बिहार राज्यसभा चुनाव में बड़ा ट्विस्ट, NDA के 202 विधायक ने डाला वोट; RJD-कांग्रेस के 4 MLA ‘नॉट रिचेबल’
बिहार में राज्यसभा चुनाव के सोमवार को मतदान हो रहा है. अब तक 239 विधायकों ने वोट डाले हैं और एनडीए के सभी 202 विधायक मतदान कर चुके हैं. वहीं कांग्रेस के तीन और आरजेडी का एक विधायक मतदान से गायब बताए जा रहे हैं.
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बिहार में राज्यसभा चुनाव को सोमवार को राजनीतिक गलियारों में काफी हलचल देखने को मिली. सत्ता पक्ष एनडीए हो या विपक्ष की इंडिया महागठबंधन दोनों ही खेमों से गतिविधियां काफी तेज़ रहीं. इस दौरान कई घटनाक्रम ऐसे हुए जिसनें पाँच सीटों पर हो रहे मतदान को दिलचस्प बना दिया. खबर लिखे जाने तक 239 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है. इसमें सबसे अहम बात यह रही कि एनडीए (NDA) खेमे के लगभग सभी 202 विधायक समय पर मतदान करने पहुंच गए. वहीं विपक्ष के कुछ विधायक देर तक विधानसभा नहीं पहुंचे, जिससे सियासी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया.
गायब विधायकों ने बढ़ाया सियासी तापमान
इस चुनाव के बीच सबसे ज्यादा चर्चा उन चार विधायकों को लेकर हो रही है जो मतदान के समय तक विधानसभा नहीं पहुंचे थे. इनमें कांग्रेस के तीन विधायक और आरजेडी का एक विधायक शामिल बताए जा रहे हैं. जानकारी के मुताबिक इन विधायकों के मोबाइल फोन भी बंद हैं. इसी वजह से उनके संपर्क में आना मुश्किल हो गया है और कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि जिन विधायकों के बारे में चर्चा है उनमें वाल्मीकिनगर से कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा, फारबिसगंज से मनोज विश्वास, मनिहारी से मनोहर सिंह और ढाका से आरजेडी विधायक फैजल रहमान का नाम शामिल है. यदि ये विधायक शाम चार बजे तक मतदान के लिए नहीं पहुंचे, तो इससे एनडीए को सीधा फायदा मिल सकता है.
पांचवीं सीट पर टिका है पूरा मुकाबला
दरअसल बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान कराया जा रहा है और कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं. मौजूदा संख्या बल की बात करें तो एनडीए के पास लगभग 202 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है. दूसरी ओर महागठबंधन के पास करीब 35 विधायक हैं. यही कारण है कि चार सीटों पर एनडीए की स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही है. असली मुकाबला पांचवीं सीट को लेकर माना जा रहा है. इस सीट के लिए दोनों खेमों के बीच जोड़-तोड़ और रणनीति की चर्चा तेज हो गई है.
आज बिहार विधानसभा परिसर में आयोजित राज्यसभा चुनाव के अवसर पर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin जी ने मतदान कर अपने लोकतांत्रिक दायित्व का निर्वहन किया।
— BJP Bihar (@BJP4Bihar) March 16, 2026
लोकतंत्र के इस महापर्व में सक्रिय भागीदारी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। pic.twitter.com/yuo9AYpHBK
दो महिला विधायकों को लेकर हलचल
इसी बीच एक और दिलचस्प घटनाक्रम ने सियासी हलचल को बढ़ा दिया. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी की दो महिला विधायकों को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ देखा गया. बताया गया कि वे महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी और एआईएमआईएम के विधायकों के साथ वोटिंग के लिए जाते नजर आईं. इसके बाद यह अटकलें तेज हो गईं कि कहीं क्रॉस वोटिंग तो नहीं होने वाली है.
जेल से वोट डालने पहुंचे अनंत सिंह
राज्यसभा चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए मोकामा से विधायक अनंत सिंह जेल से एंबुलेंस वाहन से विधानसभा पहुंचे और मतदान किया. इस दौरान उन्होंने मिडिय से भी बात की और सभी 5 सीटों पर एनडीए की जीत का दावा किया और ख़ुद के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अब आने वाले दिनों में जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं रहेंगे तो वो भी अब चुनाव नहीं लड़ेंगे.
तेजस्वी यादव ने भी जताया जीत का भरोसा
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वही दूसरी तरफ़ बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी जीत का भरोसा जताया. उन्हें दावा किया है कि विपक्ष गठबंधन को इस चुनाव में एआईएमआईएम और बसपा का समर्थन मिला है और उनके पास पर्याप्त आंकड़े हैं. उन्होंने दावा किया कि विपक्षी खेमे का आंकड़ा 41 तक पहुंच चुका है. ऐसे में अब सबकी नजर अंतिम नतीजों पर टिकी है कि सियासी दावों और गणित में किसकी बाजी भारी पड़ती है.
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