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जो नीतीश की परछाई से बाहर निकाले, संगठन का विस्तार करे...बिहार में कौन होगा BJP का पहला CM, ये 4 नाम सबसे आगे!

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के ऐलान के बाद से ही बिहार में पहले बीजेपी मुख्यमंत्री की खोज शुरू हो गई है. सम्राट चौधरी के अलावा तीन और नाम भी रेस में बताए जा रहे हैं.

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05 Mar 2026
( Updated: 05 Mar 2026
03:14 PM )
जो नीतीश की परछाई से बाहर निकाले, संगठन का विस्तार करे...बिहार में कौन होगा BJP का पहला CM, ये 4 नाम सबसे आगे!

बिहार में करीब 20 साल बाद बड़ा सियासी बदलाव होने जा रहा है. इस बार सिर्फ सरकार नहीं, बल्कि सरकार का चेहरा भी हमेशा के लिए बदलने वाला है. 2005 से ही एक-दूसरे के पर्याय बन चुके नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और मुख्यमंत्री पद, दोनों अब बदलने जा रहे हैं.

जी हां, नीतीश अब राज्य की सियासत की बागडोर किसी दूसरे को सौंपने की तैयारी में हैं. इसके साथ ही राज्य के मुखिया के तौर पर एक युग का अंत हो जाएगा.

नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं. उन्होंने खुद इस बारे में सोशल मीडिया पर ऐलान किया. इसके साथ ही लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लग गया. चर्चा है कि नीतीश के बेटे निशांत को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, बीजेपी का पहली बार मुख्यमंत्री होगा और नीतीश केंद्र की राजनीति में सक्रिय रहेंगे. ऐसा लगभग तय माना जा रहा है.

नीतीश राज्यसभा जा रहे

नीतीश के ऊपरी सदन जाने के बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री का चुनाव करना होगा. इसी कड़ी में बीजेपी के कई नेताओं के नाम सीएम पद के लिए सामने आ रहे हैं. हालांकि सम्राट चौधरी सबसे आगे बताए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें कड़ी चुनौती भी मिल रही है.

ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि बीजेपी के किस नेता के सिर सत्ता का ताज सजेगा?

बिहार सरकार में होने जा रहे बड़े फेरबदल को विपक्ष ‘महाराष्ट्र फॉर्मूला’ बता रहा है. माना जा रहा है कि नई सरकार बनने के छह महीने के भीतर बड़ा बदलाव हो सकता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दिल्ली जाने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा थी कि वे केंद्र और राज्य, दोनों सदनों के सदस्य बनें. ऐसे में अब दो दशक बाद बिहार में (जीतन राम मांझी को छोड़कर) कोई दूसरा मुख्यमंत्री होगा.

ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि नीतीश की जगह बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा और उपमुख्यमंत्री किसे बनाया जाएगा.

बीजेपी हमेशा अपने फैसलों से राजनीतिक पंडितों को चौंकाती रही है. लेकिन बिहार की मौजूदा परिस्थितियों में कई बड़े नेताओं के नाम सीएम पद की रेस में चल रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah पटना पहुंचे हैं. बीजेपी अध्यक्ष Nitin Nabin और नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के दौरान अमित शाह मौजूद रहेंगे.

CM की रेस में बीजेपी के कौन नेता?

सूत्रों के मुताबिक बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए कई चर्चित नाम आगे चल रहे हैं. इस सूची में मौजूदा डिप्टी सीएम Samrat Choudhary सबसे आगे बताए जा रहे हैं. वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Dilip Jaiswal, Sanjeev Chaurasia और केंद्रीय मंत्री Nityanand Rai के नाम की भी चर्चा है.

एनडीए के भीतर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि बीजेपी ऐसा किसे मुख्यमंत्री बनाए जो नीतीश की परछाई से अलग पार्टी की पहचान स्थापित कर सके और Tejashwi Yadav के सामने कमजोर न दिखे. पार्टी ऐसे चेहरे पर दांव लगाना चाहती है जिसके सहारे राज्य में बीजेपी का संगठन अपने दम पर मजबूत हो सके.

