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LPG सिलेंडर का नया नियम, हरियाणा में बेटियों की शादी और जरूरी सेवाओं को मिलेगी प्राथमिकता

Haryana LPG New Rules: अब हर एक जिले में एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी डिप्टी कमिश्नर करेगे. यह कमेटी देखेगी की जिले में सिलिंडरों की जरूरत कितनी है और किसको कितना सिलिंडर मिलें.

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16 Mar 2026
( Updated: 16 Mar 2026
01:34 PM )
LPG सिलेंडर का नया नियम, हरियाणा में बेटियों की शादी और जरूरी सेवाओं को मिलेगी प्राथमिकता
Image Source: Social Media

Haryana LPG New Rules: Iran War के चलते दुनियाभर तेल और गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है. खासकर होर्मुज स्‍ट्रेट से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के चलते हालत गंभीर हो गए हैं. तमाम तरह की बाधाओं के बावजूद हरियाणा सरकार ने  LPG सिलिंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था शुरू की है. अब हर एक जिले में एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी डिप्टी कमिश्नर करेगे. यह कमेटी देखेगी की जिले में सिलिंडरों की जरूरत कितनी है और किसको कितना सिलिंडर मिलें. इसके साथ ही-  राज्य सरकार के लिए रोजाना के औसत खपत का 20 % हिस्सा अलग रखा जाएगा. इसका मतलब, हमेशा कुछ सिलिंडर जरूरी सेवाओं और बेहद खास मामलों के लिए सुरक्षित रहेगे.

अस्पताल, विद्यालय और शादी के लिए प्राथमिकता

वहीं इस नई नीति में सबसे पहले हॉस्पिटल को सिलिंडर दिया जाएगा. मरीजो की सुविधा के लिए यह कदम बेहद जरूरी है. इसके अलावा - स्कूल, कॉलेज और छात्रावासों को भी उनकी जरूरत के अनुसार गैस उपलब्ध कराई जाएगी। शादी-विवाह जैसे समारोह के लिए भी सिलिंडर मिल सकते हैं. खासतौर पर बेटियों की शादी में प्राथमिकता दी जाएगी. यानि, अगर किसी लड़की की शादी का सीजन है, तो कमेटी यह देखेगी कि सिलिंडर समय पर उपलब्ध हों.

कमेटी में कौन होंगे और क्या - क्या करेंगे ?

हर जिले में बनने वाली कमेटी में पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी सदस्य होंग.  वहीं जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (District Food and Supplies Controller - DFSC )कमेटी के सदस्य सचिव होंगे. कमेटी का काम यह सुनिश्चित करना है कि जिले में जो गैस स्टॉक है, वह जरूरत के हिसाब से सही जगह पर पहुंचे. अगर किसी इलाके में अचानक ज्यादा मांग बढ़ जाए, तो कमेटी तुरंत फैसला ले सकती है.

अन्य व्यवसायों के लिए नियम

इसके साथ ही, अन्य व्यवसायों को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी. यानी की आम दुकानों या कंपनियों को सिलिंडर मिलने में देरी हो सकती है. सभी जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि वे तेल कंपनियों के स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करें कि 20 प्रतिशत स्टॉक हमेशा राज्य सरकार के लिए सुरक्षित रहे.

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इन नियमों से न केवल हॉस्पिटल, स्कूल और छात्रावास को फायदा होगा, बल्कि शादी और सोशल कार्यक्रमों में भी सिलिंडर की कमी नहीं होगी. लोगों को अब ज्यादा टेंशन लेनें की जरूरत नहीं है.

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