर के साथ दिखाई देंगे. वहीं, उनके फैंस उन्हें 'देवरा 2' में भी देखने का इंतजार कर रहे हैं.