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सीजफायर के बाद भी हाई अलर्ट पर भारतीय नौसेना, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरेंगे 5-6 जहाज

अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच चली 40 दिन की भीषण जंग पर फिलहाल दो हफ्ते का सीजफायर लागू हो गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर राहत की स्थिति बनी है.

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08 Apr 2026
( Updated: 08 Apr 2026
09:15 PM )
सीजफायर के बाद भी हाई अलर्ट पर भारतीय नौसेना, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरेंगे 5-6 जहाज
Image Credits: IANS
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अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चली 40 दिन की भीषण जंग पर फिलहाल अल्पकालिक विराम लग गया है. दो हफ्ते के सीजफायर की खबर ने दुनिया भर को राहत दी है. इन पूरे 40 दिनों के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबसे ज्यादा चर्चा और चिंता का केंद्र रहा. जहां दुनिया भर का ऊर्जा व्यापार बाधित रहा, वहीं भारतीय नौसेना भारत के ऊर्जा व्यापार को सुरक्षित रखते हुए जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करवाती रही.

ऊर्जा आपूर्ति पर संकट के बीच भारत की सक्रिय भूमिका

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल सीजफायर के बाद भी नेवी पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है और उसकी तैनाती में कोई बदलाव नहीं किया गया है. सूत्रों के अनुसार, सीजफायर के बाद पहली खेप में 5 से 6 जहाज जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर सकते हैं. जहाजों के क्रू और ईरान के स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत जारी है.

एस्कॉर्ट ऑपरेशन जारी, SOP में कोई बदलाव नहीं

खास बात यह है कि अभी नेवी के एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) में कोई बदलाव नहीं हुआ है. जिस तरह भारतीय नौसेना टैंकरों को एस्कॉर्ट कर रही थी और उन्हें होर्मुज पार करने के लिए गाइड कर रही थी, वह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी. जंग की शुरुआत में होर्मुज के पश्चिम में 25 भारतीय फ्लैग्ड शिप मौजूद थे. इनमें से अब तक 9 जहाज एक-एक कर होर्मुज पार कर चुके हैं.

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भारतीय नौसेना लगातार इस पूरे इलाके में मरीन ट्रैफिक और जहाजों पर हमलों की निगरानी गुरुग्राम स्थित आईएफसी-आईओआर (इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर – इंडियन ओशन रीजन) के माध्यम से कर रही है. आईएफसी-आईओआर एक मैरिटाइम सिक्योरिटी सेंटर है, जिसे भारतीय नौसेना संचालित करती है. इस सेंटर से 28 देशों के कुल 76 लिंक जुड़े हुए हैं, जो संबंधित क्षेत्रों की रीयल-टाइम मैरिटाइम सिचुएशन और जानकारी उपलब्ध कराते हैं.

आईएफसी-आईओआर से 24×7 निगरानी

इस सेंटर के माध्यम से 24×7 जानकारी साझा की जाती है. इसमें समुद्री डकैती, ड्रोन हमले, अवैध गतिविधियों की निगरानी, जानकारी जुटाना, विश्लेषण करना और संबंधित देशों के साथ सूचना साझा करना शामिल है. वर्तमान में 14 अंतरराष्ट्रीय लियाजॉन अधिकारी इस सेंटर में तैनात हैं.

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30 घटनाएं, 10 लोगों की मौत

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आईएफसी-आईओआर की ओर से मंगलवार को फारस की खाड़ी को लेकर 6 अप्रैल तक की एक रिपोर्ट जारी की गई. इसके मुताबिक, जंग शुरू होने से लेकर 6 अप्रैल तक फारस की खाड़ी से लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ओमान की खाड़ी तक कुल 30 घटनाएं रिपोर्ट हुईं. इनमें 23 जहाजों को निशाना बनाया गया, जिसमें 2 मिसाइल हमले, 3 ड्रोन हमले, 19 अज्ञात प्रोजेक्टाइल, 1 डब्ल्यूबीआईईडी, 1 संदिग्ध गतिविधि और 4 अन्य घटनाएं शामिल हैं. इन घटनाओं में कुल 10 लोगों की जान गई.

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