इंस्ताबुल में इजरायली दूतावास के बाहर हमला, भारी गोलीबारी, पुलिस ने दो हमलावरों को किया ढेर
यह गोलीबारी ऐसे समय में हुई है जब ईरान के साथ इजरायल-US संघर्ष चरम पर है. ऐसा तनाव जिससे पूरा खाड़ी क्षेत्र हिल गया है और पूरी दुनिया की एनर्जी सप्लाई पर असर पड़ा है.
Follow Us:
तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में इजरायली कॉन्सुलेट के पास गोलीबारी हुई. स्थानीय मीडिया के अनुसार कुछ लोग बंदूक लेकर पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी जवाब में गोली चलाई. जिसमें दो हमलावर मारे गए.
इसके बाद इलाके को सील कर दिया गया और बड़ी संख्या में पुलिस यूनिट्स को मौका-ए-वारदात पर भेजा गया. इस्तांबुल के गवर्नर दावुत गुल ने कहा, ‘एक आतंकवादी मारा गया और दो घायल हो गए. हमारी पुलिस के उठाए गए कदमों की वजह से, कम नुकसान हुआ. मरने वालों की पहचान करने की कोशिशें जारी हैं. यह एक ऐसा काम था जिससे उकसावे की बू आ रही है.’
पुलिस अधिकारियों पर की ताबड़तोड़ गोलीबारी
इससे पहले एक बयान में, इस्तांबुल पुलिस ने तीन संदिग्धों के मारे जाने की जानकारी दी थी. रॉयटर्स के अनुसार इस गोलीबारी में 3 हमलावर मारे गए जबकि स्थानीय मीडिया ग्रुप्स के अनुसार 2 मारे गए. वारदात में दो पुलिसवाले भी घायल हुए हैं.
ब्रॉडकास्टर एनटीवी ने बताया कि एक बंदूकधारी को घायल हालत में पकड़ लिया गया और दूसरा मारा गया. अपुष्ट खबरों के मुताबिक, संदिग्धों ने बिल्डिंग के पास तैनात पुलिस अधिकारियों पर गोली चलाई, जो एक खास बिजनेस हब में है और यहां बड़े तुर्की बैंकों का हेडक्वार्टर भी है. गवर्नर ने कहा कि हमलावरों ने इजरायली कॉन्सुलेट पर हमला करने के लिए राइफल और बंदूकों का इस्तेमाल किया. वहीं, मंत्री अकिन गुरलेक ने कहा है कि इस मामले की जांच की जा रही है. अभी तक हमलावरों का मकसद पता नहीं चल पाया है. इस्तांबुल में इजरायली कॉन्सुलेट के इर्द गिर्द ठीक-ठाक सुरक्षा व्यवस्था रहती है. यह गोलीबारी ऐसे समय में हुई है जब ईरान के साथ इजरायल-यूएस संघर्ष चरम पर है. ऐसा तनाव जिससे पूरा खाड़ी क्षेत्र हिल गया है और पूरी दुनिया की एनर्जी सप्लाई पर असर पड़ा है.
यह भी पढ़ें- ट्रंप ने अमेरिकी पत्रकारों को दी खुली धमकी, बोले- पायलट की खबर लीक करने वाले का नाम बताओ, वरना…!
यह भी पढ़ें
28 फरवरी को ईरान पर US-इजरायल ने मिसाइलें दागीं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने धमकी दी थी कि अगर ईरान ने मंगलवार रात 8 बजे (अमेरिका समयानुसार) तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला तो उसके जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा. वहीं ईरानी सेना ने कहा कि अब वे चुप नहीं बैठेंगे. अमेरिका और उसके साथियों के ठिकानों पर हमला किया जाएगा.
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें