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महाकुंभ हादसे पर कैलशानंद गिरी ने विपक्ष की धुनाई कर डाली

देश के सातों आचार्य महा मंडलेश्वरों में एक कैलाशानंद गिरी महाराज सनातन की वो चट्टान है, जिसके आगे विश्व की कोई ताक़त नहीं टिक पाई और आज यही ताक़त जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ढाल बनी, तो विपक्ष के परखच्चे उड़ गए। देखिये इस पर हमारी ये ख़ास रिपोर्ट।

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कैलाशानंद गिरी महाराज, आज की डेट में ये नाम अपने आप में कितना बड़ा है, इसका अंदाज़ा इसी से लगाइये इन्हीं की शरण में स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पावेल दिखती हैं। इन्हीं के सानिध्य में हर्षा रिछारिया का सनातनी अवतार दिखता है। इन्हीं की अगुवाई में निरंजनी अखाड़ा आगे बढ़ रहा है और इन्हीं के साथ कदम ताल करते हुए नागा संन्यासी का हुजूम महाकुंभ में उमड़ता है। देश के सातों आचार्य महा मंडलेश्वरों में एक कैलाशानंद गिरी महाराज सनातन की वो चट्टान है, जिसके आगे विश्व की कोई ताक़त नहीं टिक पाई और आज यही ताक़त जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ढाल बनी, तो विपक्ष के परखच्चे उड़ गए।देखिये इस पर हमारी ये ख़ास रिपोर्ट। 

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महाकुंभ की भव्यता उस वक़्त फीकी दिखी, जब मौनी अमावस्या को लेकर अमृत स्नान की ज़िद में त्रिवेणी संगम के पास पहुँचे लोगों में अचानक से भगदड़ मची और इसी भीड़ में 30 लोगों की मौत हो गई हालाँकि वो बात अलग है कि इस हादसे के इतर उस दिन साढ़े सात करोड़ लोगों ने अमृत स्नान भी किया। इसी हादसे को लेकर विपक्ष ने योगी सरकार को घेरने के मौक़ा नहीं छोड़ा..एक -एक कर तमाम विपक्षी नेता हादसे में मारे गये लोगों की जिम्मादार योगी बाबा को बताने लगा। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बिना नाम लिये उनसे इस्तीफ़ा माँग लिया। खुलकर कहा कि जो लोग झूठा दावा कर रहे थे, उन्हें नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए अपना पद त्याग देना चाहिए। इसके अलावा योगी सरकार को नसीहत भी दी कि महाकुंभ का प्रबंधन तत्काल सेना को सौंप देना चाहिए। सिर्फ़ अखिलेश यादव ही नहीं, बल्कि महाकुंभ हादसे को लेकर राहुल गांधी का भी ग़ुस्सा योगी सरकार पर फूटा। योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि वीआईपी कल्चर रोक लगनी चाहिए और तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था की जानी चाहिए। इन सबके बीच जब आचार्य महा मंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि महाराज जी से विपक्ष द्वारा योगी सरकार पर हो रहे ज़ुबानी हमले पर पूछा गया, तो उन्होंने विपक्षी नेताओं की असलियत दिखा दी। 

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महाकुंभ हादसे पर हो रही विपक्षी का बयानबाज़ी पर भड़के कैलाशानंद गिरि महाराज का कहना है कि विपक्ष को सद्बुद्धि मिलनी चाहिए।विपक्ष को ये ज्ञान होना चाहिए कि ये हादसा नहीं है। ये प्राकृतिक हादसा है। इस हादसे के बाद जो साधु संतों ने एकता और सहजता दिखाई है। यूपी सरकार और केंद्र सरकार के लिए इसलिए विपक्ष को ये ज्ञान हो जाना चाहिए कि भारत के साधु संत और सनातनी सरकार के साथ है।साधु संत ही नहीं बल्कि पूरे देश के सनातनी साधुवाद के पात्र हैं बधाई के पात्र हैं वंदन के पात्र हैं।

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आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी का बयान यही दर्शाता है कि महाकुंभ हादसे के बाद भी देश का संत समाज योगी सरकार के साथ खड़ा है। इस हादसे के लिए योगी सरकार को ज़िम्मेदार ठहरना शायद मूर्खता होगी लेकिन आप आचार्य महामंडलेश्वर की इन बातों से कितने सहमत है, कमेंट करक बताइयेगा। लेकिन जाते-जाते हम आपको आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी की अब तक की आध्यात्मिक यात्रा जरूर बता दें। बिहार के जमुई के एक छोटे गाँव में जन्में कैलाशानंद गिरि महाराज बचपन में ही एकांतवास के जीवन को स्वीकार कर चुके थे, इन्होंने संतों की संगति में रहकर वेद, पुराण, उपविषद और योग के बारे में ज्ञान अर्जित किया बतौर आध्यात्मिक गुरु हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत भाषाओं के विद्वान और लेखक हैं।आज की डेट में निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर हैं, लाखों नागा साधुओं और हजारों महामंडलेश्वरों को दीक्षा देते हैं। महाशिवरात्रि के मौक़े पर पूरे सावन में लगातार 14 घंटे भगवान शिव का रुद्राभिषेक करते हैं और बक़ायदा मौन व्रत का पालन करते हुए एक विशेष मुद्रा में रहते हैं। उनकी यही तपस्या लोगों को भाती है।

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