वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मोतिहारी में स्थापित हुआ विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग, सांसद शांभवी चौधरी बनीं यजमान
विशाल शिवलिंग की स्थापना महावीर मंदिर ट्रस्ट ने की है. विशाल शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम में हुआ था.
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Worlds Largest Shivlinga: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में विशाल शिवलिंग की स्थापना की गई. गाजे-बाजे, ढोल नगाड़ों की थाप और मंत्रोच्चार के बीच रामायण मंदिर में विराट शिवलिंग स्थापित किया गया. यह शिवलिंग विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग बताया जा रहा है.
इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी रामायण मंदिर पहुंचे और साधु संतों के साथ इस ऐतिहासिक पल का गवाह बने. देश-विदेश से आए वैदिक पंडितों और विद्वानों ने मंत्रोच्चार किया.
सांसद शांभवी चौधरी बनीं यजमान
इस पवित्र मौके पर दिवंगत आचार्य किशोर कुणाल के बेटे सायन कुणाल और उनकी सांसद पत्नी शाम्भवी चौधरी यजमान की भूमिका में पहुंची. विशाल शिवलिंग की स्थापना महावीर मंदिर ट्रस्ट ने की है. विशाल शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम में हुआ था. वहीं, शिवलिंग का वजन 210 मीट्रिक टन बताया जा रहा है. मान्यता है कि इसकी पूजा करने या जलाभिषेक करने से 108 शिवलिंग के जलाभिषेक का फल प्राप्त होगा. यह शिवलिंग तमिलनाडु से 45 दिन की यात्रा के बाद मोतिहारी पहुंचा. इस 33 फीट ऊंचे शिवलिंग के स्थापित होने के बाद अब मंदिर निर्माण का काम तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है. शिवलिंग स्थापना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे और इस अद्भुत पल को कैमरे में कैद करते दिखे.
आचार्य किशोर कुणाल का सपना था मंदिर
इस मौके पर सायन कुणाल ने कहा, यह मंदिर उनके पिता का सपना था, जो अब धीरे-धीरे साकार होता दिख रहा है. विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और साल 2030 तक यह भव्य मंदिर बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा. इस मंदिर के निर्माण से न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि इस विशाल शिवलिंग में 108 छोटे-छोटे शिवलिंग हैं. यही कारण है कि इसे सहस्र शिवलिंगम कहा जा रहा है.
विराट रामायण मंदिर के बारे में जानें
इस मंदिर का शिलान्यास आचार्य किशोर कुणाल के नेतृत्व में रखा गया था. विराट रामायण मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा. इसमें कुल 18 शिखर और 22 मंदिर होंगे और मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट, चार शिखर की ऊंचाई 180 फीट, एक शिखर की ऊंचाई 135 फीट, आठ शिखर की ऊंचाई 108 फीट और एक अन्य शिखर की ऊंचाई 90 फीट होगी.
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