Advertisement

Loading Ad...

कहां है ये रहस्यमयी मंदिर, जहां से शाम होते ही भागने लगते हैं लोग, वजह जानकर चौंक जाएंगे आप

इस मंदिर की खूबसूरती देखकर आपको लगेगा कि यह राजस्थान का खजुराहो है. हर दीवार, हर खंभा और हर छत पर नक्काशी इतनी अद्भुत है कि आप घंटों वहीं ठहरे रहना चाहेंगे. हालांकि इस मंदिर में शाम के बाद ठहरना वर्जित है. कहा जाता है कि कोई भी अगर रात तक रुका, वह वापस नहीं आया.

Image Credits: AI/IANS
Loading Ad...

बाड़मेर के रेगिस्तान में एक ऐसा मंदिर है, जहां शाम होते ही लोग भाग जाते हैं और पूरा मंदिर वीरान हो जाता है. यह है किराडू मंदिर. यह कोई साधारण मंदिर नहीं है, बल्कि पांच मंदिरों की एक श्रृंखला है. इसमें से एक भगवान विष्णु को समर्पित है और बाकी चार महादेव को.

इस मंदिर में शाम के बाद ठहरना वर्जित है

इस मंदिर की खूबसूरती देखकर आपको लगेगा कि यह राजस्थान का खजुराहो है. हर दीवार, हर खंभा और हर छत पर नक्काशी इतनी अद्भुत है कि आप घंटों वहीं ठहरे रहना चाहेंगे. हालांकि इस मंदिर में शाम के बाद ठहरना वर्जित है. कहा जाता है कि कोई भी अगर रात तक रुका, वह वापस नहीं आया. लोगों का कहना है कि यह सब साधु के श्राप की वजह से है.

Loading Ad...

साधु के श्राप की पीछे की वजह 

Loading Ad...

स्थानीय लोगों का कहना है कि काफ़ी समय पहले एक साधु अपने शिष्यों के साथ किराडू आए. कुछ दिन वे वहीं रहे और फिर देश भ्रमण पर निकल पड़े लेकिन अचानक उनके शिष्य बीमार पड़ गए. गांव के लोग उनकी मदद नहीं करना चाहते थे लेकिन एक कुम्हारिन ने उनकी पूरी देखभाल की. जब साधु वापस आए और शिष्यों को इस हालत में देखा, तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर था. उन्होंने श्राप दिया कि जहां मानवता नहीं है, वहां के लोग भी न रहें, जिसके बाद गांव के लोग पत्थर बन गए.

‘यहां शाम के बाद जो रुका, वह पत्थर बन जाता है’

Loading Ad...

साधु ने उस कुम्हारिन को चेताया कि वह शाम से पहले वहां से निकल जाए और रास्ते में कभी पीछे मुड़कर न देखे लेकिन जैसे ही वह कुम्हारिन पीछे मुड़ी, वह भी पत्थर में बदल गई. तभी से यह माना जाता है कि जो कोई भी यहां शाम के बाद रुका, वह पत्थर बन जाता है.

कोई भी यहां शाम के बाद ठहरना नहीं चाहता

यह भी पढ़ें

किराडू मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है बल्कि एक रहस्यमयी व ऐतिहासिक अनुभव है. आज भी सुबह पूरा परिसर चहल-पहल वाला लगता है लेकिन जैसे ही शाम होती है, लोग जल्दी-जल्दी बाहर निकलने लगते हैं. कोई भी यहां शाम के बाद ठहरना नहीं चाहता.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...