Maruti 800 EV का कमाल! बॉक्सी लुक और हाई-टेक केबिन ने जीता दिल, क्या सच में लौटेगी आइकॉनिक कार?
Maruti 800 EV:साल 2004 में यह देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार भी बनी. आखिरकार 2010 में कंपनी ने इसका प्रोडक्शन बंद कर दिया, लेकिन लोगों के दिलों में इसकी जगह आज भी वैसी ही है.
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Maruti 800 EV: भारत में अगर कारों की बात होती है तो मारुति 800 का नाम अपने-आप जुबान पर आ जाता है. साल 1983 में जब इसे लॉन्च किया गया था, तब कार खरीदना आम आदमी के लिए सिर्फ एक सपना हुआ करता था. मारुति 800 ने वही सपना सच किया. कम कीमत, शानदार माइलेज और कम खर्च में मेंटेनेंस इन तीन वजहों ने इसे हर मध्यमवर्गीय परिवार की पहली पसंद बना दिया. छोटे परिवार, नौकरीपेशा लोग और पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहक सभी के लिए यह कार एक भरोसेमंद साथी साबित हुई. यही वह मॉडल था जिसने मारुति को भारत की सबसे बड़ी कार कंपनी बनने की मजबूत नींव दी.
उस समय इसकी शुरुआती कीमत करीब 47,500 रुपये थी, जो उस दौर में भी किफायती मानी जाती थी. लगभग 27 सालों तक यह कार सड़कों पर राज करती रही. साल 2004 में यह देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार भी बनी. आखिरकार 2010 में कंपनी ने इसका प्रोडक्शन बंद कर दिया, लेकिन लोगों के दिलों में इसकी जगह आज भी वैसी ही है.
इलेक्ट्रिक दौर की शुरुआत - Maruti e Vitara की एंट्री
समय के साथ ऑटो इंडस्ट्री बदल चुकी है. अब पेट्रोल-डीजल की जगह इलेक्ट्रिक गाड़ियों का दौर शुरू हो चुका है. हाल ही में मारुति ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार e Vitara लॉन्च की है. इसकी शुरुआती कीमत 10.99 लाख रुपये (BaaS स्कीम के तहत) रखी गई है. बैटरी के लिए ग्राहकों को 3.99 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान करना होगा.
इस लॉन्च से यह साफ हो गया है कि कंपनी अब इलेक्ट्रिक भविष्य की ओर बढ़ रही है. जहां e Vitara कंपनी की नई शुरुआत है, वहीं इसने लोगों के मन में एक सवाल भी जगा दिया अगर पुरानी मारुति 800 आज इलेक्ट्रिक रूप में आती, तो कैसी दिखती?
डिजिटल कल्पना – Maruti 800 Electric
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए एक डिजिटल आर्टिस्ट ने मारुति 800 के इलेक्ट्रिक अवतार की कल्पना की है. यह कोई असली कार नहीं है और न ही कंपनी ने ऐसी किसी कार की घोषणा की है. यह सिर्फ एक क्रिएटिव रेंडर है, जिसमें दिखाया गया है कि अगर मारुति 800 आज के समय में इलेक्ट्रिक बनकर आती, तो उसका लुक कैसा होता.
इस कॉन्सेप्ट में पुरानी कार की सादगी और नए जमाने की स्टाइल दोनों का खूबसूरत मेल देखने को मिलता है. इसे नियो-रेट्रो डिजाइन दिया गया है, यानी पुरानी यादों के साथ नया और आधुनिक अंदाज.
बाहर से फ्यूचरिस्टिक, अंदर से मॉडर्न
इस इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट में कार का बॉक्सी शेप बरकरार रखा गया है, जिससे पुरानी मारुति 800 की झलक साफ नजर आती है. लेकिन इसमें कई आधुनिक बदलाव किए गए हैं. आगे की तरफ क्लोज्ड ग्रिल दी गई है, जो आमतौर पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों में देखने को मिलती है. साथ में पतली LED लाइट बार और चौकोर हेडलैंप्स इसे एक हाई-टेक लुक देते हैं.
दरवाजों पर फ्लश डोर हैंडल, एयरो डिस्क व्हील्स और ब्लैक क्लैडिंग इसे साइबरपंक और स्टाइलिश लुक देते हैं. इसका साइज और शेप पुरानी मारुति 800 जैसा ही रखा गया है, लेकिन डिजाइन पूरी तरह से आज के समय के हिसाब से ढाला गया है.
अंदर की बात करें तो इसका केबिन पूरी तरह मिनिमलिस्ट और फ्यूचरिस्टिक दिखाया गया है. साफ-सुथरा डैशबोर्ड, ड्राइवर-सेंट्रिक लेआउट और मॉडर्न डिजाइन इसे आज की नई इलेक्ट्रिक कारों जैसा बनाते हैं.जहां पुरानी मारुति 800 अपने साधारण और उपयोगी डिजाइन के लिए जानी जाती थी, वहीं यह नया कॉन्सेप्ट स्टाइल और तकनीक का प्रतीक बनकर सामने आता है.
पुराना इंजन, नई सोच
अपने समय में मारुति 800 में 796 सीसी का तीन सिलेंडर पेट्रोल इंजन मिलता था, जो लगभग 40 हॉर्सपावर और 59 एनएम टॉर्क देता था.आज के हिसाब से ये आंकड़े छोटे लग सकते हैं, लेकिन 1980 के दशक में यही इंजन भारत में कार क्रांति की शुरुआत का कारण बना था.
अब इस डिजिटल रेंडर में पेट्रोल इंजन की जगह इलेक्ट्रिक मोटर की कल्पना की गई है. यह दिखाता है कि भारत की ऑटो इंडस्ट्री कितनी तेजी से आगे बढ़ चुकी है। पेट्रोल से इलेक्ट्रिक तक का यह सफर सिर्फ तकनीक का बदलाव नहीं है, बल्कि सोच और जरूरतों का भी बदलाव है.
यादों से भविष्य तक
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मारुति 800 सिर्फ एक कार नहीं थी, बल्कि यह लाखों भारतीय परिवारों की यादों का हिस्सा रही है. पहली लंबी ड्राइव, परिवार के साथ छुट्टियां, बच्चों का स्कूल जाना इन सब पलों में यह कार साथ रही. आज भले ही इसका प्रोडक्शन बंद हो चुका हो, लेकिन अगर कभी यह इलेक्ट्रिक अवतार में वापस आती है, तो शायद एक बार फिर इतिहास रच सकती है. यह डिजिटल कॉन्सेप्ट हमें यही सोचने पर मजबूर करता है कि पुरानी यादें और नई तकनीक मिलकर कितना खूबसूरत भविष्य बना सकती हैं.
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