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अहमदाबाद: 18 हाथी, 101 झांकियां और 2,500 संतों के साथ निकलेगी जगन्नाथ रथ यात्रा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

15 जुलाई को सुबह 10 बजे श्रद्धालुओं के लिए भगवान के स्वर्ण वेश (सोने के वस्त्र) के दर्शन कराए जाएंगे. इसके बाद मंदिर परिसर में रथों की प्रतिष्ठा एवं विशेष पूजन होगा. सुबह 11 बजे गजराजों की विशेष पूजा आयोजित की जाएगी, जिसमें आईसीसी के चेयरमैन जय अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे.

Image Credit: IANS Video Grab
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गुजरात की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान मानी जाने वाली भगवान श्री जगन्नाथजी की 149वीं ऐतिहासिक, पौराणिक और पारंपरिक रथ यात्रा 16 जुलाई को अहमदाबाद के प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर से भव्य रूप से निकलेगी. हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में यह रथ यात्रा प्रेम, आस्था, सद्भाव और भाईचारे के लोक उत्सव के रूप में आयोजित होगी. पुलिस आयुक्त ने ट्रस्ट की ओर से दिए गए आवेदन पर विचार करने के बाद रथ यात्रा को अनुमति प्रदान कर दी है. यात्रा पारंपरिक मार्ग से ही निकाली जाएगी.

18 हाथी, 101 झांकियां और 30 अखाड़े होंगे आकर्षण

रथ यात्रा की शुरुआत सबसे आगे चलने वाले 18 सजे-धजे गजराजों (हाथियों) से होगी. उनके पीछे भारतीय संस्कृति, परंपरा और विविधता को प्रदर्शित करती 101 भव्य झांकियां (ट्रक) शामिल होंगी. इसके अलावा, 30 अखाड़ा मंडलियां अपने पारंपरिक व्यायाम और करतबों का प्रदर्शन करेंगी. यात्रा में 18 भजन मंडलियां और 3 बैंड दल भी धार्मिक वातावरण को और भव्य बनाएंगे.

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1,200 श्रद्धालु खींचेंगे भगवान के रथ

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भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों को संतों और श्रद्धालुओं के साथ करीब 1,000 से 1,200 लोग खींचेंगे. आयोजन में हरिद्वार, अयोध्या, नासिक, उज्जैन, जगन्नाथ पुरी और सौराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 2,500 संत-महात्मा भाग लेने के लिए अहमदाबाद पहुंचेंगे. रथ यात्रा का शुभारंभ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल पारंपरिक पहिंद विधि के तहत रथ खींचकर करेंगे. रथ यात्रा के दिन सुबह मंगला आरती के बाद आदिवासी नृत्य और रास-गरबा जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे.

रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रसाद की व्यवस्था की गई है. मंदिर प्रशासन के अनुसार इस बार प्रसाद के रूप में 45,000 किलोग्राम मगवॉर्ट, 500 किलोग्राम जामुन, 500 किलोग्राम आम, 400 किलोग्राम खीरा और अनार वितरित किए जाएंगे. इसके साथ ही भगवान को दो लाख उपरना (पारंपरिक वस्त्र) भी अर्पित किए जाएंगे.

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मंगला आरती के बाद होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

रथ यात्रा से पहले 14 और 15 जुलाई को मंदिर परिसर में कई धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. 14 जुलाई को सुबह 8 बजे गर्भगृह स्थित रत्नवेदी पर भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलदेव की प्रतिष्ठा के साथ नेत्रोत्सव पूजा और षोडशोपचार पूजन किया जाएगा. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान की आंखों पर परंपरागत रूप से पट्टी बांधी जाएगी. इसके बाद सुबह 9:30 बजे मंदिर परिसर में ध्वजारोहण कार्यक्रम होगा. इस अवसर पर गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीशभाई विश्वकर्मा मुख्य अतिथि होंगे. कार्यक्रम में गुजरात सरकार के वरिष्ठ मंत्री हर्ष संघवी, ऋषिकेश पटेल, जीतू वाघानी, अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट, केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे. इस दौरान देशभर से आए संतों का सम्मान भी किया जाएगा.

15 जुलाई को स्वर्ण वेश के दर्शन

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15 जुलाई को सुबह 10 बजे श्रद्धालुओं के लिए भगवान के स्वर्ण वेश (सोने के वस्त्र) के दर्शन कराए जाएंगे. इसके बाद मंदिर परिसर में रथों की प्रतिष्ठा एवं विशेष पूजन होगा. सुबह 11 बजे गजराजों की विशेष पूजा आयोजित की जाएगी, जिसमें आईसीसी के चेयरमैन जय अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे. गुजरात सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे. दोपहर 2:30 बजे गुजरात कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल मंदिर पहुंचेगा, जबकि शाम 5 बजे शहर की पीस कमेटी मंदिर का दौरा करेगी. इसके बाद शाम 6:30 बजे मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल भगवान जगन्नाथ की विशेष पूजा और आरती करेंगे. इसके बाद रात 8 बजे होने वाली भव्य महाआरती में गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे.

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मंदिर ट्रस्ट के अनुसार प्रशासन और पुलिस ने रथ यात्रा के शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां की हैं. यात्रा अपने पारंपरिक मार्ग से निकलेगी और पूरे मार्ग पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे.

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