दोनों हाथों से बरसा रहा था गोलियां, तभी… वाराणसी में STF एनकाउंटर में ढेर हुआ सुपारी किलर बनारसी यादव, पुलिस ने रखा था एक लाख इनाम
उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद कानून-व्यवस्था में सख्ती दिखी है. इसी कड़ी में वाराणसी में STF ने एक लाख के इनामी अपराधी बनारसी यादव को एनकाउंटर में ढेर कर दिया. उस पर हत्या व लूट समेत 21 मुकदमे दर्ज थे.
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उत्तर प्रदेश में साल 2017 के बाद से कानून व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही साफ़ शब्दों में कह दिया था कि प्रदेश में माफ़िया और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है. या तो वे अपराध छोड़ दें, या फिर जेल की सलाखों के पीछे जाने के लिए तैयार रहें. इसी नीति के तहत पुलिस और एसटीएफ को खुली छूट दी गई, जिसका असर आज जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है.
ताजा मामला वाराणसी से सामने आया है, जहाँ एसटीएफ (STF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी बनारसी यादव (Banarasi Yadav) को एनकाउंटर में मार गिराया है. बनारसी यादव पर हत्या, लूट और गैंग से जुड़े कुल 21 मुकदमे दर्ज थे. वह लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था. जानकारी के अनुसार, बनारसी यादव गाजीपुर जिले के गौरहट करंडा का निवासी था. 21 अगस्त को उसने अपने साथियों अरविंद यादव उर्फ फौजी उर्फ कल्लू और विशाल के साथ मिलकर सारनाथ के अरिहंत नगर कॉलोनी फेज-दो में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्या के लिए बनारसी को पांच लाख रुपये की सुपारी दी गई थी.
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— UPSTF (@uppstf) February 3, 2026
कलनाइजर महेंद्र गौतम की नृशंस हत्या करने वाले एवं एक लाख का इनामी सुपारी किलर बनारसी यादव से आज यू पी एसटीएफ टीम के साथ हुई मुठभेड़ में घायल अवस्था में नजदीकी अस्पताल भेजा गया । जहाँ डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया इस पर दो दर्जन से ज्यादा गंभीर मुकदमे दर्ज है।@Uppolice pic.twitter.com/wYm1W2AvQa
STF टीम को मिली गुप्त सूचना
एसटीएफ वाराणसी को गुप्त सूचना मिली थी कि बनारसी यादव किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से बरियासनपुर के रास्ते दयालपुर की ओर जा रहा है. सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह के निर्देश पर निरीक्षक अमित श्रीवास्तव और अनिल कुमार सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर तैनात हो गए. कुछ ही देर में बाइक पर सवार दो बदमाश दिखाई दिए. एसटीएफ के रोकने पर बाइक चला रहा बदमाश भागने लगा, जबकि पीछे बैठे बनारसी यादव ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में बनारसी के सीने में गोली लगी और वह मौके पर गिर पड़ा. दूसरा बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर बाइक लेकर फरार हो गया. घायल बनारसी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
मुठभेड़ में दोनों हाथ से गोली चला रहा था बनारसी यादव
यूपी एसटीएफ से चल रही मुठभेड़ के दौरान बनारसी यादव दोनों हाथों से .30 और .32 बोर की पिस्टल से फायरिंग कर रहा था. इस दौरान एक गोली निरीक्षक अमित श्रीवास्तव और एक गोली निरीक्षक अनिल कुमार सिंह को लगी. दोनों अधिकारी बुलेट प्रूफ जैकेट पहने हुए थे, जिससे उनकी जान बच गई. मौके से दो पिस्टल और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए गए हैं.
बिल्डर ने रची थी हत्या की साज़िश
इस हत्या की साजिश मुंबई में रहने वाले गाजीपुर के बिल्डर और प्रापर्टी डीलर जोगेंद्र यादव उर्फ फैटू ने रची थी. जमीन विवाद के चलते करीब 50 करोड़ रुपये की 40 बिस्वा जमीन को लेकर यह हत्या करवाई गई. साजिश में संपूर्णानंद शुक्ला उर्फ चंदन शुक्ला और पूर्व प्रधान श्यामप्रकाश राजभर उर्फ रेखा प्रधान भी शामिल थे, जिन्हें पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.
बताते चलें कि वाराणसी एनकाउंटर एक बार फिर यह संदेश देता है कि उत्तर प्रदेश में अब अपराध की कोई जगह नहीं है.योगी सरकार की सख्त नीति के चलते माफ़िया और अपराधी या तो जेल पहुंच रहे हैं या फिर पुलिस की कार्रवाई में ढेर हो रहे हैं.
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