Budget 2026: सेमी कंडक्टर, रेअर अर्थ को लेकर बड़ा ऐलान, वित्त मंत्री ने कहा- आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं तक ग्रोथ पहुंचाना लक्ष्य
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 9वीं बार बजट पेश कर रही हैं. बजट से सैलरीड क्लास, मध्यम वर्ग, महिलाओं और कारोबारियों को राहत की उम्मीद है. यह बजट ऐसे समय आ रहा है, जब भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के लिए तेज़ विकास, निवेश और रोजगार पर फोकस जरूरी है.
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Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 9वीं बार बजट पेश कर रही हैं. इससे पहले वे राष्ट्रपति भवन पहुंची. यहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बजट के बारे में जानकारी दी. राष्ट्रपति मुर्मू ने सीतारमण को दही-चीनी खिलाई. इस बजट में सरकार कई बड़ी घोषणाएं कर सकती है. वहीं, बजट में कृषि, डिफेंस, एजुकेशन समेत कई सेक्टर में राहत की उम्मीद है.
आर्थिक विकास को गति देने वाला बजट- वित्त मंत्री
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए कहा, आर्थिक विकास को गति देने और उसे बनाए रखने के लिए, मैं 6 क्षेत्रों में हस्तक्षेप का प्रस्ताव करती हूं. इनमें रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ावा देना, विरासत में मिले औद्योगिक क्षेत्रों को पुनर्जीवित करना, अग्रणी लघु एवं मध्यम उद्यमों का निर्माण करना, बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना, दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना, शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास करना है.
Presenting Union Budget 2026-27, Union Finance Minister Nirmala Sitharaman says," To accelerate and sustain economic growth, I propose interventions in six areas -Scaling up manufacturing in 7 strategic sectors; Rejuvenating legacy industrial sectors; Creating champion MSMEs;… pic.twitter.com/UCMYKvzgcK
— ANI (@ANI) February 1, 2026
यह बजट ऐसे दौर में आ रहा है, जब भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और अगले दो वर्षों में तीसरे स्थान पर पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. हालांकि, अमेरिका के ऊंचे टैरिफ और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश को करीब 8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर बनाए रखना बेहद जरूरी होगा. ऐसे में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती देना, निवेश बढ़ाना और रोजगार सृजन वित्त मंत्री के सामने बड़ी प्राथमिकताएं रहेंगी.
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जानकारी देते चलें कि बजट से पहले पेश इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था को वर्किंग-एज आबादी का लाभ मिल रहा है, लेकिन हेल्थ और रोजगार बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। आगामी वित्त वर्ष में 6.8 से 7.2 प्रतिशत की ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है और घरेलू मांग में मजबूती देखी गई है.
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