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मोदी-ट्रंप डील का मैजिक, बाजार में दहाड़ा रुपया, 3 साल का रिकॉर्ड टूटा, निवेशकों की चांदी

प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप के बीच ट्रेड डील ने रूपये में नई जान फूंक दी है. यह पिछले 3 वर्षों में रुपये में दर्ज की गई सबसे बड़ी तेजी है.

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आखिरकार वही हुआ जिसकी उम्मीद थी. भारत ने फिर से कूटनीतिक जीत हासिल कर ली है. ट्रंप जो भारत पर टैरिफ पर टैरिफ लगा रहे थे, अंततः अब उसका अंत हो गया, और जैसे ही ट्रंप द्वारा टैरिफ में कटौती का फैसला लिया गया, वैसे ही भारतीय मुद्रा (रुपया) में जबरदस्त उछाल आया है. आज रुपया लगभग 1.2 प्रतिशत की मजबूती के साथ पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा यानी कि उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है. 

अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपया 1.2% चढ़ा

मंगलवार को अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपया 1.2 प्रतिशत चढ़कर 90.40 के स्तर पर आ गया. यह बदलाव तब तब आया जब राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय प्रोडक्ट्स पर लगने वाले टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का ऐलान किया. इसके साथ ही अब भारतीय निर्यात पर लगने वाले भारी शुल्क का बोझ अब कम हुआ है.

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2025 में रुपया एशिया की सबसे फिसड्डी करेंसी 

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आपको बता दें कि साल 2025 भारतीय मुद्रा के लिए काफी कठिन रहा. पिछले साल रुपया एशिया की सबसे फिसड्डी करेंसी साबित हुआ. पूरे साल के दौरान रुपये में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी. जनवरी महीने में ही इसमें 2 प्रतिशत की कमजोरी आई थी. इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण विदेशी निवेश की धीमी रफ़्तार और आयातकों की ओर से डॉलर की बढ़ती माँग को माना जा रहा था. वहीं, हालिया ट्रेड डील ने अब सारा पासा पलट दिया. 

करेंसी में मजबूती आते ही शेयर बाजार ने छुए जादुई आंकड़े

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वहीं, अगर शेयर बाज़ार की बात करें तो भारतीय करेंसी की मजबूती के साथ ही आज शेयर बाज़ार ने भी ऐतिहासिक प्रदर्शन किया. बाज़ार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स ने क़रीब 3,600 अंकों की भारी बढ़त के साथ शुरुआत की और देखते ही देखते 85,000 के जादुई आंकड़े को पार कर लिया. 

निवेशकों की संपत्ति में 23 लाख करोड़ का इजाफा

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बजट दिन बाजार में जो भारी गिरावट और दबाव देखा गया था, वह सोमवार की रैली से कम होना शुरू हुआ और मंगलवार को बाजार ने पूरी तरह ‘बाउंस बैक’ करते हुए नया रिकॉर्ड कायम कर दिया. बाजार की इस तूफानी तेजी की बदौलत निवेशकों की संपत्ति में एक ही झटके में 23 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ. 

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