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देश के आम बजट के बाद कैसा रहता है शेयर बाजार का प्रदर्शन, जानें पिछले 15 बार का ट्रेंड

केंद्र सरकार 1 फरवरी को आम बजट 2026-27 पेश करने जा रही है. हर निवेशक या ट्रेडर के मन में यह सवाल आता है कि बजट के बाद शेयर बाजार कैसा प्रदर्शन करेगा. जानें पिछले 15 बजट के बाद शेयर बाजार ने कैसा प्रदर्शन किया और बाजार की चाल कैसी रही.

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31 Jan 2026
( Updated: 01 Feb 2026
04:59 AM )
देश के आम बजट के बाद कैसा रहता है शेयर बाजार का प्रदर्शन, जानें पिछले 15 बार का ट्रेंड
Union Budget (File Photo)
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक बार फिर 1 फरवरी को आम बजट पेश करने जा रही हैं. वैश्विक अनिश्चितता और ट्रेड वॉर के बीच देेश के बजट से हर सेक्टर को काफी उम्मीदें हैं. अमेरिकी टैरिफ के बीच बाजार उम्मीद लगाए बैठा है कि उन्हें क्या सहूलियतें दी जाएंगी. बजट से पहले देशभर के अलग-अलग सेक्टर्स में उम्मीदों और सुझावों की चर्चा तेज हो गई है. रियल एस्टेट, शेयर बाजार और MSME सेक्टर्स की अपनी-अपनी अपेक्षाएं हैं. आम बजट से पहले हर निवेशक या ट्रेडर के मन में यह सवाल आता है कि बजट के बाद शेयर बाजार कैसा प्रदर्शन करेगा. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि पिछले 15 बजट के बाद शेयर बाजार ने कैसा प्रदर्शन किया और बाजार की चाल कैसी रही.

पिछले 15 बार के बजट में 11 बार बाजार ने दिखाया सकारात्मक रुख

SBI सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में बताया गया कि बजट पेश होने के एक हफ्ते बाद सेंसेक्स ने 15 में से 11 बार सकारात्मक रिटर्न दिया है. इन दौरान निवेशकों को सकारात्मक 2.10 प्रतिशत का रिटर्न मिला है. इस दौरान सेंसेक्स केवल चार बार नुकसान में बंद हुआ है और इस दौरान औसत नुकसान 2.05 प्रतिशत का रहा है.

बजट के तीन महीने बाद BSE सेंसेक्स का कैसा रहा हाल?

बजट पेश होने के तीन महीने की अवधि के बाद सेंसेक्स ने 15 में से नौ बार सकारात्मक रिटर्न दिया है और इस दौरान औसत मुनाफा 6.77 प्रतिशत रहा है. वहीं, छह बार सेंसेक्स ने नकारात्मक रिटर्न दिया है और औसत नुकसान 5.28 प्रतिशत का रहा है.

NIFTY ने Q3 में कैसा किया प्रदर्शन!

निफ्टी में भी कुछ इसी तरह का ट्रेड देखने को मिला है. बजट पेश होने के एक हफ्ते बाद निफ्टी ने 15 में से 12 बार सकारात्मक रिटर्न दिया है. इस दौरान औसत मुनाफा 2.04 प्रतिशत रहा है और तीन बार नकारात्मक रिटर्न दिया है, जिसमें औसत नुकसान 2.65 प्रतिशत रहा है.

बजट पेश होने के तीन महीने की अवधि के बाद निफ्टी ने 15 में से नौ बार सकारात्मक रिटर्न दिया है, जिसमें औसत रिटर्न 7.40 प्रतिशत रहा है और छह बार एनएसई के मुख्य सूचकांक ने नकारात्मक रिटर्न दिया है, जिसमें औसत नुकसान 5.46 प्रतिशत रहा है.

लार्जकैप-स्मॉल कैप का कैसा रहा हाल?

लार्जकैप की तरह ही छोटे और मझोले सूचकांकों का प्रदर्शन रहा है. बजट पेश होने के एक हफ्ते बाद 15 में से 11 बार निफ्टी मिडकैप इंडेक्स और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने सकारात्मक रिटर्न दिया है. इस दौरान इनका औसत रिटर्न क्रमश: 3.1 और 3.3 प्रतिशत रहा है. केवल चार बार इन दोनों इंडेक्स ने नकारात्मक रिटर्न दिया है और औसत नुकसान 2.7 प्रतिशत और 3 प्रतिशत रहा है.

बजट पेश होने के तीन महीने की अवधि के बाद निफ्टी मिडकैप इंडेक्स ने 15 में से 10 बार सकारात्मक रिटर्न दिया है और औसत रिटर्न 8.67 प्रतिशत रहा है, जबकि पांच बार नकारात्मक रिटर्न दिया और इस दौरान औसत नुकसान 7.77 प्रतिशत रहा है.

दूसरी तरफ, स्मॉलकैप इंडेक्स ने 15 में से 7 बार सकारात्मक रिटर्न दिया है और इसका औसत रिटर्न 14.54 प्रतिशत रहा है, जबकि आठ बार नकारात्मक रिटर्न दिया है और औसत नुकसान 8.77 प्रतिशत रहा है.

क्या है विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा 

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केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां होती हैं. 23 जनवरी को समाप्त सप्ताह में ये परिसंपत्तियां 2.36 अरब डॉलर बढ़कर 562.88 अरब डॉलर हो गईं. इन परिसंपत्तियों में डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और जापानी येन जैसी गैर अमेरिकी मुद्राएं भी शामिल होती हैं. इन मुद्राओं के मूल्य में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर भी कुल विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों पर पड़ता है.

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