सम्राट चौधरी फ्रंट रनर

बीजेपी की ‘लव-कुश’ राजनीति के लिहाज से देखें तो बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. सम्राट चौधरी ओबीसी वर्ग के कुशवाहा समाज से आते हैं. पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने संगठन और सरकार दोनों स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत की है. उनकी पहचान एक आक्रामक नेता के रूप में रही है, जो लालू परिवार से सीधे टकराने के लिए जाने जाते हैं.

सम्राट के लिए पॉजिटिव फैक्टर

कभी नीतीश की सत्ता उखाड़ फेंकने की कसम खाने वाले सम्राट चौधरी ने पिछले दो वर्षों में नीतीश कुमार के डिप्टी के रूप में काम करते हुए शासन का अनुभव भी हासिल किया है. इस लिहाज से उन्हें प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से मजबूत दावेदार माना जा रहा है. हालांकि बीजेपी कई राज्यों में पहली बार के विधायक या कम चर्चित चेहरों को भी मुख्यमंत्री बनाकर सबको चौंका चुकी है, जैसे Mohan Majhi और Bhajan Lal Sharma.

CM रेस में नित्यानंद राय भी

बीजेपी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री पद की रेस में दूसरा बड़ा नाम केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का है. नित्यानंद राय ओबीसी और खासकर यादव समाज से आते हैं. राजद के MY समीकरण की काट के तौर पर बीजेपी उन्हें एक मजबूत विकल्प मान सकती है.

नित्यानंद राय पिछले छह वर्षों से मोदी सरकार में गृह राज्य मंत्री के तौर पर काम कर रहे हैं. बीजेपी उन्हें 2029 में तेजस्वी यादव के खिलाफ बड़े चेहरे के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकती है. आपको बता दें कि यादव वोट बैंक पर पारंपरिक रूप से Lalu Prasad Yadav और तेजस्वी यादव का दबदबा 1990 के बाद से बना हुआ है.

अमित शाह के करीबी दिलीप जायसवाल भी रेस में

बिहार में बीजेपी का पहला मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल का नाम भी सामने आ रहा है. दिलीप जायसवाल ईबीसी वैश्य समुदाय से आते हैं. ऐसे में बीजेपी ओबीसी और ईबीसी के बीच संतुलन बनाने के लिए उन पर दांव लगा सकती है.

सीमांचल क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने वाले दिलीप जायसवाल वैश्य (कलवार) समाज से आते हैं. पार्टी के भीतर उन्हें शांत, सौम्य और संतुलित स्वभाव वाला नेता माना जाता है.

उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी करीबी मानी जाती है. इसे ऐसे समझा जा सकता है कि शाह जब भी सीमांचल दौरे पर किशनगंज पहुंचते हैं, तो अक्सर दिलीप जायसवाल के मेडिकल कॉलेज में ही ठहरते हैं. इससे उनकी केंद्रीय नेतृत्व तक अच्छी पहुंच मानी जाती है.

कौन हैं संजीव चौरसिया?

बीजेपी के संभावित मुख्यमंत्री चेहरों में पटना की दीघा विधानसभा सीट से पांच बार के विधायक संजीव चौरसिया का नाम भी चर्चा में है. संजीव चौरसिया वैश्य समाज से आते हैं और पटना क्षेत्र में मजबूत संगठनात्मक पकड़ रखने वाले नेता माने जाते हैं.

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कई बार विधायक रहने के कारण उनके पास प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव भी है. उनके पिता Ganga Prasad भाजपा के संस्थापक सदस्यों में रहे हैं और पहले Sikkim के राज्यपाल भी रह चुके हैं. इससे संजीव चौरसिया की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी मजबूत मानी जाती है.

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