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हिंदुओं की घटती आबादी से मची सनसनी, इस्लामिक राष्ट्र बनने की ओर Bharat ?
या हिंदू बहुल भारत इस्लामिक राष्ट्र से महज़ एक कदम की दूरी पर है ? और क्या हिंदुओं की तबाही के लिए 'ग़ज़वा-ए-हिन्द' के बीज बोये जा रहे हैं ? इसको लेकर क्या कहती है, पेशे से सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय की क़ानूनी भविष्यवाणी
मुसलमानों की बढ़तीं जनसंख्या के सामने हिंदुओं की आबादी में आई गिरावट ने हिंदू राष्ट्र भारत के अस्तित्व को ख़तरे में डाल दिया है ।इस चुनावी समर में देश की जनसंख्या से जुड़ी रिपोर्ट ने सनसनी फैली दी है ।हाल ही में प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद की तरफ़ से एक रिपोर्ट पेश की गई ,जिसमें हिंदू बहुल भारत में हिंदुओं की घटती आबादी और मुस्लिमों की बढ़ती जनसंख्या ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है । हम और आप जिस नये भारत से आते हैं, उसी आत्मनिर्भर भारत में हिंदू लगभग 8 फ़ीसदी घट गये हैं और पिछले 65 सालों में मुसलमानों की हिस्सेदारी 9.84% से बढ़कर 14.09% हो गई है । ऐसे में सवाल उठता है कि बहुसंख्यकों की गिरती आबादी क्या किसी ख़तरे का संकेत हैं ? क्या हिंदू बहुल भारत इस्लामिक राष्ट्र से महज़ एक कदम की दूरी पर है ? और क्या हिंदुओं की तबाही के लिए 'ग़ज़वा-ए-हिन्द' के बीज बोये जा रहे हैं ? इसको लेकर क्या कहती है, पेशे से सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय की क़ानूनी भविष्यवाणी ।
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