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साउथ के रास्ते सनातन का चैंपियन बने पवन कल्याण का अब 2034 में क्या होगा ?

भले ही राजनीतिक एक्सपीरियंस के मामले में योगी के मुक़ाबले पवन कल्याण कोसों मील दूर हैं, लेकिन हाल ही के दिनों में सनातन की चैंपियन बनी यहीं आंधी अब लोगों को पसंद आने लगी है, तभी तो राजनीतिक गलियारे में इसी बात का सुगबुगाहट है कि पीएम मोदी को एक और योगी मिल चुका है, यानी अब उनके पास ऑप्शन है।

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चीते जैसी रफ़्तार , अपने लक्ष्य पर अर्जुन जैसा फ़ोकस, दुश्मनों के घर में घुसकर मारने की क्षमता और राजा बनकर सबके दिलों को जीतने की कला अगर किसी में हैं, तो वो हैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस रफ़्तार से इन दिनों पीएम मोदी भाग रहे हैं, उससे तो यही प्रतीत होता है कि अपनी इसी तीसरे कार्यकाल में सोने की चिड़िया को सोने का चीता बनाकर छोड़ेंगे। 100 दिनों के अंदर 25 देशों की यात्रा और ऊपर से 50 राष्ट्रध्यक्षों से मुलाक़ात मोदी जी है, तभी ये सब मुमकिन हो पा रहा है, लेकिन क्या पीएम मोदी जैसा कोई और मिल पाएगा।  अगर बुलडोज़र नहीं, तो क्या आंधी आएगी ? साउथ के रास्ते सनातन का चैंपियन बन चुके पवन कल्याण जिन्हें पवन नहीं आंधी बताई जा रही है, क्या उनमें  पीएम मोदी ख़ुद को ढूँढ पा रहे हैं ? सत्ता के गलियारे से साउथ की इसी आंधी को लेकर 10 साल आगे की क्या भविष्यवाणी अभी से होनी शुरु हो चुकी है, इस पर देखिये हमारी ये ख़ास रिपोर्ट।

प्रधानमंत्री की रेस में एक और योगी की एंट्री हो चुकी है, अब तक मठाधीश योगी बाबा में कल का मोदी देखा जा रहा था। यूरोप से लेकर गल्फ़ देशों तक, यूपी मॉ़डल की डिमांड और अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश की तस्वीर, लोगों की आँखों में छाई हुई थी। योगी की साधु-संतों जैसी सरल वेशभूषा और ओजस्वी चेहरे का आत्मविश्वास लोगों की पहली पसंद बनी हुई थी लेकिन अब इसी कड़ी में एक नये चेहरे ने जनता के दिलों में जगह बनानी शुरु कर दी है।भले ही राजनीतिक एक्सपीरियंस के मामले में योगी के मुक़ाबले पवन कल्याण कोसों मील दूर हैं, लेकिन हाल ही के दिनों में सनातन की चैंपियन बनी यहीं आंधी अब लोगों को पसंद आने लगी है, तभी तो राजनीतिक गलियारे में इसी बात का सुगबुगाहट है कि पीएम मोदी को एक और योगी मिल चुका है, यानी अब उनके पास ऑप्शन है। 


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पवन नहीं, आंधी है, एक्टिंग की दुनिया में अपने नाम के झंडे गाढ़ चुके साउथ फिल्म इंडस्ट्री के  'पावर स्टार’ पवन कल्याण , इस नाम से इस चेहरे से पूरी दुनिया परिचित है, प्रदेश ये डिप्टी सीएम के अब प्रधानमंत्री बनने की भविष्यवाणी हो रही है। साल 2008 में भारतीय राजनीति में कदम रख चुके पवन कल्याण ने साल 2014 में ख़ुद की जनसेना पार्टी की नींव रखी, 2019 में अकेले चुनावी मैदान में उतरे और हार का मुँह देखा। बावजूद इसके पवन कल्याण के हौंसले पस्त नहीं हुए, ख़ुद से उठे। ज़मीनी स्तर पर जमकर पसीना बहाया। ख़ुद को जनता की आवाज़ बनाई। साउथ की पिच पर सनातन को बदनाम करने वालों की औक़ात दिखाई। जगन मोहन रेड्डी हो या फिर उदय नीधि स्टार्लिन , तिरुमाला लड्डू विवाद से लेकर सनातन को मिटाने वाले मुद्दों पर इन सबकी की बखियां उधेड़ी सनातनियों के लिए सनातन बोर्ड की माँग उठाई। लड्डू विवाद में ख़ुद से 11 दिनों तक शुद्धि उपवास रखकर , सीढ़ियाँ चढ़कर तिरुपति मंदिर पहुँचे। सनातन विरोधियों के लिए काल बने  पवन कल्याण अब आंधी बन चुके हैं, ख़ुद पीएम मोदी ने ये माना कि यहां जो दिख रहा है न पवन, वो पवन नहीं आंधी हैं और अब इसी आंधी में देश का नया भविष्य लिखे जाने की तैयारियाँ शुरु हो चुकी है। आलम ये है कि कोरियोग्राफर जानी मास्टर इस बात की भविष्यवाणी कर चुके हैं कि 2029 तक पवन कल्याण डिप्टी सीएम से प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे और फिर 2034 तक बतौर प्रधानमंत्री भारत का नेतृत्व करेंगे। अब आप कहेंगे , भले एक कोरियोग्राफर की भविष्यवाणी पर भरोसा कैसे किया जा सकता है, हम यहाँ आपको भरोसा करने को नहीं कह रहे हैं, बल्कि ये बताने की कोशिश कर रहे हैं कि अब पीएम मोदी के पास विकल्प अनेक हैं। उत्तर और दक्षिण दो दो योगी अब पीएम मोदी की राह पर चल पड़े हैं , देखना ये होगा कि देश की जनता किस योगी ख़ुद के लिए चुनती है। 10 साल बाद की तस्वीर में भारत की सत्ता में कौन फ़िट बैठेगा, इस पर आप अपनी राय ज़रूर दीजियेगा। 

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