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'ईरान पर हमले के लिए अमेरिका ने किया भारतीय पोर्ट का इस्तेमाल...?', दावे का MEA ने बता दिया पूरा सच

भारत की भूमि विदेशी सैन्य अड्डों का ठिकाना नहीं बनेगी. भारत हमेशा से इस नीति पर चला, लेकिन ईरान-अमेरिका की जंग में एक पूर्व कर्नल के दावे ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया. जिस पर विदेश मंत्रालय का बयान आया है.

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05 Mar 2026
( Updated: 05 Mar 2026
03:33 PM )
'ईरान पर हमले के लिए अमेरिका ने किया भारतीय पोर्ट का इस्तेमाल...?', दावे का MEA ने बता दिया पूरा सच

Iran-US Tension: ईरान और इजरायल-अमेरिका जंग को 6 दिन हो गए हैं. ईरानियन बारूद के साए में हैं तो मिडिल ईस्ट के कई देशों में भी सायरन गूंज रहे हैं. दोनों ओर से टकराव के बीच कई ईरान-अमेरिका टकराव को लेकर कई दावे भी किए जा रहे हैं. इसमें एक दावा ये है कि अमेरिका ईरान पर हमले के लिए भारत की मदद ले रहा है. अब भारत सरकार ने ऐसे दावों पर चुप्पी तोड़ी है. 

अमेरिका के एक पूर्व कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने दावा किया कि अमेरिका के सारे ठिकाने ईरानी हमले में तबाह हो चुके हैं. अब ईरान पर नए हमले के लिए अमेरिका को भारत के बेस की मदद लेनी पड़ रही है. उन्होंने वन अमेरिका न्यूज नेटवर्क (OAN) को दिए इंटरव्यू में दावा किया, ‘मध्य पूर्व में अमेरिकी बेस तबाह होने के कारण अमेरिका अब भारतीय बंदरगाहों पर निर्भर है.’

भारत ने दावे को बताया मनगढ़ंत

डगलस मैकग्रेगर के दावे पर भारत का बयान आया है. विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए इन दावों का खंडन किया है. विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘OAN पर किए जा रहे दावे पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं. हम ऐसी भ्रामक टिप्पणियों के खिलाफ चेतावनी देते हैं.’  

पोस्ट में विदेश मंत्रालय ने डगलस मैकग्रेगर के इंटरव्यू की फोटो शेयर करते हुए उन पर Fake साइन भी बनाया. इसका मतलब साफ है भारत ने अपनी धरती पर विदेशी सैन्य अड्डे बनाने की इजाजत नहीं दी हैं. 

ईरान-अमेरिका जंग पर भारत ने क्या कहा? 

अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत कईल ठिकानों पर हमला किया है. हजारों मिसाइलें ईरान के शहरों पर बम बरसा रही हैं. इस बीच भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है. 

भारत से जा रही ईरानी युद्धपोत पर हमला 

इजरायल और अमेरिका के साथ जंग में ईरान को तगड़ा झटका लगा है. अमेरिका ने उसके युद्धपोत IRIS देना को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया था. श्रीलंका की नौसेना ने इसकी पुष्टि की है. युद्धपोत पर हमले में अब तक 87 लोग मारे गए हैं. बताया जा रहा है, यह ईरानी जहाज 25 फरवरी को यह भारत से रवाना हुआ था. यह 18 फरवरी को भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) और MILAN-2026 मल्टीलेटरल नेवल एक्सरसाइज में हिस्सा लेने आया था. 

ईरान में पिछले 6 दिनों से जंग जारी है. 28 फरवरी को इजरायल-अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान में जोरदार हमले किए. जिसमें सर्वौच्च नेता अली खामेनेई, सेना के टॉप कमांडर और कई टॉप लीडर्स मारे गए. इन 6 दिनों में ईरान को भारी नुकसान हुआ है. इजरायल-अमेरिका के हमले में अब तक 1045 लोगों के मारे जाने का दावा है. 

ईरान के जवाबी हमले 

ईरान ने जवाब में इजरायल, UAE, दुबई, बहरीन, कतर, कुवैत, जॉर्डन, सऊदी अरब समेत 8 देशों पर हमला किया. मिडिल ईस्ट में ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बेस को निशाना बनाया है. 

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