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“मिट गये सनातन को मिटाने का सपना देखने वाले” - चुनाव नतीजों पर दहाड़े राजा भैया, क्या DMK पर किया इशारा?

Tamil Nadu VidhanSabha Election: केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में विजय थलापति की TVK पार्टी ने DMK को हराकर कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने का रास्ता बनाया है  तमिलनाडु के इन नतीजों ने केवल दक्षिण भारत की राजनीति ही नहीं हिलाई, बल्कि उत्तर प्रदेश में भी हलचल मचा दी है, UP के प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से विधायक और जनसत्ता दल के प्रमुख राजा भैया ने DMK की हार पर तीखी प्रतिक्रिया दी है..

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05 May 2026
( Updated: 05 May 2026
02:55 PM )
“मिट गये सनातन को मिटाने का सपना देखने वाले” - चुनाव नतीजों पर दहाड़े राजा भैया, क्या DMK पर किया इशारा?
Image Source: Raja Bhaiya/MK Stalin Twitter
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Raja Bhaiya Tweet: पांच राज्यों में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए है और सभी राजनितिक दल अपने -अपने तरीके से इस पर प्रतिक्रिया दे रहे है. पश्चिम बंगाल , असम और पुंडुचेरी में BJP ने शानदार जीत हासिल की है. केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में विजय थलापति की TVK पार्टी ने DMK को हराकर कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने का रास्ता बनाया है  तमिलनाडु के इन नतीजों ने केवल दक्षिण भारत की राजनीति ही नहीं हिलाई, बल्कि उत्तर प्रदेश में भी हलचल मचा दी है, UP के प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से विधायक और जनसत्ता दल के प्रमुख राजा भैया ने DMK की हार पर तीखी प्रतिक्रिया दी है..

राजा भैया ने किया ट्वीट और पुराना विवाद याद दिलाया

राजा भैया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मिट गये सनातन को मिटाने का सपना देखने वाले.” इसके साथ ही उन्होंने 3 सितंबर 2023 का अपना पुराना ट्वीट भी रिट्वीट किया. उस ट्वीट में उन्होंने उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म के बारे में दिए विवादित बयान की कड़ी आलोचना की थी.
राजा भैया का इशारा साफ था -  तमिलनाडु के हालिया चुनावी नतीजों में DMK गठबंधन की हार में हिंदू मतदाताओं की नाराजगी की भूमिका रही है. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि उदयनिधि स्टालिन के बयान ने हिंदू मतदाताओं में असंतोष पैदा किया और इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा.

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2023 का विवाद -  क्या कहा था उदयनिधि स्टालिन?

तीन साल पहले, 2023 में एक सम्मेलन के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने कहा था कि “सनातन धर्म मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों की तरह है, जिसे सिर्फ विरोध नहीं करना चाहिए बल्कि जड़ से मिटा देना चाहिए.”
इस बयान पर राजा भैया ने तुरंत प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा कि यह बयान हिंदुओं के प्रति डीएमके की नकारात्मक सोच को दर्शाता है. साथ ही उन्होंने तत्कालीन गठबंधन से भी मांग की थी कि इस मामले पर स्थिति स्पष्ट की जाए.

यूपी में ‘सनातन’ मुद्दा और राजनीतिक संदेश

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राजा भैया का यह तंज सिर्फ स्टालिन तक ही नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी के कर्ता-धर्ता अखिलेश यादव के लिए भी था, जो हमेशा से ही उनके बयान सनातन के विरोध में रहे हैं.  वहीं, राजा भैया का यह ट्वीट ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में हिंदुत्व और सनातन धर्म के मुद्दे पर सियासी तापमान बढ़ा हुआ है. हाल के वर्षों में राजा भैया इन मुद्दों पर मुखर रहे हैं और जनता में अपनी छवि मजबूत कर रहे हैं..
विश्लेषकों का मानना है कि राजा भैया तमिलनाडु के नतीजों को सनातन धर्म की जीत बताते हुए यूपी में अपने राजनीतिक आधार को और मजबूत करना चाहते हैं. उनका संदेश साफ है - जो भी विचारधारा सनातन धर्म को खत्म करने की कोशिश करेगी, जनता उसे लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी.

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