लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे का भी दर्दनाक अंत, बंदूकधारियों ने घर के बगीचे में गोलियों से भूना
लीबिया के तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के वारिश और आखिरी बेटे सैफ अल इस्लाम की भी उन्हीं के घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई. उन्हें बगीचे में टहलते समय बंदूकधारियों ने गोलियों से भून डाला. वो राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे.
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उत्तरी अफ़्रीकी देश लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. सैफ अल-इस्लाम को चार अज्ञात बंदूकधारियों ने उनके ही जिंटान शहर स्थित घर में घुसकर गोलियों से भून दिया. इस घटना के बाद लीबिया में सैन्य और राजनीतिक संघर्ष के और तेज़ होने की आशंका जताई जा रही है.
सैफ अल इस्लाम की गोली मारकर हत्या!
बताया जा रहा है कि यह घटना उस समय हुई जब सैफ अल-इस्लाम अपने घर के बगीचे में टहल रहे थे. उनकी उम्र 53 वर्ष थी. लीबियाई अधिकारियों और पारिवारिक सूत्रों ने उनकी मौत और इस गोलीबारी की घटना की पुष्टि की है.
सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी, लीबिया और मुस्लिम दुनिया के मशहूर पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे थे. जब गद्दाफी सत्ता में थे, तब सैफ अल-इस्लाम की देश में तूती बोलती थी. वे सरकार, परिवार और सत्ता तंत्र के सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में गिने जाते थे. उन्हें गद्दाफी के बाद सत्ता का प्रमुख दावेदार माना जाता था, क्योंकि गद्दाफी न सिर्फ तानाशाह थे, बल्कि व्यवहारिक रूप से एक मोनार्क भी थे.
गद्दाफी के आखिरी वारिश थे सैफ अल-इस्लाम
ऐसे में उम्र संबंधी समस्याओं के चलते सत्ता सैफ को सौंपे जाने की संभावना थी, लेकिन तख्तापलट और मिडिल ईस्ट क्रांति के बाद न सिर्फ गद्दाफी की सत्ता चली गई, बल्कि 2011 में उनकी हत्या भी कर दी गई. पुलिस और अधिकारियों ने सैफ अल-इस्लाम की हत्या की पुष्टि तो की है, लेकिन हत्या के कारणों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. इस घटना ने एक बार फिर लीबिया की अस्थिर सुरक्षा व्यवस्था और लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक संघर्ष को सुर्खियों में ला दिया है.
घर में घुसे चार बंदूकधारी
लीबियाई मीडिया के मुताबिक, सैफ अल-इस्लाम के वकील खालिद अल-जायदी और उनके राजनीतिक प्रतिनिधियों ने पुष्टि की है कि उनकी हत्या उत्तर-पश्चिमी लीबिया के जिंटान शहर में उनके ही आवास पर की गई.
उनकी राजनीतिक टीम के बयान के अनुसार, चार नकाबपोश बंदूकधारी उनके घर में घुसे, सबसे पहले सुरक्षा कैमरों को निष्क्रिय किया और फिर झड़प के बाद सैफ अल-इस्लाम को गोली मार दी. टीम ने इसे मोटिवेटेड और पूरी तरह से वेल-प्लान्ड मर्डर बताया है. हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे.
हत्या की नहीं चल पाई वजह!
हालांकि, लीबियाई अधिकारियों ने इस हत्याकांड की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हत्या के पीछे मकसद क्या था और यह साजिश किसके इशारे पर रची गई. कुछ रिपोर्ट्स में हमलावरों को एक कमांडो-टाइप यूनिट बताया गया है.
कौन थे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी?
सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी, लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे थे और उनकी उम्र 53 वर्ष थी. उन्हें गद्दाफी का राजनीतिक उत्तराधिकारी भी माना जाता था. मुअम्मर गद्दाफी ने 1969 से 2011 तक, लगभग 42 वर्षों तक लीबिया पर शासन किया.
गद्दाफी की 2011 में कर दी गई हत्या!
2011 में आई मशहूर मिडिल ईस्ट क्रांति (अरब स्प्रिंग) के बाद लीबिया में विद्रोह भड़क उठा और गद्दाफी शासन का अंत हो गया. 20 अक्टूबर 2011 को गद्दाफी की भी एक संदिग्ध सैन्य हमले में हत्या कर दी गई. सैफ अल-इस्लाम ने 2000 के दशक में पश्चिमी देशों के साथ बेहतर संबंध स्थापित करने की कोशिश की थी. पिता की हत्या और सत्ता से बेदखली के बाद उन्होंने करीब एक दशक तक गुमनामी में जीवन बिताया.
उन्हें जिंटान की एक मिलिशिया ने लगभग छह साल तक हिरासत में रखा. 2015 में लीबिया की एक अदालत ने उन्हें मौत की सज़ा भी सुनाई थी. 2021 में उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का ऐलान किया था, लेकिन चुनाव टल गए और वे इसमें हिस्सा नहीं ले सके. हालांकि, वे लंबे समय से राजनीति में दोबारा सक्रिय होने की कोशिश कर रहे थे. ऐसे में उनकी हत्या ने लीबिया की राजनीति और सुरक्षा हालात को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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