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29 अप्रैल बुधवार का शुभ-अशुभ मुहूर्त: जानें ब्रह्म मुहूर्त, राहुकाल और सर्वार्थ सिद्धि योग
हर दिन का अपना विशेष महत्व और शुभ मुहूर्त होता है. हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत तिथि और मुहूर्त देखकर की जाती है. मान्यता है कि सही समय पर किया गया कार्य सफलता और समृद्धि देता है.
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हर दिन का अपना महत्व और शुभ मुहूर्त होता है. तिथि और मुहूर्त के हिसाब से हिंदू धर्म में शुभ कार्य की शुरुआत होती है.
बुधवार का दिन, तिथि 29 अप्रैल- त्रयोदशी (शाम 7 बजकर 52 मिनट तक) बहुत शुभ है क्योंकि इस दिन भद्रा का साया नहीं लगने वाला है, लेकिन साथ ही अभिजीत मुहूर्त का भी लोप होगा. इस दिन कोई मासिक त्योहार भी नहीं है. तो चलिए जानते हैं कि बुधवार का शुभ-अशुभ मुहूर्त कब से लगने वाला है.
भगवान गणेश की आराधना का दिन
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बुधवार का दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है. इस के दिन गणपति की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के सभी बाधाएं दूर होती हैं, सुख-समृद्धि प्राप्त होती है और संपत्ति में वृद्धि होती है. दृक पंचांग के अनुसार आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 17 मिनट से लेकर 5 बजे कर रहेगा. गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 54 मिनट से लेकर 7 बजकर 16 मिनट तक रहेगा जबकि वहीं अमृत काल शाम 5 बजकर 51 मिनट से लेकर 7 बजकर 34 मिनट तक रहेगा.
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शुभ मुहूर्त
इस सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहे हैं. सर्वार्थ सिद्धि योग का मुहूर्त सुबह 5 बजकर 43 मिनट से लेकर रात 12 बजकर 16 मिनट तक रहेगा. सर्वार्थ सिद्धि योग को बहुत शुभ मुहूर्त माना जाता है. कहा जाता है कि अगर सभी कार्यों को पूरा करना है तो इस मुहूर्त में शुभारंभ करने से सारे काम पूरे होते हैं और उत्तम फल की प्राप्ति होती है. इस समय किया गया कोई भी नया काम, खरीदारी, निवेश, या मांगलिक कार्य सफलता और समृद्धि लाता है.
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अशुभ काल
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अशुभ काल की बात करें तो 29 अप्रैल के दिन राहुकाल दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. गुलिक काल सुबह 10 बजकर 40 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक रहेगा, वहीं वर्ज्य सुबह 7 बजकर 35 मिनट से लेकर 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. वहीं यमगण्ड काल सुबह 7 बजकर 22 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 1 मिनट तक रहेगा और दुर्मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 53 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा.